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Rajasthanजहां सबसे ज्यादा रेत पाई जाती हैं , वो गर्म इलाके में रेत के टीलों पर क...
शहनाई की गूंज, गेंदे के फूलों की मादक महक और हवन कुंड से उठते पवित्र धुएं ने उस...
एक कहानी----एक ऐसी लड़की के बारे में---जिसे प्यार में सिर्फ धोखा ही मिला----पर कु...
कॉलेज के पहले दिन की वह सुबह हर साल की तरह आम थी, लेकिन रोहन के लिए यह दिन उसकी...
* मुलाकात.....आख़िर मुलाक़ात होती क्या है?दो लोगों का एक-दूसरे के सामने आ जाना?ए...
रात के करीब बारह बज रहे थे। रामपुर गाँव सन्नाटे की एक गहरी चादर में लिपटा हुआ था...
उस रात जंगल ज़रूरत से ज्यादा खामोश था। इतना खामोश कि नील को सूखी पत्तियों पर पड़...
शाम का वक्त था।बस स्टैंड लगभग खाली था — बस एक 16 साल की लड़की वहाँ खड़ी थी।उसका...
कुछ कहानियाँ मोहब्बत से नहीं शुरू होतीं...शुरू होती हैं एक ऐसे फैसले से, जिसे आप...
रुद्रहृदयोपनिषद--रुद्रहृदयोपनिषद् कृष्ण यजुर्वेद से सम्बद्ध शैव उपनिषद् है और उप...
भूमिका: यह पुस्तक आत्म-अन्वेषण, आध्यात्मिक जागरण और गूढ़ रहस्यों की खोज पर आधारित है। इसमें एक ऐसे पात्र की यात्रा को दर्शाया गया है, जो अपनी आंतरिक शक्ति और आत्मा के गहरे रहस्य...
"मैं उस जगह फिर कभी नहीं जाऊँगा, चाहे कुछ भी हो जाए..." ये शब्द थे आर्यन के, जिसने अपने बचपन के पंद्रह साल दुर्गापुर की पुरानी हवेली में बिताए थे। अब दस साल बाद, पिता के...
यह एक पूर्णतः काल्पनिक (Fictional) कहानी है। इस कहानी के सभी पात्र, घटनाएँ, स्थान (जहाँ विशेष रूप से वास्तविक स्थान का केवल पृष्ठभूमि के रूप में उल्लेख न हो), संवाद और प्रसंग लेखक...
(एक भावनात्मक प्रेम कहानी) दोस्तों, मेरा नाम अनंत है। मैं उत्तर प्रदेश के एक छोटे से गांव में जन्मा, जहां सुबह की शुरुआत होती है घर के पास के मंदिर की घंटियों से और रातें ढलती...
भुइंधर का मोबाइल - प्रदीप श्रीवास्तव भाग १ अम्मा आज विवश होकर आपको यह पत्र लिख रही हूँ , क्योंकि मोबाइल पर यह सारी बातें कह पाने की हिम्मत मैं नहीं जुटा पाई। आप जानती हैं कि मैं ऐस...
घर भरा हुआ था। आँगन में रिश्तेदारों की आवाज़ें थीं—हँसी, गाने, बर्तनों की खनक। शादी की तारीख़ पास थी, और हर कोना तैयारियों से भरा हुआ। सौम्या गुनगुनाती हुई कमरे में आई।...
बेतुकी हाँक महुए से कुछ गरज है न हाजत है ताड़ की साकी को झोंक दूँगा मैं भट्टी में भाड़ की! हात्तेरे पीनेवाले की दुम में पुरानी भट्टी का जंग लगा हुआ भभका! ओ गीदी, हात्तेरे शराब...
यादों के उजाले लाजपत राय गर्ग (1) आज प्रह्लाद को मन मारकर कार्यालय आना पड़ा था। उसके बॉस का सख़्त आदेश न होता तो इस समय वह आने वाली मीटिंग की फाइल तैयार करने की बजाय अपनी पत्नी रेण...
जयपुर का बस स्टॉप शाम को और भी गुलाबी लगता है। हवा में गुलाब जल की महक है, और सामने की दीवार पर जान्हवी पेंट कर रही है — एक अधूरा मोर जिसकी आँखों में उदासी है। जान्हवी कोई आम...
