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“व्रत” और “उपवास” ये शब्द आपने कई बार सुने होगे क्या आप इनका वास्तविक अर्थ जानते...
प्राचीन मंदिर का रहस्य लेखक: विजय शर्मा एरी --- प्रस्त...
दुनिया की 7 सबसे डरावनी फिल्मेंPart 5: Sinister (2012)कुछ डर ऐसे होते हैं, जो दे...
रात का समय था…रेगिस्तान अपनी गहरी खामोशी में डूबा हुआ था, लेकिन उस खामोशी के भीत...
जिंदगी की दूसरे किनारा पार्ट 9और फिर कुछ घंटे के बाद मेघना अस्पताल के ग्राउंड फा...
एपिसोड: 'अनंत का अंकुरण' — समय की कोख में पहली धड़कन1. 'चेतना-वृक्ष&...
ऋगुवेद सूक्ति--(३७) की व्याख्या "सत्या मनसो मे अस्तु"ऋगुवेद--१०/१२८/४भाव--मेरे...
एपिसोड 11: बच्चों की उपलब्धियां और समाज में नई सोच स्कूल की शुरुआत को कुछ महीने...
इंतजार नाजुक सा दिल तोड़कर पूछ रहे हो कैसे हो l बीच रास्ते में छोड़कर पूछ...
अध्याय 1: अहसासों की अदालत और अधूरा सचदृश्य 1स्थान: फैमिली कोर्ट, मेरठ (आधुनिक क...
अस्पताल के उस वीरान कमरे में चारों ओर सफेद दीवारों का सन्नाटा पसरा हुआ था। केवल मशीनों की 'बीप-बीप' की आवाज़ उस सन्नाटे को चीर रही थी। रिया ने बहुत धीरे से अपनी पलकें झपकाई...
समर्पण उन सभी 'खोजी' मन को, जो भीड़ का हिस्सा बनने से इनकार करते हैं। और उन साहसी पाठकों को, जो सिर्फ मीठी बातें सुनने के शौकीन नहीं हैं, बल्कि सच सुनने का साहस रखते हैं।...
बस्ती की तंग गलियों में धूल उड़ रही थी। सूरज की तपिश कच्ची छतों को झुलसा रही थी, लेकिन सात के नील के पैरों में जैसे पहिए लगे थे। "माँ! मैं खेलने जा रहा हूँ," उसने माथे क...
शहर की साफ और चौडी सडक पर कबीर मेहरा की नई' मेबैक' किसी काले चीते की तरह हवा से बातें कर रही थी. कबीर मेहरा—शहर का वो नाम जिससे बिजनेस के गलियारों में सन्नाटा पसर जाता था....
लेकिन ठंडी हवेली, मंडप सजाया गया है, गुलाबी और सुनहरी डेकोर के बीच शहनाई की हल्की धुन। समय: रात 11 बजे। लाल और सुनहरे फूलों से सजी जगह में शहनाई बज रही है। फूलों की खुशबू के...
चारों तरफ एक ऐसी रोशनी थी जो धूप से छनकर, हल्की सी अयान के चेहरे पर पड़ रही थी। अयान रॉय, अपनी कोठी की बालकनी में खड़ा था। हवा में, एक शाही रसूख की महक थी। उसने अपनी शर्ट की आस्तीन...
वो रात, जहाँ सब शुरू हुआ उस रात की खामोशी में एक अजीब सा तूफान छुपा था। हवा ठंडी थी, मगर उसके भीतर एक अनकही बेचैनी थी, जैसे कोई राज धीरे-धीरे परतों से बाहर आने को तैयार हो। शह...
खिड़की खुली जरा, जरा परदा सरक गया बहोत ही खबसूरत सा गाना सोनू नीगम का गाया हुआ रेडिओ पर बज रहा था और तभी रोडपर हंगामा हो गया. कोई राह चलता हुआ युवक एक महिला से टकरा गया जो सब्जीमंड...
एक ही शहर, दो दुश्मन और वो पुरानी चोट दरभंगा की तपती दुपहरी में राजवीर राठौर और भानु प्रताप ठाकुर की दोस्ती की मिसाल दी जाती थी। दोनों का रसूख ऐसा कि परिंदा भी पर न मारे। राजवीर स...
आठ वर्ष पूर्व :- दूसरे दिन प्रात: ब्राह्म मुहूर्त से ही सेलेना की योग साधना प्रारंभ होनेवाली थी। सेलेना को रात्री भर निद्रा नहीं आई। कारण यह नहीं था कि पहाड़ पर सभी सुख सुविधा का...
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