The Download Link has been successfully sent to your Mobile Number. Please Download the App.
You are welcome to the world of inspiring, thrilling and motivating stories written in your own language by the young and aspiring authors on Matrubharti. You will get a life time experience of falling in love with stories.
जब महाराज देववर्धन की मुख्य चिता पूरी तरह तैयार हो गई, तब महारानी रुक्मिणी ने अप...
चेतना का त्रिकोण वेदांत 2.0द्रष्टा • दृश्य • दर्शनद्वन्द्व, द्वैत और अद्वैत का ए...
——————- &...
(जंगल में गहरा सन्नाटा छाया है।पेड़ों के बीच से धुंध की परतें निकल रही हैं।18 सा...
 शहद की गुड़िया- प्रकरण 75 " दादू की सासु मा ललिता पवा...
सुबह की हल्की धूप गाँव के पुराने घरों पर चमक रही थी।18 साल की आशी वर्मा, हल्के ग...
टाइटलमनोज: एक ज़िद्दी लड़के की कहानीडिस्क्रिप्शनमनोज एक छोटे शहर का लड़का है। उस...
पहला हा सही सुना अपने कुछ उसके बारे में एहसास से ज्यादा करने का मन हो रहा है सोच...
शीर्षक: मौन की आवाजगांव के किनारे एक पुराना बरगद का पेड़ था. उसकी छांव में रोज़...
-------------स्टाफ रूम का माहोल अजीब सा हो गया था। चारू हैरत मु आर्दश को देख रहे...
अध्याय 1: अनाथ आश्रम की रहस्यमयी लड़की भाग 1 शहर की चकाचौंध से दूर, पुराने पहाड़ों के बीच एक छोटा सा अनाथ आश्रम था — "नई उम्मीद आश्रम"। यह आश्रम बाहर से साधारण दिख...
यह कहानी बहुत समय पहले की है ... करीब चार सौ - पांच सौ साल पहले की ................ नेपाल के सरहद से सटा भारत में एक छोटा सा गाँव था विष्णुपुर । इसी गाँव के ठीक बीचोबीच बने कु...
Part 1: श्रापित गांव ~ साल था 1826। जगह थी - *राजस्थान का गांव "धू-धू"*। पिछले 100 साल से यहां बारिश नहीं हुई। कुएं सूखे। खेत बंजर। लोग भूखे। बूढ़े कहते थे: "य...
झूठ बोल कर निकली, ये कहानी शुरू होती है एक झूठ से, प्रतिज्ञा ने अपने घर पर सबको बोला था, कि वो कॉलेज ट्रिप पर जा रही है, लेकिन सच ये था कि, ये कोई आम कॉलेज ट्रिप नहीं थी, ये एक कपल...
बॉस… आपने जैसा कहा था, काम हो गया है… वह उसी तरह एक पैर पर दूसरा पैर रखे, उस घने अंधेरे कमरे में कुर्सी को आगे-पीछे झुलाते हुए बैठा था। छह फीट से भी लंबा उसका शरीर मानो उस अंधेरे...
रुद्रपुर की पहाड़ियों पर आज रात आसमां से पानी नहीं, बल्कि साक्षात कहर बरस रहा था। बादलों के गरजने की गूँज ऐसी थी मानो पहाड़ अपना सीना पीट रहे हों। मूसलाधार बारिश ने नीचे की घाटियों क...
दुनिया सीधे लोगों की नहीं हैं.... चलाक बनो.. जानकारी उतनी ही इकठी करो जिसको तुम रख सकते हो.. जयादा जानकारी बहुत सेहत के लिए हानिकारक होती हैं.. हाँ मेरी बात अक्सर त्रिपाठी से होती...
"रात का गहरा सन्नाटा था, जिसे सिर्फ तेज़ बारिश और बिजली की कड़क तोड़ रही थी। 8 साल की छोटी आन्या अपने रास्ते से भटक कर घने जंगल के बीचों-बीच खड़ी थी। उसके नन्हे पाँव कीचड़ में...
इस तरह एक सदियां बीत गए।। लेकिन नैना वनवास खत्म नहीं हुआ था शायद वो अब जिंदगी को एक नया मोड़ पर समझना चाहती थी। और फिर नैना को अब सब कुछ अच्छा लगने लगा था क्या चल रहा था नैन...
मुंबई का एक मशहूर कॉलेज, कैंटीन की भीड़ और दोस्तों की मस्ती। एग्जाम्स खत्म हो चुके थे और सभी के चेहरों पर छुट्टियों की खुशी थी। राम, विनोद, सृष्टि, अनामिका, सौरभ, मेहुल और मोनिक...
लॉग इन करें
लॉगिन से आप मातृभारती के "उपयोग के नियम" और "गोपनीयता नीति" से अपनी सहमती प्रकट करते हैं.
वेरिफिकेशन
ऐप डाउनलोड करें
ऐप डाउनलोड करने के लिए लिंक प्राप्त करें
Copyright © 2026, Matrubharti Technologies Pvt. Ltd. All Rights Reserved | Powered by Custom Web Development Company India.
Please enable javascript on your browser