हिंदी Books and Novels are free to read and download

You are welcome to the world of inspiring, thrilling and motivating stories written in your own language by the young and aspiring authors on Matrubharti. You will get a life time experience of falling in love with stories.


श्रेणी
Featured Books
  • 6 बच्चों के गरीब मां - बाप

    6 बच्चों के गरीब मां - बापदुनिया आपको सब कुछ देगी - प्यार, दुःख,दर्दलेकिन अगर आप...

  • इश्क़ का पैगाम

    इश्क़ कभी अचानक नहीं होता।वो धीरे-धीरे किसी के लहजे में उतरता है, किसी की आँखों...

  • बिल्ली जो इंसान बनती थी - 1

    Heroine: शानवी सिंहHero: कार्तिकेय (दिन में बिल्ली, रात में इंसान)शानवी सिंह को...

  • मैं दादा-दादी की लाड़ली - 1

    मैं अपने बचपन में दादा-दादी की लाड़ली थी।उनकी आँखों का नूर, उनके आँगन की सबसे प्...

  • एक सफल प्रेम कहानी

    एक  सफल प्रेम कहानी ️ लेखक: विजय शर्मा एरी  प्रस्तावनाज़िंदगी की राहें अक्सर हमे...

  • Mafiya Boss - 11

    ( युवी रोता हुआ!) "आप सब मुझसे झूठ बोलते हैं, मेरी मम्मा  मेरे पास ही थी ,और आप...

  • तकिए के उस सिरहाने पर

    मैं कोई लेखक नहीं , ना ही कोई खास तजुर्बा हैं जिंदगी का, बस कुछ सैलाब हैं मन के ...

  • द साइकोलॉजी ऑफ मनी

    बुक रिव्यू: द साइकोलॉजी ऑफ मनी (The Psychology of Money)️ लेखक: मॉर्गन हाउसल परि...

  • दो दिल कैसे मिलेंगे - 46

    अंधकार लोक के विनाश के बाद, जब समस्त लोकों में संतुलन लौट आया, तब आकाश के द्वार...

  • वेदान्त 2.0 - भाग 29

    धर्म नहीं — गुटों से मुक्त आत्मा की घोषणा तुम कहते हो — “हम सनातनी हैं”पर न वेद...

मौत की दस्तक: हर पन्ने पर एक नई दहशत। By kajal jha

"रात 3:12 बजे की दस्तक"
— इस सीरीज के हर एपिसोड में आपको मिलेगी एक
बिल्कुल नई और रोंगटे खड़े कर देने वाली कहानी।

एपिसोड 1: रात 3:12 बजे की दस्तक
रात का सन्नाटा इतना गह...

Read Free

The Last Room of Floor 7 (अनजान बुलावा) By Yuvraj Chouhan

'जैकब्स हॉस्टल' के बाहर सन्नाटे को चीरती हुई बर्फीली हवाएं चल रही थीं। छुट्टियों का सीजन था, इसलिए जो हॉस्टल कभी 500 लड़कों के शोर से गूँजता था, आज वहाँ मुर्दा शांति पसरी थी...

Read Free

मैं दादा-दादी की लाड़ली By sapna

मैं अपने बचपन में दादा-दादी की लाड़ली थी।उनकी आँखों का नूर, उनके आँगन की सबसे प्यारी हँसी।घर में अगर कोई सबसे पहले मेरी ओर देखता था,तो वे दादा-दादी ही होते थे।उनके लिए मैं केवल उनक...

Read Free

चेकपोस्ट:चाणक्य By Ashish jain

मंगलाचरण: एक रहस्यमयी आकृति

गर्मी की दोपहर हो या सर्दियों की गुनगुनी धूप, मोहल्ले की उस २० फुट चौड़ी सड़क के बाएं कोने पर एक 'अजूबा' हमेशा मौजूद रहता है। दूर से देखने वा...

Read Free

वरदान By Renu Chaurasiya

एक दिन उनके राज्य में एक भिखारी आ पहुँचा। उसके कपड़े फटे-पुराने थे और उसकी त्वचा पर बड़े-बड़े फोड़े-फुंसियाँ थीं, जिनसे निरंतर मवाद बह रहा था। उसके शरीर से दुर्गंध फैल रही । उसके ए...

Read Free

दीवाने की दिवानियत By kajal jha

एक ही शहर, दो दुश्मन और वो पुरानी चोट
दरभंगा की तपती दुपहरी में राजवीर राठौर और भानु प्रताप ठाकुर की दोस्ती की मिसाल दी जाती थी। दोनों का रसूख ऐसा कि परिंदा भी पर न मारे। राजवीर स...

Read Free

Whisper in The Dark By priyanka jha

पुणे,महाराष्ट्र, इंडिया।।।।।।

सनशाइन कैफे,,

कैफे के अंदर बहुत सारे लोग मौजूद थे,,क्योंकि अभी दोपहर का वक्त हुआ था,,वहीं कैफे में कुछ लोग आपस में बात कर रहे थे,,वहीं कुछ स्टूड...

