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Featured Books

क्रान्तिकारी By Roop Singh Chandel

क्रान्तिकारी (1) समस्या ज्यों-की त्यों विद्यमान थी. सात महीने सोचते हुए बीत गये थे, लेकिन न तो शैलजा ही कोई उपाय सोच पायी और न ही शांतनु. ज्यों-ज्यों दिन निकट आते जा रहे थे शैलजा क...

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सदफ़िया मंज़िल By Pradeep Shrivastava

सदफ़िया मंज़िल का दरवाज़ा खुला हुआ है। वह भी सदफ़िया की तरह बहुत बूढ़ा हो चुका है। जगह-जगह से चिटक गया है। यह चिटकन और बढ़ कर दरवाज़े को ज़मीन न सुँघा दे, इस लिए जगह-जगह टीन की पट्टियों को...

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अंधेरे की अंजली By Vrunda Amit Dave

हवा बहती थी और ब्रिटिश साम्राज्य की छाया गहराती जा रही थी। उन्हीं गलियों के एक कोने में जन्मी थी अंजलि शास्त्री – एक नेत्रहीन बच्ची। आँखों से दुनिया कभी देखी नहीं, लेकिन उसकी आत्मा...

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चंद्रकांता: एक अधूरी विरासत की खोज By Keshwanand Shiholia

अटारी में धूल के कण हवा में तैर रहे थे, मानो समय के साथ उलझी कोई पुरानी कहानी बुन रहे हों। नाना जी का बंगला, जो कभी किताबों की सौंधी खुशबू, कविताओं की गूंज, और ज्ञान की चर्चाओं से...

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विनाशकाले.. By Rama Sharma Manavi

लाल जोड़े में सजी रेवती हाथों में जयमाल लेकर जब स्टेज पर आई तो बाराती-घराती उसके अप्सरा जैसे रूप को देखकर दूल्हे के भाग्य की सराहना करने लगे।शर्म से झुकी रेवती की पलकें जब जयमाल डाल...

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सुनहरी तितलियों का वाटरलू By Pradeep Shrivastava

कोविड-१९ फ़र्स्ट लॉक-डाउन काल की सत्ताईसवीं सुबह है। रिचेरिया अपॉर्टमेंट की पाँचवीं मंज़िल पर अपने फ़्लैट की बालकनी में बैठी, दूर क्षितिज में एक केसरिया घेरे को बड़ा होता देख रही है।...

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The Mafia Weakness By Goyal Khushi

शहर की रफ़्तार थम चुकी थी, लेकिन आसमान अपनी पूरी ताकत से गरज रहा था। रात के 11 बज रहे थे। ऐशा अपने भारी बैग को कंधे पर टांगे, कॉलेज की एक्स्ट्रा क्लास खत्म कर घर की ओर तेज़ कदमों स...

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Lunar Blood By Sameer Kumar

एलारिया की शांत और सुंदर दुनिया में, जहाँ हरे-भरे मैदान और घने जंगल फैले हुए थे, एक छोटा-सा गाँव लिलीवुड अपनी सादगी और खुशियों के लिए जाना जाता था। यहाँ के लोग प्रकृति के करीब रहते...

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Obession of my Girl By Noor

वो अब तक शराब के चार बोतल ख़तम कर चुकी थी। एक आलीशान कमरा… जिसमें दीवारों कुछ महंगी पेंटिंग्स लगे थे । वो कोई आम पेंटिंग्स नहीं थे, हर जगह अलग अलग जानवरों के पेंटिंग्स थे , जैसे...

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हनुमान बाहुक रहस्य -प.गंगाराम शास्त्री समीक्षा By Ram Bharose Mishra

यह पुस्तक संस्कृत और तंत्र के बड़े विद्वान पण्डित गङ्गाराम शास्त्री जी सेंवढ़ा वालों द्वारा गहरे रिसर्च, अध्य्यन, अनुशीलन,खोज, अनुसंधान, तपस्या और प्रयोगों के बाद लिखी गयी है। इसमें...

