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मेरी एक राजकुमारी जैसी आलीशान और बेफिक्र जिंदगी, महज़ एक ही पल में एक अदने से भि...
भारतीय संस्कृति में गालियाँ : सामाजिक और साहित्यिक सन्दर्भ— विवेक रंजन श्रीवास्त...
भाग 2 के आखिर में मनोज ने 50 हजार उठाए थे।छत पर बैठकर वो रोया भी था। क्योंकि उसक...
“विद्या और अविद्या किसको कहते हैं?” तो बड़ा सारगर्भित और संक्षिप्त उत्तर देता है...
The Jungle Book (2016) - Movie ReviewRudyard Kipling ki amar kriti "The Jungle B...
छोटे से शहर की गलियों में जब भी आर्यन और रिया का आमना-सामना होता, तो हवा में तान...
रात के ठीक 11:47 बजे...पूरा शहर बारिश में भीग रहा था। सड़क पर दौड़ती गाड़ियों की...
कुछ देर बाद, नदी के पास जो पड़ाव डाला हुआ था, उससे थोड़ी दूरी पर युवराज और दूसरे...
“हर खूबसूरत याद किसी योजना से नहीं बनती। कुछ यादें बस एक छोटे-से वाक्य से शुरू ह...
किधर जा रहे हो l सुकून पा रहे हो ll किसकी याद मे l गीत गा रहे हो ll  ...
“मैडम, क्या आप किसी का इंतज़ार कर रही हैं?” सफेद ड्रेस पहने और हाथ में टैब लिए वेटर ने काम्या से विनम्रता से पूछा। “हाँ… अपने बॉयफ्रेंड का इंतजार कर रही हूं.. वो बस आता ही होगा,...
एक अनजाना ईमेल दिल्ली की ठंडी शाम थी। नवंबर की हल्की हवा खिड़की से कमरे में आ रही थी। बाहर सड़क पर गाड़ियों का शोर था, लेकिन आरव की दुनिया उस छोटे-से कमरे और उसके लैपटॉप तक सीमि...
पुलिस स्टेशन के सामने, धूप में झुलसता हुआ एक बूढ़ा आदमी घुटनों के बल पड़ा था। उसकी आँखों के आंसू कब के सूख चुके थे, पर चेहरा अब भी रो रहा था। उसकी कांपती उंगलियाँ जमीन पर ऐसे...
( एक बहुत बड़ी कंपनी है DSR इस कंपनी की मालकिन है मियाओ - देखने में अच्छी है, पर बहुत ज्यादा सख्त है , इसे हर काम समय पर चाहिए। किसी की भी उसके सामने बोलने की हिम्मत नहीं मि...
प्रिया पाठको,, यह एक सामाजिक कहानी है । जिसे मैंने अपने शब्दों के मोती में पिरोकर माला बनाने की कोशिश की है । अपना स्नेह और आशीर्वाद बनाए रखिएगा ?? ....... .......
संदेश रात के साढ़े दस बज रहे थे। शहर की ऊँची इमारतों की खिड़कियों में एक-एक करके रोशनियाँ बुझ रही थीं। सड़क पर वाहनों का शोर अब थककर धीमा पड़ चुका था। हवा में हल्की नमी थी और बालकन...
नवंबर की हल्की ठंड... और मीठी-सी धूप में... आँगन में बैठी महक अपने गीले बालों को सुखाते हुए कुछ गुनगुना रही थी। तभी अंदर से फोन की आवाज़ आई... ? "ट्रिन ट्रिन... ट्रिन ट...
आंध्र प्रदेश का एक दूर-दराज और अलग-थलग गाँव था—पेरीकुलम (Perikulam)। यह गाँव भौगोलिक रूप से एक ऐसी जगह पर फंसा था जहाँ चारों तरफ से संकट घिरा हुआ था। गाँव के दो तरफ ऊंचे-ऊंचे पहाड़...
विजयनगर के एक छोटे से गाँव से एक लड़की महाविद्यालय में प्रवेश लेने आई। नाम था उसका अनामिका। पतली लंबी, घुंघराले बाल, साधारण सा व्यक्तित्व। हिंदी विभाग में गई और सुरभि प्राध्यापिका...
काफला यूँ ही चलता रहा ---- ये उपन्यास भी सत्य घटना पर आधारित है, इसको भी सत्य ही समझा जाये, मेरी जिम्मेदारी है, मगर इसके पात्र जो है कल्पनिक, स्थान वही है। ये कहानी की स्क्रिप्ट...
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