रितेश एम. भटनागर... शब्दकार लिखित उपन्यास हीर...

हीर... द्वारा  रितेश एम. भटनागर... शब्दकार in Hindi Novels
।। ॐ श्री गणेशाय नम:।।डिस्क्लेमर - ये कहानी पूरी तरह से काल्पनिक है, इस कहानी का किसी भी तरह से किसी भी जीवित या मृत व्य...
हीर... द्वारा  रितेश एम. भटनागर... शब्दकार in Hindi Novels
अंकिता.. अजीत से बात करने के बाद फटाफट से तैयार हुयी और बिल्कुल ठीक समय पर उससे रियो रेस्टोरेंट में मिलने के लिये घर से...
हीर... द्वारा  रितेश एम. भटनागर... शब्दकार in Hindi Novels
अक्सर कई शायरों को कई महफ़िलों में कहते सुना है कि अगर एक मर्द के दिल को कोई बात दुख पंहुचा जाये तब वो अंदर ही अंदर घुटत...
हीर... द्वारा  रितेश एम. भटनागर... शब्दकार in Hindi Novels
चारू के पापा अजय जानते थे कि राजीव तकलीफ़ में हो और चारू उसका साथ देने ना जाये ऐसा तो किसी कीमत पर नहीं होने वाला था लेक...
हीर... द्वारा  रितेश एम. भटनागर... शब्दकार in Hindi Novels
इश्क, मोहब्बत, प्यार, लव, प्रेम... नाम भले अलग अलग हैं लेकिन इन सबका अंजाम एक ही है.. तन्हाई, दर्द, टूटन और आंसू!! शायद...