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कैसे मैं शृंगार लिखूँ कैसे मैं शृंगार लिखूँ, जब के पाकीज़ा हुस्न बहकता हैं...
राजन का मन जैसे कर रहा था वो वैसे त्रिशा को इधर उधर धक्का दे रहा था। उसे मार रहा...
राठौर मेंशन के गेट से बाहर निकलते ही, आर्यन ने गाड़ी की खिड़की का शीशा थोड़ा नीचे क...
इधर जानवी पुलिस स्टेशन पहूँच जाती है और अंदर चली जाती है जहां पर इंस्पेक्टर विक्...
हास्पिटल के बहार..एक बैंच पर बैठी थी राधा मां के आने का इंतजार कर रही थी।मां ने...
भुतिया हवेली की कहानीप्रस्तावनाबिहार के एक छोटे से गाँव में एक पुरानी हवेली थी।...
अब आगे,संयम ने गन चला दी। वहीं अनहिरा जिसकी आंखे बंद थी उसे कुछ फील नहीं हुआ। जि...
उसकी काली आँखों की चमक अँधेरे में तैर रही थी। उसने फुसफुसाया था—“इस बार… मैं वो...
यह कहानी “मैं दादा-दादी की लाड़ली” का तीसरा अध्याय है।यह अध्याय उस मासूम एहसास क...
एपिसोड: 'विरासत का विष और अदृश्य शत्रु'खन्ना मेंशन की सुबह आज पहले जैसी...
किसी किताब में मैने पढा था कि जीवन का रहस्य आपके विचार हैं। यदि आप यह समझ लें कि आप क्या सोचते हैं, क्या चाहते हैं, या कैसी मानसिकता रखते हैं तो आप जीवन में घटने वाली घटनाओं को अपन...
️®️ Kuldip Singh ️ Dip ®️ ️ dedicated to ️My lovely family and my friends️ Also dedicated to ️ All wonderful readers Hello everyone Book summary नमस्कार मेरा नाम कुलदीप सिंह है...
मां कमरे में बड़बड़ाते हुए दाखिल होती है ....ये लड़की पता नही कब सुधरेगी ...!! वंदना: 8 बज गए है । सूर्य देवता सर पर है ,पर राजकुमारी अभी तक सोई हुई है ( वो खिड़की का परदा हटाते...
सूरज हमेशा से एक साधारण लड़का था— दिल का सच्चा, बातें कम और एहसास ज़्यादा… ज़िंदगी में बहुत कुछ नहीं था उसके पास, लेकिन जो था, वो दिल से दिया हुआ था। उसकी दुनिया छोटी थी,...
एक बार नारद जी को यह अभिमान हो गया कि उनसे बढ़कर इस पृथ्वी पर और कोई दूसरा भगवान् विष्णु का भक्त नहीं है। उनका व्यवहार भी इस भावना से प्रेरित होकर कुछ बदलने लगा। वे भगवान् के गुणों...
मुंबई की शाम हमेशा किसी फिल्म के सेट जैसी लगती थी. ऊँची बिल्डिंग्स की चमकती खिडकियाँ, गाडियों का लगातार शोर, और बीच- बीच में समुद्र की आवाज. उसी समुद्र किनारे खडी थी आयरा मेहता. उस...
सुबह के 6:30 बजे थे। हवा में हल्की ठंडक थी, सूरज अभी-अभी आसमान में उभर रहा था। सड़क पर कम गाड़ियाँ थीं और पक्षियों की आवाज़ें शहर को एक अलग ही सुकून दे रही थीं। रोहन ने हम...
(हॉरर ) गांव नरकटिया के दक्षिण कोने में एक पुराना पीपल का पेड़ था, जिसके नीचे कोई नहीं जाता था। उसकी शाखाएं आसमान से बातें करती थीं, और हवा से फुसफुसाती थीं। लोग कहते थे, “वो पी...
पहली नज़रशहर की वही पुरानी, भीड़ से भरी सुबह। बस स्टॉप पर खड़े लोग ऑफिस और कॉलेज के टाइम में भाग रहे थे। Bikash अपनी कंधे पर बैग टाँगे, धीमे कदमों से कॉलेज की ओर बढ़ रहा था। मिडिल-...
मां* एक ऐसा शब्द जो अपने आप में ही सम्पूर्ण हे इसे समझने के लिए किसी और शब्द की जरूरत नहीं होती। "मां एक ऐसा शब्द जिसके आगे देवता भी नतमस्तक है" मां की ममता पाने...
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