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    एक तरफा मोहब्बत(Unrequited Love)शिमला के एक छोटे से स्कूल में पढ़ाती थी आरोही। प...

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    अधूरी मोहब्बत — अध्याय 6 किस्मत का खेल अर्जुन ने अपनी जिंदगी को एक नई दिशा देने...

  • तेरे मेरे दरमियान - 90

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  • सभ्यता और युद्ध

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  • वो जिंदा है - 1

       वो जिंदा है     He Is ALIVE  नोट - यह काल्पनिक कहानी एक ऐसे अपराधी की है जो ह...

  • सच और झूठ के मध्य

    रोज सुबह आठ बजे की लोकल से जाना और रात को भी आठ बजे की लोकल से आना । रास्ते में...

  • सैदो में बंधी जिंदगी - एपिसोड 21

    अनन्या ने लॉकेट थामा। पुरानी यादें उमड़ आईं – माँ की गोद, लोरियाँ। "आपने कभी बता...

  • भोर की गलती (मां का कहर)

    मेरी mummy ने मेरी नानी के मुंह से सच्ची घटना सुनी।एक गांव में मैया का मंदिर था।...

सौदों में बंदी जिंदगी By kajal jha

मजबूरी की शादीबारिश की वो रात भूला न जाने वाली थी। पटना की तंग गलियों में पानी की धाराएँ तेज़ी से बह रही थीं, सड़कें नदियों में बदल चुकी थीं। मानो आसमान भी अनन्या मिश्रा के आँसुओं...

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शहद की गुड़िया - रंजन कुमार देसाई By Ramesh Desai

15 अक्टूबर 2003 को दिल्ली की अस्पताल में मेरा जम्म हुआ था. उस वक़्त वक़्त तेज बारिश हो रही थी.मुझे देखकर मेरे माता पीता खुश हो गये थे.

मैं काफ़ी शरारती थी. नर्स ने मुझे प...

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Trikon - एक्शन सीरीज़ By Varun Vilom

दस वर्षीया पारुल दौड़ती जा रही है।

नदी के किनारे-किनारे।

रेत पैरों में चुभ रही है, मगर वह हँस रही है।

बालों में दो चोटियाँ हैं, हरी फ्रॉक हवा में लहरा रही है।

पैरों में...

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चलो दूर कहीं..! By Arun Gupta

मध्य प्रदेश के रायसेन जिला में अवस्थित भीमबैठका शैलाश्रय (Bhimbetka Rock Shelters) भोपाल से लगभग 45 किमी दूर विंध्य पर्वत माला के दक्षिण में अवस्थित है। यह स्थान बलुआ पत्थर के चट्ट...

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डबल गेम: मर्यादा वर्सेस मक्कारी By Jyoti Prajapati

सुबह के साढ़े पांच बजे थे। शहर की भागदौड़ अभी शुरू नहीं हुई थी, लेकिन भूपेंद्र के घर की रसोई से प्रेशर कुकर की पहली सीटी ने दिन के आगाज़ की घोषणा कर दी थी। खिड़की के बाहर हल्की ओस ज...

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सौदे की शादी By Miss Secret

बारिश तेज़ हो रही थी। शहर की ऊँची इमारतों के बीच खड़ी वह काँच की इमारत इतनी ठंडी लग रही थी, जैसे उसके अंदर इंसान नहीं, केवल मशीनें रहती हों।

अनाया शर्मा के हाथ काँप रहे थे। उसकी...

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त्रिशा... By vrinda

यह शब्द सुना तो बहुत था, बचपन में इस पर निबंध भी बहुत लिखे थे पर मेरे लिए यह शब्द तब तक अस्तित्व में नहीं था जब तक की मुझे मेरी सहेली ने इसका असल अर्थ समझाया नहीं था।

मेरे पिताज...

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माई डियर प्रोफेसर By Vartikareena

बहुत लंबे और थकान भरे दिन के बाद अगर जिंदगी में कहीं सुकून है तो वो है सिर्फ़ ये मसाला चाय! मैं अपने घर की बालकनी में एक खाट पर बैठी थी। पास में एक हुक्का रखा हुआ था जिसे मैं घूरे...

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सफ़र की रंगत By Std Maurya

मैंने मुस्कुराते हुए कहा, "अरे प्रियांशी, कुछ हुआ तो नहीं मुझे ?"
​प्रियांशी बोली, "हाँ, इतना कुछ हो गया और आप पूछ रहे हैं कि क्या हुआ है? चलिए, अब अपनी सीट पर बैठिए।&...

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विक्री By Priyosi Sarkar

2087 में, सबसे महंगी चीज़ यादें थीं। और सबसे सस्ती चीज़ भी।
मीरा के हाथ काँपते थे — बस थोड़े से, मुश्किल से नज़र आने वाले — जब उसने अपनी हथेली मेमवॉल्ट स्कैनर के ऊपर रखी। शीशे के...

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