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  • तेरी मेरी खामोशियां। - 18

    कमरे में खामोशी इतनी गहरी थी कि नायरा की तेज़ होती सांसें साफ सुनाई दे रही थीं।...

  • अंश, कार्तिक, आर्यन - 15

    श्री मलोत्रा अपनी बेटी कल्याणी के साथ हवेली की ओर लौट रहे थे।कार शहर की भीड़भाड़...

  • सब ताले की एक चाबी

    जयगुरु,सब ताले की एक चाबीभूमिकासंसार में असंख्य समस्याएँ हैं—गरीबी, हिंसा, भ्रष्...

  • Beginning of My Love - 23

    राजस ने सत्या की तरफ इस तरह देखा, जैसे कि ‘इसका कुछ नहीं हो सकता’…​तभी सिकंदर (न...

  • महिमा: शक्तिशाली तलवार (सीजन 1) चैप्टर 18

    नहीं.. नहीं सरदार मैं आपकी बेटी को धमकी नहीं दे रहा था. राघव ने हिचकते हुए कहा....

  • आज़ादी अभी अधूरी है

    # **आज़ादी अभी अधूरी है**### *उन वीरों की पुकार, जिनके सपनों का भारत अभी बनना बा...

  • Raaz - Part 8

    अवंतिका दुकान से बाहर निकल आई, लेकिन उसके कदम वहीं रुक गए। जाने क्यों उसे लगा कि...

  • तनाव-मुक्त खुशहाल जीवन - भाग 4

    अध्याय 16जीवन में उद्देश्य (Purpose) कैसे खोजें जीवन में उद्देश्य या पर्पस (Purp...

  • पीछे मत हटो

    ऋगुवेद सूक्ति--(21) की व्याख्या ऋगुवेद--"मा स्रेधत"--7/32/9अर्थ---आलस्य मत‌ करो।...

  • रिटर्न ऑफ़ द किंग - 3

    दोनों बिना एक शब्द बोले इमारत के भीतर प्रवेश कर गए।अधूरी बिल्डिंग के अंदर चारों...

अमृत वाणी By Nitya Oswal

संत कबीर जी के इस दोहे को अक्सर लोग गलत समझ लेते हैं। वे सोचते हैं कि कबीर जी हमें डरा रहे हैं या जीवन से निराश कर रहे हैं कि “जब अंत में मिट्टी ही होना है, तो मेहनत क्यों करें?” ल...

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कविताओं का संग्रह By prachi Gurjar

हर इंसान के भीतर कुछ ऐसे शब्द होते हैं जो कभी कहे नहीं जा पाते। समय के साथ वे ख़ामोशियाँ बन जाते हैं, और वही ख़ामोशियाँ कभी-कभी कविताओं का रूप ले लेती हैं।

यह संग्रह मेरे उन्हीं...

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दिल ने जिसे चाहा By R B Chavda

मैं यह कहानी दोबारा लिख रही हूँ, लेकिन इस बार बिल्कुल वैसे, जैसे मैंने इसे अपने दिल में महसूस किया था। मेरी पहले की कहानी "दिल से दिल तक: एकतरफा सफर" से यह काफी मिलती-जुलती...

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गीता आज के इंसान के लिए By Shivraj Bhokare

( ⚠️ पढ़ने से पहले ज़रूर जानें!

धार्मिक नहीं, तार्किक: यह किताब किसी धर्म या संप्रदाय के लिए नहीं, बल्कि मानव मनोविज्ञान और व्यावहारिक जीवन जीने के विज्ञान पर आधारित है।

शैली...

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अफसर का अभिनन्दन By Yashvant Kothari

कामदेव के वाण और प्रजातंत्र के खतरे यशवन्त कोठारी होली का प्राचीन संदर्भ ढूंढने निकला तो लगा कि बसंत के आगमन के साथ ही चारों तरफ कामदेव अपने वाण छोड़ने को आतुर हो जाते हैं मा...

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बारिश की वो पहली मुलाक़ात By July Writes

जुलाई का महीना था। आसमान कई दिनों से बादलों को थामे बैठा था, जैसे किसी इकरार का इंतज़ार कर रहा हो। और फिर उस दिन… पहली बारिश शुरू हुई।

कॉलेज की छुट्टी के बाद आईशा बस स्टॉप पर खड...

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राज या हक़ीकत By Priyanka Saini

यह कहानी है मासूम – सी मान्या की.. जो अभी केवल 23 साल की है । जो फिलहाल में एक स्कूल टीचर है। जितनी मासूम.. उतनी ही प्यारी है, लेकिन एक दिन उसकी पूरी दुनिया पलट सी जाती है। जब उसकी...

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1926 की अमावस की वो खौफनाक रात By RAAHULL SHARMA

भाग 1: देवपुर रियासत

सन 1926, भारत भूमि पर फिरंगियों का क्रूर शासन अपने चरम पर था।

चारों ओर गुलामी की ज़ंजीरें जकड़ी हुई थीं, लेकिन उसी दौर में राजपूताने और जंगलों के बीच ब...

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कॉल By sky

हर दिन एक ही कॉल, ठीक 12 बजे, और फिर सन्नाटा। और जब भी कोई कॉल उठाए, सिर्फ एक आवाज़  "मुझे क्यों मारा?" ये सिलसिला कुछ सालों तक यूँ ही चला, लेकिन एक दिन कुछ ऐसा हुआ जिसने स...

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दरवाजा: काली हवेली का श्राप By Piyu soul

रात का सन्नाटा…इतना गहरा था कि जैसे हवा भी डर रही हो चलने से।

गाड़ी धीरे-धीरे कच्चे रास्ते पर आगे बढ़ रही थी।चारों तरफ घना जंगल… सूखे पेड़ों की टहनियाँ ऐसे हिल रही थीं जैसे किसी...

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यह संग्रह मेरे उन्हीं...

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कामदेव के वाण और प्रजातंत्र के खतरे यशवन्त कोठारी होली का प्राचीन संदर्भ ढूंढने निकला तो लगा कि बसंत के आगमन के साथ ही चारों तरफ कामदेव अपने वाण छोड़ने को आतुर हो जाते हैं मा...

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जुलाई का महीना था। आसमान कई दिनों से बादलों को थामे बैठा था, जैसे किसी इकरार का इंतज़ार कर रहा हो। और फिर उस दिन… पहली बारिश शुरू हुई।

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