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  • प्यार का जाल - 7

    तस्वीर देखते ही रिया के चेहरे पर हवाइयाँ उड़ने लगीं। जो आँखें अब तक मासूमियत और...

  • PLATFORM - 8

    अध्याय 8: कोमा के भीतरधड़… धड़… धड़…ट्रेन के पहियों की आवाज़ अंधेरे अस्पताल में...

  • द मिस्ट्री ऑफ डेथ - 4

    The Mystery of the  - Chapter 4"तो दोस्तों, पिछले चैप्टर में हमने देखा कि डॉक्टर...

  • परछाईं कि बगावत

    सन 2049 में दुनिया के सभी बड़े शहरों में एक अजीब नियम लागू था—हर व्यक्ति को अपनी...

  • हीरो...! - 3

    हीरो...!भाग 3 : छोटी-छोटी इच्छाएँअगली सुबह आर्या की आँखें平时 से थोड़ी जल्दी खुल...

  • माई डियर प्रोफेसर - भाग 37

    ----------------स्टेज से भागकर चारू युनिवरासिटि के एक सुनसान केन्द्र मे आ गई थी।...

  • राज़ के सात फेरे - 5

    राठौर मेंशन की भव्य सीढ़ियाँ चढ़ते हुए चंचल मुस्कुराती हुई अन्विका को ऊपर ले जा...

  • नामुमकिन इश्क - एपिसोड 24

    एपिसोड 24– असली परीक्षाऑडिटोरियम में एक बार फिर सन्नाटा छा गया।सभी टीमें अपनी-अप...

  • सात फेरे हम तेरे - सेकेंड सीजन - भाग - 65

    विक्की ने कहा आज सारा का दिन है।आज जी भर कर शाॅपिंग कर लें।बहन।सारा ने हंसते हुए...

  • 1926 की अमावस की वो खौफनाक रात - 13

    जैसे-जैसे दिन बीत रहे थे, देवपुर राजमहल में काल का सन्नाटा और गहराता जा रहा था।ए...

प्यार का जाल By Ritu kumari

अनजानी मुलाकात
लखनऊ की बारिश में भीगती वह शाम कुछ ख़ास थी। गोमती नगर के एक छोटे और शांत कैफे में मंद-मंद संगीत बज रहा था और बाहर की बूंदों की आहट कांच की खिड़कियों पर साफ़ सुनाई द...

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PLATFORM By Sagar Joshi

आख़िरी लोकलरात के 11:52।ट्रेन छूटने ही वाली थी।अंगद दौड़ते हुए प्लेटफ़ॉर्म पर पहुँचा।फोन कंधे और कान के बीच दबा हुआ—“बस 2 मिनट… मैं train में हूँ… भेज दूँगा।”दरवाज़े बंद होने लगे।व...

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द मिस्ट्री ऑफ डेथ. By Chetan Malade

आंध्र प्रदेश का एक दूर-दराज और अलग-थलग गाँव था—पेरीकुलम (Perikulam)। यह गाँव भौगोलिक रूप से एक ऐसी जगह पर फंसा था जहाँ चारों तरफ से संकट घिरा हुआ था। गाँव के दो तरफ ऊंचे-ऊंचे पहाड़...

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हीरो...! By InkImagination

पहली मुलाक़ात**

सुबह के ठीक 7:15 बजे शहर के एक शांत मोहल्ले में एक छोटी-सी आवाज़ गूँज उठी।

“दीदी… उठ जाइए ना… कॉलेज नहीं जाना क्या?”

दरवाज़े पर हल्के-हल्के लेकिन लगातार ठक...

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माई डियर प्रोफेसर By Vartika reena

बहुत लंबे और थकान भरे दिन के बाद अगर जिंदगी में कहीं सुकून है तो वो है सिर्फ़ ये मसाला चाय! मैं अपने घर की बालकनी में एक खाट पर बैठी थी। पास में एक हुक्का रखा हुआ था जिसे मैं घूरे...

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राज़ के सात फेरे. By jaisy singh

मुंबई...
सपनों की नगरी...
एक ऐसा शहर जो कभी सोता नहीं।
जहाँ रातें भी रोशनी से जगमगाती हैं और हर सुबह अपने साथ हजारों नए ख्वाब लेकर आती है।
इस शहर में हर आँख में एक सपना पलता है...

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नामुमकिन इश्क By kajal jha

यह एक पूर्णतः काल्पनिक (Fictional) कहानी है। इस कहानी के सभी पात्र, घटनाएँ, स्थान (जहाँ विशेष रूप से वास्तविक स्थान का केवल पृष्ठभूमि के रूप में उल्लेख न हो), संवाद और प्रसंग लेखक...

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હું રમતી હતી ઓટલે. By yogina patel

ઓટલો ગામની એ સવાર આજે પણ મારી આંખો સામે એવી જ ઊભી થાય છે સૂરજ હજી પૂરો ઉગ્યો ન હતો આકાશમાં હળવો લાલ રંગ પથરાયો હતો ઘરના આંગણામાં પડેલી ઠંડી માટી પર મારા નાના પગલા પડતા અને હું દોડત...

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सात फेरे हम तेरे - सेकेंड सीजन By RACHNA ROY

इस तरह एक सदियां बीत गए।।

लेकिन नैना वनवास खत्म नहीं हुआ था शायद वो अब जिंदगी को एक नया मोड़ पर समझना चाहती थी।

और फिर नैना को अब सब कुछ अच्छा लगने लगा था क्या चल रहा था नैन...

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1926 की अमावस की वो खौफनाक रात By RAAHULL SHARMA

भाग 1: देवपुर रियासत

सन 1926, भारत भूमि पर फिरंगियों का क्रूर शासन अपने चरम पर था।

चारों ओर गुलामी की ज़ंजीरें जकड़ी हुई थीं, लेकिन उसी दौर में राजपूताने और जंगलों के बीच ब...

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प्यार का जाल By Ritu kumari

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PLATFORM By Sagar Joshi

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दरवाज़े पर हल्के-हल्के लेकिन लगातार ठक...

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माई डियर प्रोफेसर By Vartika reena

बहुत लंबे और थकान भरे दिन के बाद अगर जिंदगी में कहीं सुकून है तो वो है सिर्फ़ ये मसाला चाय! मैं अपने घर की बालकनी में एक खाट पर बैठी थी। पास में एक हुक्का रखा हुआ था जिसे मैं घूरे...

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मुंबई...
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एक ऐसा शहर जो कभी सोता नहीं।
जहाँ रातें भी रोशनी से जगमगाती हैं और हर सुबह अपने साथ हजारों नए ख्वाब लेकर आती है।
इस शहर में हर आँख में एक सपना पलता है...

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હું રમતી હતી ઓટલે. By yogina patel

ઓટલો ગામની એ સવાર આજે પણ મારી આંખો સામે એવી જ ઊભી થાય છે સૂરજ હજી પૂરો ઉગ્યો ન હતો આકાશમાં હળવો લાલ રંગ પથરાયો હતો ઘરના આંગણામાં પડેલી ઠંડી માટી પર મારા નાના પગલા પડતા અને હું દોડત...

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सात फेरे हम तेरे - सेकेंड सीजन By RACHNA ROY

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1926 की अमावस की वो खौफनाक रात By RAAHULL SHARMA

भाग 1: देवपुर रियासत

सन 1926, भारत भूमि पर फिरंगियों का क्रूर शासन अपने चरम पर था।

चारों ओर गुलामी की ज़ंजीरें जकड़ी हुई थीं, लेकिन उसी दौर में राजपूताने और जंगलों के बीच ब...

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