एक एसी हारर कहानी जो पल पल रोमांच और रहस्य से भरी है, जिसे पढ़ते समय पाठक को लगता है वह किसी रहस्यमय दुनिया में आ गया है कुछ पाने के लिए कुछ करना पड़ता है और सब कुछ पाने के लिए...
बारह पन्ने अतीत की शृंखला के बचपन इंसान की ज़िंदगी का सबसे सुनहरा दौर जिसे शायद अंतिम साँस तक नही भुलाया जा सकता ।जीवन का सबसे स्वर्णिम काल ,चिंतारहित खेलना खाना ,बेपरवाह सी ज...
सखी (मन मे) - आप मेरे हो सत्या और मैं आपकी हु। में आपकी ही रहूंगी । में आपकी हंसिनी हु जो अकेली रह सकती है मर सकती है पर कही ओर नहीं जा सकती । दुनिया की रिवाजों जरूरत मुझे नहीं है...
एक अंडरवर्ल्ड की परछाईं में पनपती मासूम मोहब्बत की दास्तान...... Characters introduction............ -वीर सैयद (28 वर्ष) :- "शहर में डर का दूसरा नाम — पर...
हनुमत हांक' बलदेव दास जी द्वारा लिखी गई बड़ी महत्वपूर्ण पुस्तक है । यद्यपि यह सामान्य रूप से सब जगह नहीं पाई जाती, मंदिरों, बड़े पुस्तकालयों और पुस्तक विक्रेताओं से मांगने पर भ...
सागरपुर नाम का शहर, जो न तो पूरी तरह गाँव था और न ही पूरी तरह महानगर। यहाँ न तो मेट्रो की गूंज थी और न ही ऊँची-ऊँची इमारतों की चकाचौंध। लेकिन यहाँ के लोग अपनी ज़िंदगी जीने के लिए स...
मदरसे के सहन में, जहाँ बचपन की बेफिक्रियाँ रक़्स करती थीं, आरिफ़ की निगाहें अक्सर एक नूरानी चेहरे पर ठहर जाती थीं - ज़ोया। ज़ोया, अपनी हया और सादगी में बे-मिसाल थी। आरिफ़, जो अपनी...
निशांत :- पोपकोर्न खाओगी ? ये भैया बहोत अच्छे पॉपकॉर्न बनाता है पता है ?क्यारा :- हम यहा शायद पोपकोर्न खाने नही आये निशांत ? एक साल में कुछ कुछ तो में समजती हु आपको ।निशांत :- अच्छ...
मुंबई की एक सर्द सुबह... समंदर की लहरें शांत थीं, लेकिन शहर के बीचोंबीच एक तूफानी शख्सियत की एंट्री होने वाली थी। काली Mercedes-Benz Maybach का दरवाज़ा खुला, और धुएं की तरह ब...
एक दिन जब तनुजा ने अपने घर फोन किया , उसके पापा ने फोन उठा कर कहा “ हाँ बेटा , बोल कैसी चल रही है तेरी पढ़ाई ? “ “ वो सब ठीक है , मुझे आपलोगों को एक खुशखबरी देनी है . “ “...
# सिर्फ़ 30 दिनों में वज़न कम करने का आसान तरीका आज की दुनिया में सबसे तेज़ी से फैलने वाली बीमारी अगर कोई है, तो वह है मोटापा। यह केवल सौंदर्य या लुक्स की समस्या नहीं है, बल्क...
ये बात २००५ की तब हम लखनऊ इसी आलमबाग रेलवे क्वार्टर में रहते थे। हमारा परिवार तीसरे माले में रहता था। एक रात सोटे हुए अचानक मेरी आंख खुल गई। में बाथरूम की तरफ से बड़ा तो मुझे किसी...
कितनी अजीब बात है ना... बचपन जहाँ खेल और खिलौनों का होना चाहिए, वहाँ कुछ बच्चों के हिस्से सिर्फ ताने, ज़िम्मेदारियाँ और रोने की मनाही आती है। क्यों? क्योंकि वो "लड़का"...
बॉस… आपने जैसा कहा था, काम हो गया है… वह उसी तरह एक पैर पर दूसरा पैर रखे, उस घने अंधेरे कमरे में कुर्सी को आगे-पीछे झुलाते हुए बैठा था। छह फीट से भी लंबा उसका शरीर मानो उस अंधेरे...