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कहानी किससे ये कहें! By Neela Prasad

कहानी किससे ये कहें! नीला प्रसाद (1) 31 अगस्त 1991. सुबह-सुबह आसमान में छाए घने काले बादल इंगित कर रहे हैं कि किसी भी क्षण वर्षा शुरू हो जा सकती है। लगभग साढ़े तीन दशक लंबी नौकरी क...

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काला गुलाब By Last leaf

लंबे बाल, गोरा रंग, बड़ी-बड़ी आखें... एक अजीब सी खामोशी। शादी के एक फंक्शनम में राज ने उसे पहली बार देखा था। बस एक नजर... और उस नजर ने सब कुछ बदल दिया था। उसे नजर ने राज की पूरी दु...

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दीवारें तोड़ती मोहब्बत By ADITYA RAJ RAI

सर्द हवा का एक झोंका खिड़की के खुले हिस्से से घुसा और अनायरा के करीने से सजे ऑफिस में हल्की-सी हलचल मचा गया। उसने अपने बाल एक कान के पीछे झटकते हुए सामने रखे डिज़ाइन पोर्टफोलियो पर...

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ग़रीबी के आचरण By Manjeet Singh Gauhar

इस संसार में सभी तरह के प्राणी रहते हैं। इन सभी प्राणियों में से एक प्राणी इन्सान भी है। जो भगवान द्वारा बनाई गयी सभी चीज़ों में बहुत ही ज़्यादा खूबसूरत है। इंसान से जुड़ी कु...

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तेरे मेरे दरमियाँ By Neetu Suthar

स्थान: उदयपुर, राजस्थान
समय: जुलाई की शुरुआत — हल्की बारिश का मौसम

सुबह के सात बजे थे। उदयपुर की संकरी गलियों में हल्की बारिश की बूंदें मिट्टी से मिलकर एक मोहक सी खुशबू फैला रह...

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धूमकेतू By mayur pokale

अंधेरे का समय था।
रामपुर नाम का एक छोटा-सा गांव गहरी नींद में डूबा हुआ था। मगर अजय अब भी जाग रहा था। किसी चीज़ पर ध्यान लगाकर काम कर रहा था। और करता भी क्यों नहीं — वह पेशे से एक...

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नागिन का आखरी इंतकाम By Appa Jaunjat

हे एक गाव मै एक लडकी और उसका पती और उसके मा बाबा रहथे थे लेकीन ऊन चारो को कोई तो मारदेता हे उसे किसने मारा देखेगे हम एक शहर में एक शुभांगी नाम की एक लडकी रेहती थी उसके घरमे program...

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इतिहास से छेड़छाड़. By Mini Kumari

निषेधमात्रवाद क्या है?
“निषेधमात्रवाद का मतलब है—मानवता के खिलाफ ऐतिहासिक अपराधों को नकारना। यह ज्ञात तथ्यों की पुनर्व्याख्या नहीं है, बल्कि ज्ञात तथ्यों को पूरी तरह से नकारना है।...

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रंगून क्रीपर और अप्रैल की एक उदास रात By PANKAJ SUBEER

रंगून क्रीपर और अप्रैल की एक उदास रात (कहानी : पंकज सुबीर) (1) हवा में उदासी घुली हुई है। उदासी, जो मौसमों की थपक के साथ पैदा होती है। बाहर वसंत और पतझड़ क्या है, कुछ समझा नहीं जा...

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वो कौन थी? By sapna

"दुनिया में कुछ चीज़ें ऐसी होती हैं जिन्हें हमारा दिमाग तो नहीं मानता, लेकिन हमारी रूह महसूस कर सकती है। हम अक्सर अंधेरे रास्तों पर चलते हुए पीछे मुड़कर देखते हैं, यह सोचकर कि...

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सिल्वरस्क्रीन के गोल्डन ब्वॉयज़ By Prabodh Kumar Govil

हिंदी सिनेमा का आगाज़ लगभग एक सदी पुराना है। एक सौ दस बरस के सेल्युलॉयड के इस सफ़र में देश के कौने कौने से अभिनय करके नाम कमाने के लिए हज़ारों लोग आए और चले भी गए। कुछ सफ़ल होकर सि...

