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Part 3: The Conjuring (2013)कभी-कभी कुछ घर सिर्फ ईंट, सीमेंट और लकड़ी से नहीं बन...
कमरे में सन्नाटा नहीं था वो साँस ले रहा था दीवारें फर्श हवासब कुछ जैसे जिंदा हो...
----------------जगल उपन्यास मेरीलेखनी का सब से बेस्ट लेखन है खुद सिफ्त करनी प...
कुसुम रायपुर शहर में कुसुम अपने पति और बच्चों के साथ बडी शान से अपना जीवन व्यती...
कबीर ने सृष्टि को तुरंत कार में बिठाया। उसका हाथ उसके हाथ में कसकर था। सृष्टि लग...
7: कृष्ण कहाँ हैं?तुमने ढूँढा उसे मूर्तियों में, और मंदिरों की दीवारों में,तुमने...
एपिसोड: 'अनंत का उन्मेष' — महा-शून्य की कोख से नया सृजन1. 'इकाई-0...
एकांश वर्शाली की हाथ को पकड़कर अपने कंधे पर रख देता है। और कहता है। > ये भी तो त...
ऋगुवेद सूक्ति-- (४१) की व्याख्या ऋगुवेद सूक्ति--"आर्य ज्योतिरग्रा:"ऋगुवेद-७/३३/७...
लोह पर मक्की की मोटी-मोटी रोटियां थापती वीरों के दिमाग में व...
लेकिन ठंडी हवेली, मंडप सजाया गया है, गुलाबी और सुनहरी डेकोर के बीच शहनाई की हल्की धुन। समय: रात 11 बजे। लाल और सुनहरे फूलों से सजी जगह में शहनाई बज रही है। फूलों की खुशबू के...
1.प्रेम या व्यापार? जिसे तुम प्रेम कहते हो, ज़रा उसकी तह में जाकर देखो, क्या वो रूह का मिलन है, या बस एक गहरा समझौता? तुमने जिसे अपना कहा, क्या उसे सच में जाना है? या अपनी अध...
एपिसोड 1: रिश्तों की नीलामीशहर की रफ़्तार शाम ढलते ही और तेज़ हो गई थी, लेकिन 'खन्ना मेंशन' के भीतर वक्त जैसे ठहर गया था। यह घर नहीं, संगमरमर से बना एक आलीशान ताबूत लगता था...
अमावस्या की रात थी और रात के 11 बज रहे थे । भानपुर गांव का एक तांत्रिक अपनी तात्रिकं साधना करने के लिए सुंदरवन की तरफ जा रहा था । गांव मे ये मान्यता थी के जो कोई भी तात्रिकं अमावस्...
"नहीं! ऐसा मत करो, छोड़ दो please..... जाने दो! नहीं! नहीं!" "रात्रि उठ! ऐसा कहकर मेघा (रात्रि की मां) ने रात्रि को झकझोर दिया। कितनी बार कहा है इस लड़की को की छोड़...
इंसान की किस्मत मे जो लिखा वो उसे मिलकर ही रहेता है, चाहे मौहब्बत हो या हो अश्क.ये कहानी है अरुण और रूपाली की जो कॉलेज मे मिले फिर अच्छे दोस्त बने , रूपाली जो अरुण से प्यार कर बैठी...
उस वक़्त मैं तीन साल का था, मेरा बड़ा भाई सुखेश पांच साल का था औऱ मेरी छोटी बहन भाविका केवल छह महिने की थी. उस वक़्त मेरी मा असाध्य बीमारी का शिकार हो गई थी. उन्हें कांदिव...
सूरज डूबने में कुछ क्षण शेष थे, सुनहरी किरणें पश्चिम के क्षितिज पर बिखरी नज़र आ रही थी। हवा के झोंके अपने मंद प्रवाह के साथ फूलों की महक ला रहे थे। उन झोंकों में महक भी थी और शीतलत...
मध्य प्रदेश के रायसेन जिला में अवस्थित भीमबैठका शैलाश्रय (Bhimbetka Rock Shelters) भोपाल से लगभग 45 किमी दूर विंध्य पर्वत माला के दक्षिण में अवस्थित है। यह स्थान बलुआ पत्थर के चट्ट...
आधी रात का समय था, पर शहर कभी सोता नहीं था। एम्स के तेरहवीं मंजिल के ऑपरेशन थियेटर की चमचमाती लाइटें अब धुंधली पड़ने लगी थीं। डॉ. आर्यन वर्मा ने अपने हाथों के लेटेक्स दस्ताने उतारक...
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