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नामुमकिन इश्क By kajal jha

यह एक पूर्णतः काल्पनिक (Fictional) कहानी है। इस कहानी के सभी पात्र, घटनाएँ, स्थान (जहाँ विशेष रूप से वास्तविक स्थान का केवल पृष्ठभूमि के रूप में उल्लेख न हो), संवाद और प्रसंग लेखक...

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हीरो...! By InkImagination

पहली मुलाक़ात**

सुबह के ठीक 7:15 बजे शहर के एक शांत मोहल्ले में एक छोटी-सी आवाज़ गूँज उठी।

“दीदी… उठ जाइए ना… कॉलेज नहीं जाना क्या?”

दरवाज़े पर हल्के-हल्के लेकिन लगातार ठक...

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अधूरी किताब: एक रूहानी दास्तान। By kajal jha

एपिसोड 1: वीरान हवेली की अनकही दस्तक

पहाड़ों की ऊँचाइयों पर, घने चीड़ के पेड़ों के बीच छिपी हुई थी— नीलगिरी हवेली।

लेकिन अब—

यहाँ सिर्फ सन्नाटा था।

ऐसा सन्नाटा, जो कानों...

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माई डियर प्रोफेसर By Vartika reena

बहुत लंबे और थकान भरे दिन के बाद अगर जिंदगी में कहीं सुकून है तो वो है सिर्फ़ ये मसाला चाय! मैं अपने घर की बालकनी में एक खाट पर बैठी थी। पास में एक हुक्का रखा हुआ था जिसे मैं घूरे...

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Devil की दास्तान By Sonam Brijwasi

अंधेरी रात, दिल्ली के आसमान पर काले बादल उमड़े हुए। लाल बिजली चमकती है।
धरती पर एक अजनबी उतरा है। जिसका चेहरा इंसानों जैसा है, मगर रगों में खून नहीं आग बहती है।
करण धीरे-धीरे एक...

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Her Silent Secret By Sonam Brijwasi

विराट का आलीशान घर – सुबह

रसोईघर में

संपूर्णा (चाय बनाते हुए, मुस्कान के साथ) बोली -
अच्छा, आज विराट जी को जल्दी जाना है, तो चाय गर्म और नाश्ता तैयार। विवान, अपना खिलौना इध...

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अंतर्निहित By Vrajesh Shashikant Dave

आठ वर्ष पूर्व :-

दूसरे दिन प्रात: ब्राह्म मुहूर्त से ही सेलेना की योग साधना प्रारंभ होनेवाली थी। सेलेना को रात्री भर निद्रा नहीं आई। कारण यह नहीं था कि पहाड़ पर सभी सुख सुविधा का...

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शहद की गुड़िया - रंजन कुमार देसाई By Ramesh Desai

15 अक्टूबर 2003 को दिल्ली की अस्पताल में मेरा जन्म हुआ था. उस वक़्त वक़्त तेज बारिश हो रही थी. मेरा चेहरा देखकर मेरे माता पिता खुशी से पागल हो गये थे.

मैं काफ़ी शरारती थी...

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श्रापित नज़र By jaisy singh

हर कहानी की एक शुरुआत होती है।
लेकिन कुछ कहानियाँ ऐसी होती हैं, जिन्हें इंसान नहीं — किस्मत खुद लिखती है।
कुछ रिश्ते यूँ ही नहीं बनते।
कुछ मुलाकातें संयोग नहीं होतीं।
और कुछ जु...

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प्रहेलिका (एक तलाश ) By Devaki Singh

मैं...
अपने ऑफिस का काम जल्द से जल्द निपटाने में व्यस्त था तभी मुझे कुछ हल्की सी चिल्लाने की आवाज सुनाई दी, पर मुझे अपने ऑफिस का काम जल्दी खत्म करना था इसलिए मैंने उस आवाज को नजर...

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लेकिन अब—

यहाँ सिर्फ सन्नाटा था।

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माई डियर प्रोफेसर By Vartika reena

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अच्छा, आज विराट जी को जल्दी जाना है, तो चाय गर्म और नाश्ता तैयार। विवान, अपना खिलौना इध...

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15 अक्टूबर 2003 को दिल्ली की अस्पताल में मेरा जन्म हुआ था. उस वक़्त वक़्त तेज बारिश हो रही थी. मेरा चेहरा देखकर मेरे माता पिता खुशी से पागल हो गये थे.

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