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हैरानी - Ateet ki Yaadein By vishnupriya pandit

अस्पताल के उस वीरान कमरे में चारों ओर सफेद दीवारों का सन्नाटा पसरा हुआ था। केवल मशीनों की 'बीप-बीप' की आवाज़ उस सन्नाटे को चीर रही थी। रिया ने बहुत धीरे से अपनी पलकें झपकाई...

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अहंकार का पोस्टमार्टम By Shivraj Bhokare

समर्पण
उन सभी 'खोजी' मन को, जो भीड़ का हिस्सा बनने से इनकार करते हैं।
और उन साहसी पाठकों को, जो सिर्फ मीठी बातें सुनने के शौकीन नहीं हैं, बल्कि सच सुनने का साहस रखते हैं।...

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अकथ By silent script

बस्ती की तंग गलियों में धूल उड़ रही थी। सूरज की तपिश कच्ची छतों को झुलसा रही थी, लेकिन सात के नील के पैरों में जैसे पहिए लगे थे।

‎"माँ! मैं खेलने जा रहा हूँ," उसने माथे क...

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Ishq ka Ittefaq By Alok

शहर की साफ और चौडी सडक पर कबीर मेहरा की नई' मेबैक' किसी काले चीते की तरह हवा से बातें कर रही थी. कबीर मेहरा—शहर का वो नाम जिससे बिजनेस के गलियारों में सन्नाटा पसर जाता था....

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ज़ख्मों की शादी By Sonam Brijwasi

लेकिन ठंडी हवेली, मंडप सजाया गया है, गुलाबी और सुनहरी डेकोर के बीच शहनाई की हल्की धुन।

समय: रात 11 बजे।

लाल और सुनहरे फूलों से सजी जगह में शहनाई बज रही है। फूलों की खुशबू के...

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अयान एक नफ़रत की आग या वजूद की तलाश By Irfan ayan Khan

चारों तरफ एक ऐसी रोशनी थी जो धूप से छनकर, हल्की सी अयान के चेहरे पर पड़ रही थी। अयान रॉय, अपनी कोठी की बालकनी में खड़ा था। हवा में, एक शाही रसूख की महक थी। उसने अपनी शर्ट की आस्तीन...

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दुश्मनी के दरमियान इश्क By Shivraj Bhokare

वो रात, जहाँ सब शुरू हुआ

उस रात की खामोशी में एक अजीब सा तूफान छुपा था।
हवा ठंडी थी, मगर उसके भीतर एक अनकही बेचैनी थी, जैसे कोई राज धीरे-धीरे परतों से बाहर आने को तैयार हो।
शह...

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हमराज By Gajendra Kudmate

खिड़की खुली जरा, जरा परदा सरक गया बहोत ही खबसूरत सा गाना सोनू नीगम का गाया हुआ रेडिओ पर बज रहा था और तभी रोडपर हंगामा हो गया. कोई राह चलता हुआ युवक एक महिला से टकरा गया जो सब्जीमंड...

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दीवाने की दिवानियत By kajal jha

एक ही शहर, दो दुश्मन और वो पुरानी चोट
दरभंगा की तपती दुपहरी में राजवीर राठौर और भानु प्रताप ठाकुर की दोस्ती की मिसाल दी जाती थी। दोनों का रसूख ऐसा कि परिंदा भी पर न मारे। राजवीर स...

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अंतर्निहित By Vrajesh Shashikant Dave

आठ वर्ष पूर्व :-

दूसरे दिन प्रात: ब्राह्म मुहूर्त से ही सेलेना की योग साधना प्रारंभ होनेवाली थी। सेलेना को रात्री भर निद्रा नहीं आई। कारण यह नहीं था कि पहाड़ पर सभी सुख सुविधा का...

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हैरानी - Ateet ki Yaadein By vishnupriya pandit

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उन सभी 'खोजी' मन को, जो भीड़ का हिस्सा बनने से इनकार करते हैं।
और उन साहसी पाठकों को, जो सिर्फ मीठी बातें सुनने के शौकीन नहीं हैं, बल्कि सच सुनने का साहस रखते हैं।...

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अकथ By silent script

बस्ती की तंग गलियों में धूल उड़ रही थी। सूरज की तपिश कच्ची छतों को झुलसा रही थी, लेकिन सात के नील के पैरों में जैसे पहिए लगे थे।

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Ishq ka Ittefaq By Alok

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लेकिन ठंडी हवेली, मंडप सजाया गया है, गुलाबी और सुनहरी डेकोर के बीच शहनाई की हल्की धुन।

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लाल और सुनहरे फूलों से सजी जगह में शहनाई बज रही है। फूलों की खुशबू के...

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अयान एक नफ़रत की आग या वजूद की तलाश By Irfan ayan Khan

चारों तरफ एक ऐसी रोशनी थी जो धूप से छनकर, हल्की सी अयान के चेहरे पर पड़ रही थी। अयान रॉय, अपनी कोठी की बालकनी में खड़ा था। हवा में, एक शाही रसूख की महक थी। उसने अपनी शर्ट की आस्तीन...

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वो रात, जहाँ सब शुरू हुआ

उस रात की खामोशी में एक अजीब सा तूफान छुपा था।
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हमराज By Gajendra Kudmate

खिड़की खुली जरा, जरा परदा सरक गया बहोत ही खबसूरत सा गाना सोनू नीगम का गाया हुआ रेडिओ पर बज रहा था और तभी रोडपर हंगामा हो गया. कोई राह चलता हुआ युवक एक महिला से टकरा गया जो सब्जीमंड...

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आठ वर्ष पूर्व :-

दूसरे दिन प्रात: ब्राह्म मुहूर्त से ही सेलेना की योग साधना प्रारंभ होनेवाली थी। सेलेना को रात्री भर निद्रा नहीं आई। कारण यह नहीं था कि पहाड़ पर सभी सुख सुविधा का...

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