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Featured Books

Shakti ke Shiv By sheetal

रात के लगभग दस बज रहे थे। लोधी रोड स्थित CBI Special Crime Division के office से बाहर निकलते हुए शक्ति ने अपनी SUV स्टार्ट की। पिछले छह घंटों से चल रहे operation ने उसे थका दिया था...

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मंजिले By Neeraj Sharma

बात उन दिनों की है, एक मकान बना कर रहना, एक मिसाल और योग्यता थी। मकान अगर मंजिले हो, तो कया बात, बहुत अमीर समझे जाने वाला शक्श....." हाहाहा, "हसता हुँ, आपने पर.... ये दोगल...

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PLATFORM By Sagar Joshi

आख़िरी लोकलरात के 11:52।ट्रेन छूटने ही वाली थी।अंगद दौड़ते हुए प्लेटफ़ॉर्म पर पहुँचा।फोन कंधे और कान के बीच दबा हुआ—“बस 2 मिनट… मैं train में हूँ… भेज दूँगा।”दरवाज़े बंद होने लगे।व...

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ऐसे बरसे सावन By Devaki Singh

स्वरा..... स्वरा....उठो स्वरा ....कब तक यूं ही सोती रहोगी ??

क्या माँ....सोने भी दो ना.... बिल्कुल भी नहीं.....
चलो जल्दी उठो

जाओ देखो तुम्हारी बरडी तुम्हारा कब से इंतजार कर...

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હું રમતી હતી ઓટલે. By yogina patel

ઓટલો ગામની એ સવાર આજે પણ મારી આંખો સામે એવી જ ઊભી થાય છે સૂરજ હજી પૂરો ઉગ્યો ન હતો આકાશમાં હળવો લાલ રંગ પથરાયો હતો ઘરના આંગણામાં પડેલી ઠંડી માટી પર મારા નાના પગલા પડતા અને હું દોડત...

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जे तू मेरी हीर बने, तां निर्वैर वांगू गावां By sukhvinder Singh Rai

बोनफायर की शोख लपटें हल्की सी चटकन के साथ ऊपर उठ रही थीं और उनकी गर्माहट उन दोनों के ठिठुरते जिस्मों को राहत दे रही थी। चारों तरफ पसरे उस बर्फ़ीले सन्नाटे के बीच, आग के इर्द-गिर्द...

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तिलस्मी By Chandni choudhary

तिलस्मीभाग प्रथमलेखक — चाँदनी चौधरीविरानपुर के राजकुमार उदय सिंह और बीसरपुर के राजकुमार अमर सिंह परम मित्र थे। दोनों के विचार ऊँचे और जीवन आदर्शों से परिपूर्ण थे। उनका बचपन साथ ही...

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बांसुरी की धुन By prem chand hembram

भारत को आज़ाद हुए अभी कुछ ही वर्ष हुए थे।
देश स्वतंत्र हो चुका था, लेकिन गाँवों की गरीबी अभी भी वैसी ही थी, जैसे आज़ादी की किरण पहाड़ों के उस पार कहीं रुक गई हो। पेट की आग, कर्ज क...

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अभी कहानी बाकी है. By Ankit Khatri

जन्म से कॉलेज तक

मेरा नाम अंकित है। मैं उत्तराखंड के चमोली जिले के एक छोटे से गाँव, त्रिकोट, का रहने वाला हूँ।
मेरा जन्म 29 दिसंबर को मेरे मामा के गाँव में हुआ था। मेरे नाम की...

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जब रिश्ता प्यार बन जाए. By Priyam Gupta

शाम का वक्त था और Priyam अपने कमरे में खड़ी थी।
खिड़की से हल्की धूप आ रही थी, और कमरे में सन्नाटा था।
आज कुछ अलग सा लग रहा था।
दिल हल्का-हल्का धड़क रहा था, और मन में हल्की बेचैन...

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मंजिले By Neeraj Sharma

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હું રમતી હતી ઓટલે. By yogina patel

ઓટલો ગામની એ સવાર આજે પણ મારી આંખો સામે એવી જ ઊભી થાય છે સૂરજ હજી પૂરો ઉગ્યો ન હતો આકાશમાં હળવો લાલ રંગ પથરાયો હતો ઘરના આંગણામાં પડેલી ઠંડી માટી પર મારા નાના પગલા પડતા અને હું દોડત...

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तिलस्मीभाग प्रथमलेखक — चाँदनी चौधरीविरानपुर के राजकुमार उदय सिंह और बीसरपुर के राजकुमार अमर सिंह परम मित्र थे। दोनों के विचार ऊँचे और जीवन आदर्शों से परिपूर्ण थे। उनका बचपन साथ ही...

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जब रिश्ता प्यार बन जाए. By Priyam Gupta

शाम का वक्त था और Priyam अपने कमरे में खड़ी थी।
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