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Part 15 डायरी का अगला पन्ना खोलते ही मेरे मन में एक अजीब-सी घबराहट होने लगी। न ज...
एपिसोड 29: अंधेरे का अंतिम द्वार---शहर की बेचैनीकक्ष से लौटने के बाद रोहन को लगा...
सगाई की तारीख तय हो चुकी थी।यह सिर्फ़ एक तारीख नहीं थी... यह उन दो दिलों के वर्ष...
जैसे ही अंकिता की बात खत्म हुई, उसने मुस्कुराते हुए पूछा— "तो सर, आप इनमें...
अधूरी किताब: एक रूहानी दास्तानएपिसोड 28: छाया द्वार का चुना हुआ नामराजगढ़ महल की...
उस दिन विद्यालय का सभागार खचाखच भरा था। शांतनु मंच पर खड़ा था। उसकी आवाज़ में न...
**माफिया की दीवानगी - सीजन 2****(ऑथर नोट: हेलो मेरे प्यारे रीडर्स! पिछले पार्ट...
उसके गुस्से की सीमा अब मर्यादा लांघ चुकी थी। उसने झटके से उसका हाथ पकड़ा और उसे...
अध्याय 14 राघव जोशी का अपमानअगले दिन विराज इंदौर शहर की मुख्य बाजार से होकर गुजर...
रक्षाबंधन प्रीति सुबह का काम खत्म कर, बच्चों का टिफिन पैक कर अपनी साहित्यक पत्र...
रसोई में चाय की भाप उठ रही थी। सुबह का समय था। राधा चुपचाप खाना बना रही थी। उसके बालों में अब सफेदी की हल्की लकीरें आ चुकी थीं। चेहरे की चमक पहले जैसी नहीं रही थी। उम्र लगभग चालीस...
Karan Thakur उम्र (26) – शांत, समझदार, काबिल AI इंजीनियर। Kabir Thakur उम्र (25) – चुलबुला, मासूम, तेज दिमाग वाला AI डेवलपर। Shreya Sharma उम्र (23) – सरल, भोली, सुंदर AI इंज...
सुबह का वक्त, 'हेवेन डेल' इंटरनेशनल स्कूल का कॉरिडोर। लॉकर रूम और कॉरिडोर बच्चों की भीड़ से भरा हुआ है। तभी एक तरफ से लारा और सोफिया अपने सादे कपड़ों में, किताबों का ढेर थ...
रुद्रपुर की पहाड़ियों पर आज रात आसमां से पानी नहीं, बल्कि साक्षात कहर बरस रहा था। बादलों के गरजने की गूँज ऐसी थी मानो पहाड़ अपना सीना पीट रहे हों। मूसलाधार बारिश ने नीचे की घाटियों क...
कानपुर की कड़कड़ाती ठंड में जब सूरज की पहली किरण गंगा के घाटों को छूती है, तब शहर के बीचों-बीच खड़ी 'गोयंका हवेली' अपनी भव्यता के साथ जागती है। यह सिर्फ एक घर नहीं, बल्क...
यह कहानी है राघव की…. जो अपने मम्मी पापा के साथ फॉरेन में रहता था, लेकिन उसके दादा- दादी इंडिया के एक छोटे से गांव में रहते थे। जिस गांव का नाम कलिंग था, राघव अपने पेरेंट्स से ह...
मध्य रात्रि का समय था. सन्नाटे से घिरी बीच सडक पर एक लंबे कद का आदमी धीमे- धीमे अपने कदम आगे बढा रहा था. उसने एक लंबा ब्लैक कोट पहना हुआ था, जिसकी वजह से इस अंधियारी रात में वह बेह...
अम्मी! मेरा सफ़ेद दुपट्टा नहीं मिल रहा! नायरा ने कमरे से आवाज़ लगाई, तो रसोई से अम्मी की सधी हुई टोन आई— अरे! तेरी अलमारी में अगर कुछ मुक़ाम पर रखा होता, तो शायद तलाश ना करनी पड़ती...
नवंबर की हल्की ठंड... और मीठी-सी धूप में... आँगन में बैठी महक अपने गीले बालों को सुखाते हुए कुछ गुनगुना रही थी। तभी अंदर से फोन की आवाज़ आई... ? "ट्रिन ट्रिन... ट्रिन ट...
Chapter 1 दिल्ली। सुबह के सात बजे। अलार्म की तेज़ आवाज़ पूरे कमरे में गूँज रही थी। बिस्तर पर चादर में लिपटी अवंतिका शर्मा ने करवट बदली और तकिया अपने कानों पर रख लिया।...
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