छोटे शहर बरेली के एक साधारण से कॉलेज में, नया सत्र शुरू हो चुका था। कॉलेज की भीड़ में, हलके भूरे रंग की शर्ट और नीली जींस पहने एक लड़का, कुछ घबराया, कुछ उत्साहित-सा कैंपस में प्रवे...
खामोश पेंटिंग की पहली साँस पुरानी गली की वह कला-दुकान हमेशा की तरह उस शाम भी आधी अँधेरे में डूबी हुई थी। बाहर बारिश की हल्की बूँदें पत्थरों से टकरा रही थीं और अंदर हवा में पुरान...
वह चार साल बाद अपने घर पहुँची लेकिन गेट पर लगी कॉल-बेल का स्विच दबाने का साहस नहीं कर पाई। क़रीब दस मिनट तक खड़ी रही। उसके हाथ कई बार स्विच तक जा-जा कर ठहर गए। जून की तपा देने वाली...
सुबह के छह बज रहे थे। शहर अभी पूरी तरह जागा नहीं था, लेकिन अंकित की ज़िंदगी में नींद के लिए जगह कब की खत्म हो चुकी थी। किराए के छोटे से कमरे में रखे एक पुराने से पलंग पर वह...
रूहों का सौदा क्या जीत केवल तलवार से होती है? जब मर्यादा की दीवारें ढहने लगीं और क्रोध ने विवेक का गला घोंट दिया, तब रुद्र ने उठाया एक ऐसा कदम जिसने सबको स्तब्ध कर दिया। लेकिन इस श...
हिमालय की ढलानों पर रात पूरी तरह उतर चुकी थी। देवदार के घने जंगल के बीच बने छोटे-से कैम्प में एक अलाव जल रहा था, जिसकी लपटें सबके चेहरों पर नारंगी रोशनी बिखेर रही थीं। ठंडी हवा तम्...
दोहा- श्री गणपति मंगल करण हरण अमंगल मूल । मंगल मूरति मोहि पर रहहु सदा अनुकूल ॥१॥ संवत सर श्रुति खंड विधु कार्तिक शुभ सित पक्ष । छठि मंगल बलदेव कृत हनुमत विनय प्रत्यक्ष ॥२॥( दोहे...
19 साल की थी मैं, जब ज़िंदगी ने मुझे बेच दिया था…” बरसों से जिसे घर कहा था, उसी घर के कोने में बैठी मैं उस दिन अपना वजूद समेट रही थी। माँ की आँखें भीगी थीं, लेकिन लाचार। बाप… वो...
मौत का दस्तक बनारस की उस रात में गंगा के घाटों पर सन्नाटा नहीं, बल्कि एक अजीब सी बेचैनी थी। शाम की आरती के बाद जो शांति छा जानी चाहिए थी, वह आज कहीं खो गई थी। मणिकर्णिका घाट पर ज...
नंदलाल यादव दिल्ली में नौकरी करते हैं और साहिबाबाद में किराए के एक फ्लैट में रहते हैं। लोकल ट्रेन से आना-जाना करते हैं। आई.टी.ओ. पर उतर कर बस से आर.के.पुरम जाते हैं।सुबह शाम सप्ताह...
प्रस्तावना"वो कहते हैं न, कि लड़कियां कमजोर होती हैं...पर मैंने तो देखा है-एक लड़की अपने टूटने की आवाज़ भी अंदर ही दबा लेती है,और जब दुनिया उसे गिरा देती है,तब वो जमीन से नहीं...
शांतनु मातृभारती पर इसी नाम से अत्यंत लोकप्रिय साबित हुए गुजराती उपन्यास का हिन्दी रूपांतरण है इस उपन्यास में एक तरफ़ा प्रेम और दोस्ती की ऊंचाईयों को बड़ी परिपक्वता से दर्शाया गया ह...
जोग लिखी ‘‘बाऊजी आप फिर हुक्का गुड़गुड़ाने लगे कित्ती बार कहा कि जे तोहार सेहत के लिए ठीक ना है। ’’ ‘अरी लाली, तू क्यों मेरे पीछे पड़ी है, अब जे लत आज की तो है ना जो छूट जाए। अब तो...