Read Free

वेदान्त 2.0 By Vedanta Life Agyat Agyani

1. प्रारंभिक स्वरूप
परंपरागत मानसिकता में पूजा–पाठ धर्म का आरंभिक और सबसे प्रचलित रूप है।
यह वह अवस्था है जहाँ व्यक्ति बाह्य देवताओं या प्रतीकों की आराधना करता है,
मंत्रोच्चार औ...

Read Free

सफ़र-ए-दिल - जब नफ़रत जुनून में बदल जाए.. By Abantika

​(जयपुर, सरकारी दफ़्तर। दोपहर 3:00 बजे)

​अन्वेषा पट्टनायक (25) अपने दफ़्तर की खिड़की के पास खड़ी थी। बाहर राजस्थान की तेज़ धूप और धूल उड़ रही थी। उसने हल्की नीली कॉटन की साड़ी प...

Read Free

अधुरा वादा एक साया By kajal jha

सन्नाटे की गूँज
माया की ज़िंदगी एक खाली कमरे की तरह थी—चुपचाप, उदास और अकेली। तीस साल की हो चुकी थी वह, लेकिन शादी का ख्याल उसके मन के किसी कोने में दफन हो चुका था। वह एक छोटे से...

Read Free

मौत की दस्तक: हर पन्ने पर एक नई दहशत। By kajal jha

"रात 3:12 बजे की दस्तक"
— इस सीरीज के हर एपिसोड में आपको मिलेगी एक
बिल्कुल नई और रोंगटे खड़े कर देने वाली कहानी।

एपिसोड 1: रात 3:12 बजे की दस्तक
रात का सन्नाटा इतना गह...

Read Free

The Last Room of Floor 7 (अनजान बुलावा) By Yuvraj Chouhan

'जैकब्स हॉस्टल' के बाहर सन्नाटे को चीरती हुई बर्फीली हवाएं चल रही थीं। छुट्टियों का सीजन था, इसलिए जो हॉस्टल कभी 500 लड़कों के शोर से गूँजता था, आज वहाँ मुर्दा शांति पसरी थी...

Read Free

मैं दादा-दादी की लाड़ली By sapna

मैं अपने बचपन में दादा-दादी की लाड़ली थी।उनकी आँखों का नूर, उनके आँगन की सबसे प्यारी हँसी।घर में अगर कोई सबसे पहले मेरी ओर देखता था,तो वे दादा-दादी ही होते थे।उनके लिए मैं केवल उनक...

Read Free

चेकपोस्ट:चाणक्य By Ashish jain

मंगलाचरण: एक रहस्यमयी आकृति

गर्मी की दोपहर हो या सर्दियों की गुनगुनी धूप, मोहल्ले की उस २० फुट चौड़ी सड़क के बाएं कोने पर एक 'अजूबा' हमेशा मौजूद रहता है। दूर से देखने वा...

Read Free

वरदान By Renu Chaurasiya

एक दिन उनके राज्य में एक भिखारी आ पहुँचा। उसके कपड़े फटे-पुराने थे और उसकी त्वचा पर बड़े-बड़े फोड़े-फुंसियाँ थीं, जिनसे निरंतर मवाद बह रहा था। उसके शरीर से दुर्गंध फैल रही । उसके ए...

Read Free

दीवाने की दिवानियत By kajal jha

एक ही शहर, दो दुश्मन और वो पुरानी चोट
दरभंगा की तपती दुपहरी में राजवीर राठौर और भानु प्रताप ठाकुर की दोस्ती की मिसाल दी जाती थी। दोनों का रसूख ऐसा कि परिंदा भी पर न मारे। राजवीर स...

Read Free

Whisper in The Dark By priyanka jha

पुणे,महाराष्ट्र, इंडिया।।।।।।

सनशाइन कैफे,,

कैफे के अंदर बहुत सारे लोग मौजूद थे,,क्योंकि अभी दोपहर का वक्त हुआ था,,वहीं कैफे में कुछ लोग आपस में बात कर रहे थे,,वहीं कुछ स्टूड...

Read Free

वेदान्त 2.0 By Vedanta Life Agyat Agyani

1. प्रारंभिक स्वरूप
परंपरागत मानसिकता में पूजा–पाठ धर्म का आरंभिक और सबसे प्रचलित रूप है।
यह वह अवस्था है जहाँ व्यक्ति बाह्य देवताओं या प्रतीकों की आराधना करता है,
मंत्रोच्चार औ...

Read Free

सफ़र-ए-दिल - जब नफ़रत जुनून में बदल जाए.. By Abantika

​(जयपुर, सरकारी दफ़्तर। दोपहर 3:00 बजे)

​अन्वेषा पट्टनायक (25) अपने दफ़्तर की खिड़की के पास खड़ी थी। बाहर राजस्थान की तेज़ धूप और धूल उड़ रही थी। उसने हल्की नीली कॉटन की साड़ी प...

Read Free

अधुरा वादा एक साया By kajal jha

सन्नाटे की गूँज
माया की ज़िंदगी एक खाली कमरे की तरह थी—चुपचाप, उदास और अकेली। तीस साल की हो चुकी थी वह, लेकिन शादी का ख्याल उसके मन के किसी कोने में दफन हो चुका था। वह एक छोटे से...

Read Free