The Download Link has been successfully sent to your Mobile Number. Please Download the App.
You are welcome to the world of inspiring, thrilling and motivating stories written in your own language by the young and aspiring authors on Matrubharti. You will get a life time experience of falling in love with stories.
वृंदावन में यमुना किनारे मीरा नाम की एक लड़की रहती थी। मीरा को बचपन से ही राधा र...
स्मृतियों की थाली में नुआखाई का नवान्न :भाद्रपद मास की शुक्ल पक्ष पंचमी (गणेश च...
गुस्सा चार मिनट का था, लेकिन उसके निशान कई सालों के रह गए।एक साल बाद हमारे रिश्त...
50 साल बाद…आज के समय में रंजीत मर चुका था।लेकिन उसके द्वारा खड़ा किया गया साम्रा...
जुलाई की शुरुआत में, गढवाल क्षेत्र में बसे गंगापुर जिले में लगातार मूसलाधार बारि...
आत्म सम्मान सर्वोपरि नेहा गुरुद्वारे से लौट रही थी तो गली के बाहर बिजली के खंभे...
आज सावन का सोमवार है, तो थोड़ी बकवास हो जाए बहुत दिनों से मैंने अपनी My Creativi...
PART 2 — रिश्तों का इम्तिहानसुबह की पहली किरण खिड़की से कमरे के अंदर आ रही थी। प...
कैफे के उस सन्नाटे में रिया के शब्दों ने एक नया तूफ़ान खड़ा कर दिया था। आरव की त...
अध्याय 9: आख़िरी सफ़रअस्पताल की खिड़की के बाहर बारिश हो रही थी।अंगद ICU के बाहर...
मुंबई की एक सर्द सुबह... समंदर की लहरें शांत थीं, लेकिन शहर के बीचोंबीच एक तूफानी शख्सियत की एंट्री होने वाली थी। काली Mercedes-Benz Maybach का दरवाज़ा खुला, और धुएं की तरह ब...
तुम्हारी जैसी लड़की आज बहुत दिनों के बाद अपनी पसंद की जगह पे गया,ये वही जगह है जहाँ पे मैं अक्सर आता था "तुम पहले कभी आयी हो यहाँ ?",...
मदरसे के सहन में, जहाँ बचपन की बेफिक्रियाँ रक़्स करती थीं, आरिफ़ की निगाहें अक्सर एक नूरानी चेहरे पर ठहर जाती थीं - ज़ोया। ज़ोया, अपनी हया और सादगी में बे-मिसाल थी। आरिफ़, जो अपनी...
उस दिन उसने ज़्यादा कुछ नहीं कहा था। बस एक लाइन — “मुझे नहीं लगता कि मैं तुम्हारे लिए वैसे कुछ महसूस करती हूं।” इतना ही। पर उस लाइन के बाद जो चुप्पी आई, वो अब तक मेर...
《नमस्ते दोस्तो तो आज एक दिल टुटे हुए आशिक़ की कहानी बताने जा रहा हू गौर से सुनियेगा और जानियेगा》एक बार विजय अपने दोस्तो से मिलने गया था कॉलेज वहा पे आज उसका पेहला दिन भी था सारे क...
कॉलेज की पहली क्लास शुरू होने ही वाली थी। नील fखड़की की ओर टकटकी लगाए बैठा था। बाहर पतझड़ की हवा चल रही थी कुछ पुराने, भूले-fबसरे गीतों की तरह… धीमी, लेfकन गंूजती हुई। हवा के साथ...
यह कहानी पूरी तरह से एक काल्पनिक रचना है, जिसका किसी भी जाति, धर्म, समुदाय या किसी वास्तविक घटना से कोई संबंध नहीं है। यह केवल मेरे मनोभावों और कल्पनाओं पर आधारित है। इसका उद्देश्य...
" इश्क की ऐसी दास्तान, जहा मोहोब्बत की शुरुवात नफ़रत और बदले की आग से होती है। किसी के दिल में पनप रही है मोहोब्बत, तो किसी के मन में है नफरत का तूफान। एक जुनून भरी कहानी जो कि...
वैसे फिल्मों में तो सब चाहते हैं कि हीरो और हीरोइन मिले, मगर असल जिंदगी में कोई भी नही चाहता। वैसे भी वो लोग बहुत ही खुश नसीब होते है जिन्हे उनकी मोहब्बत मिलती है। चलिए अब मैं अ...
कंपनी के एक इवेंट में सायरा और उसकी दोस्त सृष्टि गई थी। सायरा अपनी दोस्त के बगले में सृष्टि साथ बैठी थी । अचानक से वहां पर वह लड़का आया जिस पर सायरा का क्रश था । उन्होंने सोचा नहीं...
लॉग इन करें
लॉगिन से आप मातृभारती के "उपयोग के नियम" और "गोपनीयता नीति" से अपनी सहमती प्रकट करते हैं.
वेरिफिकेशन
ऐप डाउनलोड करें
ऐप डाउनलोड करने के लिए लिंक प्राप्त करें
Copyright © 2026, Matrubharti Technologies Pvt. Ltd. All Rights Reserved | Powered by Custom Web Development Company India.
Please enable javascript on your browser