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हवेली की दीवारें हिल रही हैं। टुकड़े-टुकड़े काँच फर्श पर बिखरे हैं। बिजली की चमक...
कागज़ की उम्रसुबह की धुंधली रोशनी जब तीसरी मंज़िल की सीढ़ियों पर फैली, तब मीरा व...
शहद की गुड़िया -प्रकरण 86 " अब तक मेर...
अध्याय 1सदियों से द्वंद रहा है न दुनिया वालों और युवाओं के बढ़ती उम्र और इच्छाओं...
अली और युवराज अपना चित्र बनवा रहे थे। दोनों अपने हाथों को इधर-उधर घुमाते हुए बोल...
कालू की आवाज़ किसी फटे हुए नगाड़े की तरह गूँजी। उसका क्रोध अब सातवें आसमान पर था...
घड़ी की सुइयां रात के ठीक बारह बजा रही थीं। बाहर मूसलाधार बारिश हो रही थी, और हव...
### एपिसोड 5: फ्रॉस्टपिक की बर्फीली वादियों में छिपा खजाना और नया लक्ष्यब्लडस्टो...
कम्युनिकेशन स्किल्सबोलने की कला ही सफलता की सीढ़ी हैभाग – 1, 2 और 3️ लेखक : का...
" इधर-उधर घूमने के अलावा कभी घर के कामों पर भी ध्यान दे दिया कर, हमेशा घूमती रहत...
राजस्थान का ठाकुरगढ़ गांव। रेत, गर्मी, और ठाकुरों का राज। यहां कानून किताबों में नहीं, बंदूकों में लिखा जाता था। *Scene 1: कर्ज और कयामत ~ 400 शब्द* आराध्या शर्मा। 22 साल।...
अध्याय 1: अनाथ आश्रम की रहस्यमयी लड़की भाग 1 शहर की चकाचौंध से दूर, पुराने पहाड़ों के बीच एक छोटा सा अनाथ आश्रम था — "नई उम्मीद आश्रम"। यह आश्रम बाहर से साधारण दिख...
यह कहानी बहुत समय पहले की है ... करीब चार सौ - पांच सौ साल पहले की ................ नेपाल के सरहद से सटा भारत में एक छोटा सा गाँव था विष्णुपुर । इसी गाँव के ठीक बीचोबीच बने कु...
Part 1: श्रापित गांव ~ साल था 1826। जगह थी - *राजस्थान का गांव "धू-धू"*। पिछले 100 साल से यहां बारिश नहीं हुई। कुएं सूखे। खेत बंजर। लोग भूखे। बूढ़े कहते थे: "य...
झूठ बोल कर निकली, ये कहानी शुरू होती है एक झूठ से, प्रतिज्ञा ने अपने घर पर सबको बोला था, कि वो कॉलेज ट्रिप पर जा रही है, लेकिन सच ये था कि, ये कोई आम कॉलेज ट्रिप नहीं थी, ये एक कपल...
बॉस… आपने जैसा कहा था, काम हो गया है… वह उसी तरह एक पैर पर दूसरा पैर रखे, उस घने अंधेरे कमरे में कुर्सी को आगे-पीछे झुलाते हुए बैठा था। छह फीट से भी लंबा उसका शरीर मानो उस अंधेरे...
रुद्रपुर की पहाड़ियों पर आज रात आसमां से पानी नहीं, बल्कि साक्षात कहर बरस रहा था। बादलों के गरजने की गूँज ऐसी थी मानो पहाड़ अपना सीना पीट रहे हों। मूसलाधार बारिश ने नीचे की घाटियों क...
दुनिया सीधे लोगों की नहीं हैं.... चलाक बनो.. जानकारी उतनी ही इकठी करो जिसको तुम रख सकते हो.. जयादा जानकारी बहुत सेहत के लिए हानिकारक होती हैं.. हाँ मेरी बात अक्सर त्रिपाठी से होती...
"रात का गहरा सन्नाटा था, जिसे सिर्फ तेज़ बारिश और बिजली की कड़क तोड़ रही थी। 8 साल की छोटी आन्या अपने रास्ते से भटक कर घने जंगल के बीचों-बीच खड़ी थी। उसके नन्हे पाँव कीचड़ में...
मुंबई का एक मशहूर कॉलेज, कैंटीन की भीड़ और दोस्तों की मस्ती। एग्जाम्स खत्म हो चुके थे और सभी के चेहरों पर छुट्टियों की खुशी थी। राम, विनोद, सृष्टि, अनामिका, सौरभ, मेहुल और मोनिक...
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