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  • षड्यंत्र - भाग 4

    अभी तक आपने पढ़ा कि बीना ने ख़ुद को निर्दोष साबित करने की कोशिश की, लेकिन इंस्पेक...

  • पवित्र बहु - 11

    दिव्यम के दोस्त की शादी थी।हलचल, हँसी, तैयारियाँ…लेकिन इन सबके बीच चित्र का मन थ...

  • जब रिश्ता प्यार बन जाए. - 3

           Episode 3 - first Interaction after                                      ...

  • PLATFORM

    Chapter 1: आख़िरी लोकलरात के 11:52।ट्रेन छूटने ही वाली थी।अंगद दौड़ते हुए प्लेटफ...

  • श्रापित एक प्रेम कहानी - 68

    दक्षराज अघोरी बाबा से कहता है--> ठिक है ठिक है आप पहले सांत हो जाईए और आप अंदर आ...

  • सपनों की डोली। - 4

    _जिस दिन वह गया...-एक सुबह के बाद सबकुछ बदल गया।वह अपनी लाचारी पर भावुक हो चुकी...

  • रक्त की प्यास (भाग-2)

    भाग 2: कुएँ का रहस्यसुबह की रोशनी हवेली के अंदर घुस तो रही थी…लेकिन अंधेरा पूरी...

  • बिसात का आखिरी मोहरा - 1

    रुद्रपुर की पहाड़ियों पर आज रात आसमां से पानी नहीं, बल्कि साक्षात कहर बरस रहा था।...

  • दादी और संदूक

    ---दादी और संदूकपहला अध्याय: बचपन की जिज्ञासागाँव के पुराने घर में विजय बचपन से...

  • दरवाजा: काली हवेली का श्राप - 3

    एपिसोड 3 — “जिसे बचाना था… वही बन गया खतरा”अंधेरा…इतना गहरा कि सांस लेना भी भारी...

षड्यंत्र By Ratna Pandey

" इंस्पेक्टर मैं सच कह रही हूँ। उस दिन मेरे घर पार्टी में लगभग 110 लोग आए थे। सभी मेरे दोस्त थे। खाने में चिकन करी, फिश करी और अंडा करी तीनों ही थीं। कुछ लोग चिकन नहीं खाते थे,...

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पवित्र बहु By archana

रात गहरा चुकी थी। चाँदनी खिड़की से भीतर गिर रही थी, लेकिन कमरे के माहौल में एक अनकही बेचैनी थी।

चित्रा की नींद गहरी थी, चेहरे पर मासूमियत… पर दिव्यम पूरी रात सो नहीं पाया।

वह...

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जब रिश्ता प्यार बन जाए. By Priyam Gupta

शाम का वक्त था और Priyam अपने कमरे में खड़ी थी।
खिड़की से हल्की धूप आ रही थी, और कमरे में सन्नाटा था।
आज कुछ अलग सा लग रहा था।
दिल हल्का-हल्का धड़क रहा था, और मन में हल्की बेचैन...

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श्रापित एक प्रेम कहानी By CHIRANJIT TEWARY

अमावस्या की रात थी और रात के 11 बज रहे थे । भानपुर गांव का एक तांत्रिक अपनी तात्रिकं साधना करने के लिए सुंदरवन की तरफ जा रहा था । गांव मे ये मान्यता थी के जो कोई भी तात्रिकं अमावस्...

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सपनों की डोली। By softrebel

बड़ी मशक्कत के बाद एक अच्छा रिश्ता हाथ लगा था , नारायणी के पिता इसे हाथ से जाने देना नहीं चाहते थे।
इस लिए मुंह मांगा दान दक्षिणा देकर, विवाह की सारी रस्में अदा की गईं।
नारायणी औ...

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रक्त की प्यास By Shivraj Bhokare

हवेली की पुकार

राहुल ने कार का इंजन बंद किया।

कुछ सेकंड तक सिर्फ सन्नाटा था। फिर… दूर कहीं कुत्तों के भौंकने की आवाज गूँजी, जो अचानक ही थम गई, जैसे किसी ने उनका गला दबा दिया...

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दरवाजा: काली हवेली का श्राप By Piyu soul

रात का सन्नाटा…इतना गहरा था कि जैसे हवा भी डर रही हो चलने से।

गाड़ी धीरे-धीरे कच्चे रास्ते पर आगे बढ़ रही थी।चारों तरफ घना जंगल… सूखे पेड़ों की टहनियाँ ऐसे हिल रही थीं जैसे किसी...

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मौन नायक: कर्तव्य की अनकही जंग By Abhi Anand

हर कहानी में एक नायक होता है, पर कुछ नायक ऐसे भी होते हैं, जो कभी अपने लिए नहीं जीते। वो चुप रहते हैं, मगर हर पल लड़ते रहते हैं। 'आर्यन' एक साधारण सा इंसान, जिसके कंधों पर...

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माफिया की दीवानगी - सीजन 2 By InkImagination

ऑथर नोट: हेलो फ्रेंड्स! ?? आप सबका बहुत-बहुत शुक्रिया कि आपने सीजन 1 को इतना प्यार दिया। 30 पार्ट्स में Aira और Rehaan की जर्नी—कैफे से शुरू होकर शादी तक—आपके कमेंट्स ने मुझे मोटिव...

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विक्रम और बेताल. By Vedant Kana

यह कहानी राजा विक्रमादित्य के समय की है, जिसे "विक्रम और बेताल" की कहानियों की शुरुआत माना जाता है। यह कहानी हमें दिखाती है कि कैसे राजा विक्रमादित्य ने एक साधु को दिए गए अ...

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षड्यंत्र By Ratna Pandey

" इंस्पेक्टर मैं सच कह रही हूँ। उस दिन मेरे घर पार्टी में लगभग 110 लोग आए थे। सभी मेरे दोस्त थे। खाने में चिकन करी, फिश करी और अंडा करी तीनों ही थीं। कुछ लोग चिकन नहीं खाते थे,...

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पवित्र बहु By archana

रात गहरा चुकी थी। चाँदनी खिड़की से भीतर गिर रही थी, लेकिन कमरे के माहौल में एक अनकही बेचैनी थी।

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बड़ी मशक्कत के बाद एक अच्छा रिश्ता हाथ लगा था , नारायणी के पिता इसे हाथ से जाने देना नहीं चाहते थे।
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राहुल ने कार का इंजन बंद किया।

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रात का सन्नाटा…इतना गहरा था कि जैसे हवा भी डर रही हो चलने से।

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मौन नायक: कर्तव्य की अनकही जंग By Abhi Anand

हर कहानी में एक नायक होता है, पर कुछ नायक ऐसे भी होते हैं, जो कभी अपने लिए नहीं जीते। वो चुप रहते हैं, मगर हर पल लड़ते रहते हैं। 'आर्यन' एक साधारण सा इंसान, जिसके कंधों पर...

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यह कहानी राजा विक्रमादित्य के समय की है, जिसे "विक्रम और बेताल" की कहानियों की शुरुआत माना जाता है। यह कहानी हमें दिखाती है कि कैसे राजा विक्रमादित्य ने एक साधु को दिए गए अ...

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