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यजुर्वेद सूक्ति(11) की व्याख्या "आयुर्यज्ञेन कल्पताम्"यजुर्वेद--11/84भावार्थ--हे...
वह कुछ दिनों से सोच में कई दिन सोचने और काफी दिनों की मुलाकातों के बाद समर आखिर...
शिवाय और कुशल की एसयूवी शहर की तंग गलियों से निकलकर एक पुराने मोहल्ले में पहुँची...
**भाग दस: हक़ीक़त का सौदा**"कबीर... हाँ या ना?" पल्लवी की आवाज़ में अपनी आख़िरी उम...
सड़क किनारे की चाय— चाँदनी चौधरीकुछ समय पहले की बात है। मैं अपने कुछ प्रिय मित्र...
अधूरी किताब: एक रूहानी दास्तानएपिसोड 47: खोए हुए पन्नों की भूलभुलैयास्मृति-वृक्ष...
आज सुबह से ही आकाश में बादल छाए हुए थे, बस बरसात आने की देर थी। मां ने बोला इसलि...
जब निर्देशक धर्म से मिलामुंबई की चमक-दमक में रहने वाला प्रसिद्ध फ़िल्म निर्देशक...
मानव जीवन का अंतिम लक्ष्य संसार के बंधनों को सदा के लिए तोड़ देना है। इस संसार क...
अध्याय-૪भार्गवी की बात सुनकर अपूर्व को भी लगा कि, वह खुद अपनी बहन को ही नहीं समझ...
क्षितिज के उस पार तक फैला आकाश आज नीले रंग का नहीं, बल्कि ताजे बहते रक्त के समान गहरा लाल था। हवा भारी और बोझिल हो चुकी थी, जिसमें लोहे जैसी तीखी खून की महक और जलते हुए मांस की दुर...
" काजल की जब नींद टूटी उसने खुद को एक अनजान कमरे में पाया। फर्श पर उसके कपड़े पड़े हुए थे। उसका सिर दर्द से फटा जा रहा था ।" "दर्द से कराहते हुए वह किसी तरह बेड पर उ...
क्या कोई इंसान जानबूझकर अपने हंसते-खेलते जीवन को आग लगा सकता है? शायद नहीं। लेकिन जब वक्त का पहिया उल्टा घूमता है, तो इंसान खुद अपने हाथों से अपनी तबाही का रास्ता चुन लेता है। मेरे...
स्वरा..... स्वरा....उठो स्वरा ....कब तक यूं ही सोती रहोगी ?? क्या माँ....सोने भी दो ना.... बिल्कुल भी नहीं..... चलो जल्दी उठो जाओ देखो तुम्हारी बरडी तुम्हारा कब से इंतजार कर...
अम्मी! मेरा सफ़ेद दुपट्टा नहीं मिल रहा! नायरा ने कमरे से आवाज़ लगाई, तो रसोई से अम्मी की सधी हुई टोन आई— अरे! तेरी अलमारी में अगर कुछ मुक़ाम पर रखा होता, तो शायद तलाश ना करनी पड़ती...
यह कहानी है राघव की…. जो अपने मम्मी पापा के साथ फॉरेन में रहता था, लेकिन उसके दादा- दादी इंडिया के एक छोटे से गांव में रहते थे। जिस गांव का नाम कलिंग था, राघव अपने पेरेंट्स से ह...
आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में काम के बोझ, पैसों की चिंता, रिश्तों की उलझनों और हर समय फोन-इंटरनेट के इस्तेमाल के कारण लगभग हर व्यक्ति तनाव, चिंता और मानसिक दबाव से जूझ रहा है जिससे...
मैं... अपने ऑफिस का काम जल्द से जल्द निपटाने में व्यस्त था तभी मुझे कुछ हल्की सी चिल्लाने की आवाज सुनाई दी, पर मुझे अपने ऑफिस का काम जल्दी खत्म करना था इसलिए मैंने उस आवाज को नजर...
एक दिन उनके राज्य में एक भिखारी आ पहुँचा। उसके कपड़े फटे-पुराने थे और उसकी त्वचा पर बड़े-बड़े फोड़े-फुंसियाँ थीं, जिनसे निरंतर मवाद बह रहा था। उसके शरीर से दुर्गंध फैल रही । उसके ए...
"Hii..." अंश के फोन की स्क्रीन पर नोटिफिकेशन चमक उठा। सुबह की हल्की-सी रोशनी कमरे में फैली हुई थी। अंश ने आँखें मलते हुए फोन उठाया और मैसेज पढ़ते ही उसके होंठों पर अनचाही...
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