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राधा का संगम - प्रकरण 16 दादू ने प...
एक बड़ी सी आलीशान बिल्डिंग के कांफ्रेंस रूम के अंदर कुछ लोग बैठे हुए थे। उनके ड्र...
"रात का गहरा सन्नाटा था, जिसे सिर्फ तेज़ बारिश और बिजली की कड़क तोड़ रही थी। 8 स...
शाम धीरे-धीरे रात में बदल रही थी घर के बाहर अंधेरा गहराने लगा था और अंदर एक अजीब...
रात के ठीक 12 बज रहे थे।सिंहानिया ऑफिस में अफरा–तफरी मची हुई थी।हर तरफ टेंशन… बे...
दोनों देर रात घर लौट आए थे। मुंबई की गलियाँ अब शांत थीं, लेकिन उनके दिलों में दि...
जब आँख खुली… तो अस्पताल का सफेद कमरा था…ताई जी और सास दोनों उसके पास बैठे थे।चेह...
(डिस्क्लेमर: इस पुस्तक समीक्षा में प्रयुक्त कवर इमेज केवल संदर्भ (review purpose...
यह पुस्तक “महाराणा: सहस्र वर्षों का धर्मयुद्ध” मेवाड़ के सिसोदिया राजवंश द्वारा...
बिरजू ने पुजारी जी की सारी बातें ध्यान से सुनीं, लेकिन उसके मन में अब भी कई सवाल...
"नहीं! ऐसा मत करो, छोड़ दो please..... जाने दो! नहीं! नहीं!" "रात्रि उठ! ऐसा कहकर मेघा (रात्रि की मां) ने रात्रि को झकझोर दिया। कितनी बार कहा है इस लड़की को की छोड़...
इन हवाओ मे इन फिजाओ मे तुझ को मेरा प्यार पुकारे.. आजा आजा तुझ को मेंरा प्यार पुक रुक ना पाऊं मैं सजती आऊं मे दिल को ज़ब दिलदार पुकारे इस गीत की पंक्तियों न...
Ghost hunter रात के 2:17 बजे दिल्ली के बाहरी इलाके में एक छोटा-सा ऑफिस बाहर से देखने पर बिल्कुल साधारण, लेकिन अंदर का माहौल अलग ही था। दीवारों पर अजीब-सी मशीनें, वायरिंग, EMF मीटर,...
Heroine: शानवी सिंह Hero: कार्तिकेय (दिन में बिल्ली, रात में इंसान) शानवी सिंह को अकेलापन काटने दौड़ता था। बड़े शहर में छोटी सी नौकरी, छोटा सा कमरा और दिन भर का शोर… लेकिन रात...
नवंबर की हल्की ठंड... और मीठी-सी धूप में... आँगन में बैठी महक अपने गीले बालों को सुखाते हुए कुछ गुनगुना रही थी। तभी अंदर से फोन की आवाज़ आई... ? "ट्रिन ट्रिन... ट्रिन ट...
यह कहानी दक्षिण-मध्य बिहार के एक छोटे से गाँव की है। उस गाँव का नाम देवधाम था, क्योंकि वहाँ कई देवी-देवताओं के मंदिर स्थित थे। इन मंदिरों में सबसे प्रसिद्ध सिंघनी माता का मंदिर था।...
एपिसोड 1: रिश्तों की नीलामीशहर की रफ़्तार शाम ढलते ही और तेज़ हो गई थी, लेकिन 'खन्ना मेंशन' के भीतर वक्त जैसे ठहर गया था। यह घर नहीं, संगमरमर से बना एक आलीशान ताबूत लगता था...
एक ऐसा रिश्ता जिसकी चाहत भी है और डर भी — बेस्ट फ्रेंड की दोस्ती खोने का भी, और बचपन के प्यार को खोने का भी… अध्याय 1 यादों की बारात जज़्बात की वादिय...
उस वक़्त मैं तीन साल का था, मेरा बड़ा भाई सुखेश पांच साल का था औऱ मेरी छोटी बहन भाविका केवल छह महिने की थी. उस वक़्त मेरी मा असाध्य बीमारी का शिकार हो गई थी. उन्हें कांदिव...
अक्सर आपके मन में एक सवाल आता होगा कि आख़िर में क्षत्रिय में क्यों पैदा हुआ? या ब्राह्मण परिवार में क्यों पैदा हुआ उसका आख़िर मुझे क्या फ़ायदा? इससे तो अच्छा मैं किसी भी जाति म...
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