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Doctor cabin. Shreya chair पर बैठी है, आँखें बंद, हल्का दर्द अभी भी बना है। Kabi...
रात के दस बज चुके थे। बच्चों को सुलाने के बाद काया ने पूरे घर का चक्कर लगाया। ड्...
(जीवन का प्रत्यक्ष विज्ञान-दर्शन — वेदांत 2.0) अज्ञात अज्ञान...
और बोल --नमस्ते आंटी कैसे हो आप?मायादेवी के मुंह से शब्द नहीं निकले पर आंखों से...
शीर्षक: वल्चर – अँधेरे की उड़ानभाग 5: “पंखों का रहस्य”[दृश्य 1 – परित्यक्त मंदिर...
पहली नज़र का प्यारधुंध से ढका वह शहर किसी पुराने ख्वाब जैसा लगता था।ऊँचे-ऊँचे पत...
फिल्म रिव्यु धुरंध...
बगावत के सुर, एपिसोड 20: माफिया का मुखौटा का भ्रमसुबह की धुंध स्टेशन को ढक रही...
सपने बड़े रखोभाग 1 : बारिश में भीगता सपनाबारिश ज़ोरों से हो रही थी ।आसमान मानो फ...
अध्याय 7: द्वार का प्रलय और वसुंधरा का क्रोधलौरा का नाम वसुंधरा के कानों में क...
Karan Thakur उम्र (26) – शांत, समझदार, काबिल AI इंजीनियर। Kabir Thakur उम्र (25) – चुलबुला, मासूम, तेज दिमाग वाला AI डेवलपर। Shreya Sharma उम्र (23) – सरल, भोली, सुंदर AI इंज...
सुबह के साढ़े पांच बजे थे। शहर की भागदौड़ अभी शुरू नहीं हुई थी, लेकिन भूपेंद्र के घर की रसोई से प्रेशर कुकर की पहली सीटी ने दिन के आगाज़ की घोषणा कर दी थी। खिड़की के बाहर हल्की ओस ज...
इस शाम की तरह जिंदगी भी ढल रही थी राधा की.... शाम के 4:00 रहे थे, राधा अपने कमरे से निकल कर बाहर आती है। क्या हुआ राधा कुछ चाहिए क्या तुम्हें? तुम उठकर क्यों चली आई मुझे ब...
शीर्षक: वल्चर – अँधेरे की उड़ान विशेष एपिसोड: “रक्तपंख बनाम नरकवीर” [दृश्य 1 – महानगर का बाहरी इलाका, संध्या] लाल सूरज डूब रहा है। धुएँ से भरी हवा में सायरनों की आवाज़ गूँजती है...
एक ही शहर, दो दुश्मन और वो पुरानी चोट दरभंगा की तपती दुपहरी में राजवीर राठौर और भानु प्रताप ठाकुर की दोस्ती की मिसाल दी जाती थी। दोनों का रसूख ऐसा कि परिंदा भी पर न मारे। राजवीर स...
रूहों का सौदा क्या जीत केवल तलवार से होती है? जब मर्यादा की दीवारें ढहने लगीं और क्रोध ने विवेक का गला घोंट दिया, तब रुद्र ने उठाया एक ऐसा कदम जिसने सबको स्तब्ध कर दिया। लेकिन इस श...
सन्नाटे की गूँज माया की ज़िंदगी एक खाली कमरे की तरह थी—चुपचाप, उदास और अकेली। तीस साल की हो चुकी थी वह, लेकिन शादी का ख्याल उसके मन के किसी कोने में दफन हो चुका था। वह एक छोटे से...
मंगलाचरण: एक रहस्यमयी आकृति गर्मी की दोपहर हो या सर्दियों की गुनगुनी धूप, मोहल्ले की उस २० फुट चौड़ी सड़क के बाएं कोने पर एक 'अजूबा' हमेशा मौजूद रहता है। दूर से देखने वा...
महाभारत की कहानी - भाग- १ शिखंडी की कहानी और भीष्म की इच्छामृत्यु प्रस्तावना संपूर्ण महाभारत पढ़ने वाले लोगों की संख्या बहुत कम है। अधिकांश लोगों ने महाभारत की कुछ कहानी पढ़ी, सु...
Heroine: शानवी सिंह Hero: कार्तिकेय (दिन में बिल्ली, रात में इंसान) शानवी सिंह को अकेलापन काटने दौड़ता था। बड़े शहर में छोटी सी नौकरी, छोटा सा कमरा और दिन भर का शोर… लेकिन रात...
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