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ऑनलाइन कवि सम्मेलन की तैयारी में नीलिमा पुरानी अलमारी खंगाल रही थी |विषय था- "अप...
एपिसोड 6: जब इश्क़ ने क़ीमत माँगीसुबह की पहली रोशनी खिड़की से कमरे में दाख़िल हु...
सुमित को बाहर जाता देख कोई कुछ नहीं बोल पाया सिर्फ उसे जाता देख रहे। सुमित न...
प्रश्न 1: बार-बार असफलता क्यों मिलती है?कर्मण्येवाधिकारस्ते मा फलेषु कदाचन — भगव...
लाइट जाते ही कमरा बिल्कुल अँधेरे में डूब गया।सिर्फ हवा में एक ठंडा, नुकीला एहसास...
इतना कह जिया क्यूटी को उठाकर बेड पर ले जाकर लेट जाती हैं। फिर क्यूटी को हग करके...
महाभारत की कहानी - भाग-१६७ असितदेवल, जैगिषव्य और सारस्वत की कथा प्रस्तावना कृष...
दर-बदर भटकते हुए मंगरू अब हिम्मत हार चुका था ,उसके हाथ में कई बार मुड़ा और फटा...
पूरा एक दिन बीत गया था। तथ्या और अमन दोनों ने एक दूसरे से बिल्कुल भी बात नहीं की...
---कहानी - गाँव नहीं, भूतों का भंडारमैं हूँ रोहन शेखर, मैं 10वीं जमात का छात्र ह...
एक ज़माना था… जब समय घड़ी की सुइयों से नहीं, इंतज़ार की धड़कनों से मापा जाता था। उस छोटे से कस्बे की सुबह बड़ी सादी होती थी। सूरज निकलता, चूल्हों में आग जलती, और गलियों में झाड...
यह कहानी है धोखे प्यार और बदले की जिसमें मोहब्बत एक दफा नहीं होती। क्योंकि जो एक दफ़ा हो जाए, उसे मोहब्बत नहीं कहते। और अगर किसी कहानी का अंत हो चुका हो, तो इसका यह अर्थ न...
कहानियां कुछ कह सी जाती है, जो दिल की बात है वो बयां सी कर जाति है ऐसे ही मेरी पहली कहानी की कोशिश का पहला भाग..... 21st...
मुंबई की रातें— जो कभी हज़ारों सपनों की धड़कन हुआ करती थीं, वे अब अविन अविनाशी चौहान के लिए किसी रोमांच से नहीं, बल्कि एक खामोश मजबूरी से भरी थीं। यह नवंबर की उमस भरी रात थी; मरीन...
एपिसोड 1: रिश्तों की नीलामीशहर की रफ़्तार शाम ढलते ही और तेज़ हो गई थी, लेकिन 'खन्ना मेंशन' के भीतर वक्त जैसे ठहर गया था। यह घर नहीं, संगमरमर से बना एक आलीशान ताबूत लगता था...
19 जनवरी 2022 सुबह 10:30 बजे "वो सच में आयेंगे ना काजल?" फिर आवाज बदलकर "कितना बार यही सवाल करेगी पागल" नॉर्मल आवाज में "कितनी ही बार की हु" फिर आ...
1 एक बुद्धिमान मनुष्य था, बड़े काम करने वाला मनुष्य था, और प्रभु ने उसके प्रति प्रेम की कल्पना की, और उसे ग्रहण किया, कि वह ऊपर के निवासों को देखे, और सर्वशक्तिमान परमेश्वर के बुद्...
आठ वर्ष पूर्व :- दूसरे दिन प्रात: ब्राह्म मुहूर्त से ही सेलेना की योग साधना प्रारंभ होनेवाली थी। सेलेना को रात्री भर निद्रा नहीं आई। कारण यह नहीं था कि पहाड़ पर सभी सुख सुविधा का...
शाम का समय था । जानवी अपने पापा अशोक मुखर्जी से अपने पसंद के लड़के से शादी करने की जिद कर रही थी । जिस कारण से अशोक अपनी एकलौती बेटी जानवी को डांटता है । अशोक धनबाद शहर का एक जाना...
यह शब्द सुना तो बहुत था, बचपन में इस पर निबंध भी बहुत लिखे थे पर मेरे लिए यह शब्द तब तक अस्तित्व में नहीं था जब तक की मुझे मेरी सहेली ने इसका असल अर्थ समझाया नहीं था। मेरे पिताज...
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