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EPISODE 7एक और रिश्तेदार (डरते हुए): "अभिमान, आपकी राजनीति ठीक है, पर आप अपनी र...
एपिसोड 10: अमरता का आईनामाया सीढ़ियों से ऊपर चढ़ रही थी, हर कदम के साथ इमारत काँ...
पहली बार तीनों की धड़कनें एक साथकमरे में हल्की रोशनी है। Shreya बीच में खड़ी है।...
वर्शाली अपना हाथ आगे करके फिर वही मंत्र कहती है---“ॐ सुप्त-शक्ति जागर्ति — रोगः...
द फोर्थ जेंडर:- चौंकते हुए स्वामी अक्षयानंद ने कहा,"यह अटपटा तो नहीं हो जाएगा और...
1वो शहर, जहाँ गलियाँ यादें छुपाती नहींउस शहर की हवा में कुछ अटका हुआ था।शायद कोई...
महाभारत की कहानी - भाग-१८५ भीष्म के पास कृष्ण-युधिष्ठिरादि का गमन और राजधर्म के...
बिग बैंग के समय सब कुछ ऊर्जा था | तथा अत्यधिक गर्मी थी | गर्मी और उर्जा आपस मिले...
भूल-118 सरदार पटेल के प्रति दुर्व्यवहार नेहरू ने उन पदों पर कब्जा कैसे किया, जिन...
कुछ ज्ञान की बातें 1 सूर्य कैसा है ! सूर्...
उस चाँदनी रात की अंधेरी कमरे में जहाँ पर लाइट नहीं थी, पर चाँद की रोशनी उस लड़के पर पड़ रही थी जो बहुत ही खूबसूरती से अपने चेहरे को निहार रहा था। हाला कि वहाँ अंधेरा था , लेकिन उसक...
दिल्ली के पोर्श एरिया मे एक बोहत बड़ा और शानदार विला था,,, "" जो बोहत ही खूबसूरती से सजा था,,, "" देश के सभी रहिस और ऊँचे घराने के लोग वहां की पार्टी अटेंड करने आए थ...
'जैकब्स हॉस्टल' के बाहर सन्नाटे को चीरती हुई बर्फीली हवाएं चल रही थीं। छुट्टियों का सीजन था, इसलिए जो हॉस्टल कभी 500 लड़कों के शोर से गूँजता था, आज वहाँ मुर्दा शांति पसरी थी...
मुंबई की उस रात में उमस नहीं, एक दम घोटने वाली खामोशी थी. उपनगर की एक तंग गली के आखिरी छोर पर स्थित उस जर्जर इमारत का कमरा नंबर सत्रह, किसी जिंदा कब्र जैसा लग रहा था. घडी की सुइयां...
अजीब दास्तान है, मेरी, चाहता था, क्या बनना और किस्मत किस मोड़ पर ले आयी, उन दिनों, मै जोधपुर विश्व विद्यालय में बी एस सी में पढ़ रहा था। यह बात है, वर्ष 1969 की...
खुली खिड़की से आती ठंडी हवा प्रीतम के कुछ कुछ सफेद हुए बालों को धीरे धीरे सहेला रही थी। 56 साल का प्रीतम अपनी कुर्सी पर बैठा बैठा कुछ सोच रहा था ।बाहर से आता शोर मानो उसके कानो तक...
" इच्छा... तुम... नहीं नहीं तुम मेरी इच्छा नहीं हो सकती... " जोरो से हॅसते हुए आवाज गूंजती है.... " सही पहचाना में तेरी इच्छा नहीं हूँ मै.. वो हूँ जो तू सोच भी नही...
खिड़की खुली जरा, जरा परदा सरक गया बहोत ही खबसूरत सा गाना सोनू नीगम का गाया हुआ रेडिओ पर बज रहा था और तभी रोडपर हंगामा हो गया. कोई राह चलता हुआ युवक एक महिला से टकरा गया जो सब्जीमंड...
एक दिन उनके राज्य में एक भिखारी आ पहुँचा। उसके कपड़े फटे-पुराने थे और उसकी त्वचा पर बड़े-बड़े फोड़े-फुंसियाँ थीं, जिनसे निरंतर मवाद बह रहा था। उसके शरीर से दुर्गंध फैल रही । उसके ए...
(जयपुर, सरकारी दफ़्तर। दोपहर 3:00 बजे) अन्वेषा पट्टनायक (25) अपने दफ़्तर की खिड़की के पास खड़ी थी। बाहर राजस्थान की तेज़ धूप और धूल उड़ रही थी। उसने हल्की नीली कॉटन की साड़ी प...
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