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(समुद्र की लहरों की गर्जना और दूर कहीं सन्नाटे को चीरती हुई शहर की हलचल। आर्यन क...
कृष्ण जैसे ही हवेली की दहलीज पर पहुँचा, उसने चिल्लाकर कहा, "दरवाज़ा बंद करो! अभी...
अभी तक आपने पढ़ा कि रितु ने किशन और उसके दोस्तों की बातचीत सुन ली और गुस्से में आ...
(सुबह का समय। ऑफिस में सिमरन फाइलों में उलझी बैठी है। उसकी मासूमियत वैसी ही है,...
*Title: "रात 2:13 वाली खिड़की"*रिया को जयपुर में नई जॉब मिली थी। कंपनी ने रहने क...
 शहद की गुड़िया - प्रकरण 66 " दादू को फिल्मे देखने का, ऊ...
दिल्ली एक शांत शहर है जहा पर लोग अपने सपने पूरे करने और घूमने आते हैं ये शहर शां...
विधि हाथ मे फोन लिए उसकी फोटो देख कर रोने लगी..."कितना प्यार करती हूँ तुम्हे अंश...
उधर, रणविजय का गुस्सा दिन-ब-दिन और ज्यादा बढ़ता जा रहा था। सात महीने, आठ महीने, न...
पहला फोनक्या याद है आपको? आपने सबसे पहले किसको फोन मिलाया या किसका फोन उठाया?हम्...
“शिफ़ा शिफ़ा....”,अनस सहन में खड़ा उसको आवाज़ कम दे रहा था और चि़ल्ला ज़्यादा रहा था।“क्या मुसीबत है, कभी तो चैन से खाना खाने दिया करो। हर वक़्त सर पर नाज़िल रहते हो”वह बड़बड़ाती ह...
Chapter 1 दिल्ली। सुबह के सात बजे। अलार्म की तेज़ आवाज़ पूरे कमरे में गूँज रही थी। बिस्तर पर चादर में लिपटी अवंतिका शर्मा ने करवट बदली और तकिया अपने कानों पर रख लिया।...
सुबह का समय था…हल्की-हल्की ठंडी हवा चल रही थी…मंदिर की घंटियों की मधुर आवाज़ पूरे माहौल को पवित्र बना रही थी…राधा-कृष्ण के मंदिर में आज कुछ खास शांति थी…उसी मंदिर के दरवाज़े पर एक...
घना अंधेरा जंगल. रात का न जाने कौन- सा पहर था. चारों ओर ऐसा सन्नाटा पसरा हुआ था कि अपनी ही साँसों की आवाज किसी अनजान खतरे की आहट लग रही थी. आसमान को काले बादलों ने निगल लिया था और...
मध्य प्रदेश के रायसेन जिला में अवस्थित भीमबैठका शैलाश्रय (Bhimbetka Rock Shelters) भोपाल से लगभग 45 किमी दूर विंध्य पर्वत माला के दक्षिण में अवस्थित है। यह स्थान बलुआ पत्थर के चट्ट...
संत कबीर जी के इस दोहे को अक्सर लोग गलत समझ लेते हैं। वे सोचते हैं कि कबीर जी हमें डरा रहे हैं या जीवन से निराश कर रहे हैं कि “जब अंत में मिट्टी ही होना है, तो मेहनत क्यों करें?” ल...
बॉस… आपने जैसा कहा था, काम हो गया है… वह उसी तरह एक पैर पर दूसरा पैर रखे, उस घने अंधेरे कमरे में कुर्सी को आगे-पीछे झुलाते हुए बैठा था। छह फीट से भी लंबा उसका शरीर मानो उस अंधेरे...
बेगूसराय का वो काला दिनस्थान: गर्ल्स इंटर स्कूल एंड कॉलेज, मोहनपुरा (बेगूसराय, उत्तर प्रदेश)समय: शाम के 4:00 बजेसीन 1: सुनसान रास्ता और वो खामोशीमोहनपुरा की सड़क पर सन्नाटा पसरा था...
झूठ बोल कर निकली, ये कहानी शुरू होती है एक झूठ से, प्रतिज्ञा ने अपने घर पर सबको बोला था, कि वो कॉलेज ट्रिप पर जा रही है, लेकिन सच ये था कि, ये कोई आम कॉलेज ट्रिप नहीं थी, ये एक कपल...
नवंबर की हल्की ठंड... और मीठी-सी धूप में... आँगन में बैठी महक अपने गीले बालों को सुखाते हुए कुछ गुनगुना रही थी। तभी अंदर से फोन की आवाज़ आई... ? "ट्रिन ट्रिन... ट्रिन ट...
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