Location: अंडरग्राउंड RAW फ़ैसिलिटी, लद्दाख वक्त: सुबह 4:30 बजे काँपती हुई ठंडी हवा उस बंकर के लोहे के दरवाज़े से टकरा रही थी, जहाँ देश का सबसे ख़ुफ़िया मिशन शुरू होने जा रहा...
ख़ुलूस ओ प्यार के सांचे में ढल के देखते हैं। जफ़ा की क़ैद से बाहर निकल के देखते हैं।। हम अपने आप को थोडा बदल के देखते हैं। चलो के हम भी हक़ीक़त पे चल के देखते हैं।।...
अध्याय 1 — रामगढ़ में मेनका का आगमन सुबह की धूप अभी-अभी पहाड़ियों के पीछे से झाँकने लगी थी। रामगढ़ गाँव की मिट्टी से उठती हल्की भाप, खपरैल के घरों की छतों से टपकती ओस की बूंदें...
यह एक काल्पनिक कहानी है इसके सभी पात्र और स्थान भी काल्पनिक हैं। अगर इस कहानी में किसी की भी बातों से आपको कष्ट पहुंचे तो उसके लिए मैं माफी चाहूंगा।) ~~एससीबीएस इंटर कॉलेज(काल्प...
इजरायल-हमास संघर्ष के वास्तविक तथ्यों (जैसे, गाजा स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार 55,223 मौतें, 1.8 मिलियन विस्थापित) पर आधारित होगी। यह काल्पनिक लेकिन प्रामाणिक कहानी आमिना (28, शिक्...
एक बार की बात है—निलेश, जय और पार्थ देर रात निलेश के घर पर पार्टी कर रहे थे। पार्टी खत्म होने के बाद जय और पार्थ अपने-अपने घर के लिए निकल पड़े। जय तो अपने घर पहुँच गया, लेकिन पार्थ...
हर कहानी में एक नायक होता है, पर कुछ नायक ऐसे भी होते हैं, जो कभी अपने लिए नहीं जीते। वो चुप रहते हैं, मगर हर पल लड़ते रहते हैं। 'आर्यन' एक साधारण सा इंसान, जिसके कंधों पर...
उसकी आँखों में भर आए आँसू उसके गालों पर गिरने ही वाले थे। आँसुओं से भरी उसकी आँखों में भीड़ और उनके हाथों में लहराते तिरंगे के अक्स दिखाई दे रहे थे। ज़ीरो डिग्री टेम्प्रेचर वाली कड़...
एक झुंड भरकर युवा आधुनिक लडकियां टीचर्स ट्रेंनिंग काॅलेज के गेट पर रुककर यह देहाती गीत गा रही हैं। सभी लडकियों ने ट्रेनिंग काॅलेज की यूनिफाॅर्म पहन रखी है - राजकमल की सफेद काॅटन सा...
वो उस वक्त सिर्फ 12 साल की थी। एक छोटी सी लड़की, जिसकी सुबह बाकी बच्चों जैसी हँसी-खुशी से नहीं, बल्कि घुटन और ज़िम्मेदारियों से शुरू होती थी। वो बाकी बच्चों से अलग स्कूल जाने...
दूर दूर तक यह भजन पहुंचकर अपने ओर लोगों को आकर्षित कर रहा था!! मंदिर के रास्ते पर दो बड़े-बड़े काले रंग कि विलायती गाड़ियां रास्ते से गुजर रही थी उसमें बैठे शख्स को भजन कि आवाज ने...
कुछ प्रेम कहानियाँ अधूरी रह जाती हैं... और कुछ अधूरी होकर भी अमर हो जाती हैं। यह कहानी भी उन्हीं में से एक है। ‘प्रकाश और राधिका’— दो नाम नहीं, दो आत्माएँ थीं जो एक-दूसरे की सा...
फ्लाई किल्लर एस. आर. हरनोट (1) उस चिनार के पेड़ पर सारे मौसम रहते थे। उसके नीचे लगी लोहे की बैंच अंग्रेजों के ज़माने की थी जिस पर वह बैठा रहता था। वह कई बार अपनी उंगलियों के पोरों पर...
चिंदी चिंदी सुख थान बराबर दुःख (1) इवनिंग वाक से लौट कर अभी गेट खोल ही रही थी कि फोन की घंटी बजने लगी | स्क्रीन पर अनजान नंबर चमक रहा था सोचा अभी चेंज कर के ही फोन रिसीव करुँगी |नं...
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