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(जंगल की ठंडी हवा में सिमरन और करण एक सुरक्षित जगह पर बैठे हैं। सिमरन अब कुछ हिम...
हैलो फ्रेंड्स ! मैं हूँ विधि आहूजा! ओह ! अच्छा तो आप ये सोच रहे हैं कि मैं आखिर...
रामलाल ने अपनी माँ की मृत देह को धीरे से जमीन पर रख दिया।कुछ क्षण तक वह निःशब्द...
उसी समय मैं पहली बार रुद्रनाथ मंदिर की यात्रा पर गया।करीब 25 किलोमीटर की पैदल या...
शाहद की गुड़िया - प्रकरण 87 " सुकू! शहद की गुड़िया का...
अध्याय 1: बारिश की वो शाम और एक अजनबी डायरीसूरज की किरणें जब ढलने लगती हैं और शह...
अध्याय 1जंगल का श्रापघना जंगल—इतना घना कि सूरज की सुनहरी किरणें भी ज़मीन तक पहुँ...
युवराज ने कहा,"सच कहा मित्र, तो... प्रतापगढ़ के राजकुमार, युवराज उदयवीर प्रताप स...
कमरे के भारी दरवाज़े के ऑटोमैटिक लॉक होने की गूँज अभी माया के कानों में ठहरी भी...
लोग अक्सर ऐसा क्यों चाहते हैं कि हम उनके मन के मुताबिक ही चलें । जो उन्हें अच्छा...
दूर कही एक सुनसान घना जंगल था। जहां चारों तरफ एक खामोशी छाई हुई थी उस जंगल में कोई भी जानवर आने से डरता था उसी जंगल के बीच से होकर उदयपुर तक जाने का एक रास्ता था दिन को तो लोग उस र...
शहर की भीड़भाड़ से दूर, एक संकरी गली के कोने में बना वह छोटा सा कैफे, 'द ओल्ड ओक', आज कुछ ज्यादा ही खामोश लग रहा था। शायद उस खामोशी की वजह दोपहर का वक्त था, या शायद कुदरत ख...
बेटे की परीक्षा समाप्त हो गई थी। श्रीश भी जिद करने लगा मम्मी कहीं बाहर घुमाकर लाओ। मेरी भाभी जम्मू रहती हैं पिछले पाँच साल से। लेकिन कभी जम्मू जाना नहीं हुआ। एक तो दिल्ली से बहु...
"घर में अजनबी" - 7000 Words* सुबह के 5:47 बज रहे थे। दिल्ली में दिसंबर की सर्दी। बाहर कोहरा। मल्होत्रा हाउस के अंदर हीटर चल रहा था, पर अनाया के कमरे में जैसे बर्फ जम...
कलावती हॉस्पिटल के लेबर रूम में प्रसव पीड़ा को चुपचाप सहन कर रही थी रेशमा… ना कोई चीख, ना चित्कार… बस चेहरे पर एक अजीब सी शांति थी। पीला पड़ा चेहरा और सफेद होती आँखें किसी और ही...
क्या आपके अपने माता-पिता को कुछ अपशब्द कहने के बाद पछतावा हुआ ?हम अक्सर कई बार अपने माता-पिता को कहते हैं कि उन्हें कुछ पता नहीं है।उन्हें कुछ आता नहीं है।आप नहीं समझ पाओगे।आपगे जम...
रात, जिसने शहर की नींद छीन ली रात के दो बजकर सत्रह मिनट। अर्जुनपुर शहर सो रहा था। सड़कें लगभग खाली थीं। कहीं-कहीं स्ट्रीट लाइट की पीली रोशनी बारिश से भीगी सड़क पर पड़ रही...
यह कहानी एक काल्पनिक सुपरहीरो से प्रेरित है, लेकिन इसके किरदार और जज़्बात पूरी तरह से मौलिक हैं।" लेखक _समीर खान क़िस्त 1: शिकागो की ठंडी धूप शिकागो की शाम और ऊपर से गिर...
अध्याय 1: रणविजय शेखावत उसका नाम रणविजय शेखावत है। पूरी दुनिया उसे एक बेरहम, पत्थर दिल और 'कोल्ड प्रिंस' के नाम से जानती है। वह सिर्फ एक हैंडसम बैचलर ही नहीं, बल्कि अंडर...
दुनिया में दो तरह की डरावनी कहानियाँ होती हैं।एक, जिन्हें लोग खुद बना लेते हैं...और दूसरी, जिनके बारे में लोग इसलिए बात करना छोड़ देते हैं क्योंकि वे सच होती हैं।आरोही शर्मा ने कभ...
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