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तुम मेरे हो By NEELOMA

सुबह की किरणें कमरे में फैल चुकी थीं। लगभग 45-46 का चौबे, पहलवान जैसा गठीला शरीर लिए, आँगन में कसरत कर रहा था। उसकी भारी आवाज़ गूँजी—

“नीचे आ जा और कसरत कर, वरना नाश्ता नहीं मिल...

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सिंहासन By W.Brajendra

रहस्यमयी दस्तावेज़

जयपुर की एक पुरानी लाइब्रेरी में, किताबों की धूल भरी अलमारियों के बीच, इतिहास के शोधकर्ता आरव मल्होत्रा को एक फटी-पुरानी डायरी मिली। वह रोज़ाना किसी नए राज की...

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बाजी किस ने प्यार की जीती या हारी By S Sinha

यह एक प्रेम कहानी है जिसमें प्रेमी और प्रेमिका की शादी नहीं हो सकी और दोनों चष्टे ुए भी एक नहीं हो सके …



“ तुम मुझे बहुत अच्छी लगती हो . “ अमित ने अपने साथ पढ़ने वाली...

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2 दिन चांदनी, 100 दिन काली रात By बैरागी दिलीप दास

"कभी हँसी डराती है, कभी डर भी हँसा देता है। लेकिन जब प्यार दोनों बन जाए, तो रातें गुदगुदाने लगती हैं..."? Scene: Jaipur, रात 11:47 PM

"तू फिर से आ गई?"शेखर ने मो...

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संगीत से बुनी प्यार की कहानी By Ritesh

रवि वर्षा के मौसम में एक सुबह उठकर अपने घर की तरफ बढ़ रहा था। उसका दिल खुशी से भरा हुआ था क्योंकि उसे अपनी प्रिय दोस्त के साथ पिकनिक जाने का मौका मिल रहा था। उसने दोस्तों के साथ सु...

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लास्ट मर्डर By Jaidev chawariya

शाम के पांच बज रहे थे।
राहुल खन्ना अपने ऑफिस का काम कर रहा था । ऑफिस का रूम काफी बड़ा था ।

वह एक कुर्सी पर बैठा हुआ था और सामने रखी मेज पर काफी फाइले पड़ी हुई थी, इस समय वह अ...

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राजसिंहासन By Harshit Ranjan

प्राचीन काल की बात है,भारत के एक राज्य में एक महान प्रातापी राजा राज करता था । उसके नाम था जयसिंह ।वह बहुत ही समपन्न राजा था । पड़ोसी राज्यों के सभी राजा उससे डरते थे और प्रत्येक म...

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मीरा बाई : कृष्ण भक्ति की अमर साधिका By mood Writer

भारत की भक्ति परम्परा में मीरा बाई का नाम अमर है। वे केवल एक कवयित्री नहीं थीं, बल्कि वे भक्ति, प्रेम और समर्पण का जीवित स्वरूप थीं। 16वीं शताब्दी का राजस्थानी समाज जहाँ वीरता और स...

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Red Love By BleedingTypewriter

मैं हूँ Jachu — एक writer, जो अब तक मर्डर, थ्रिलर और क्राइम की दुनिया में जीती आई है।
लेकिन आज... कुछ अलग है।
आज मैं एक love story लिखने जा रही हूँ। और नहीं, ये सिर्फ कहानी नहीं...

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टीपू सुल्तान नायक या खलनायक ? By Ayesha

ऐतिहासिक उपन्यास आमतौर पर ऐतिहासिक तथ्यों और कल्पना का मिश्रण होते हैं। इसलिए उनसे सभी ऐतिहासिक घटनाओं का यथार्थ चित्रण करने की अपेक्षा नहीं की जाती। हालाँकि, ऐतिहासिक उपन्यासों के...

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भुइंधर का मोबाइल By Pradeep Shrivastava

भुइंधर का मोबाइल - प्रदीप श्रीवास्तव भाग १ अम्मा आज विवश होकर आपको यह पत्र लिख रही हूँ , क्योंकि मोबाइल पर यह सारी बातें कह पाने की हिम्मत मैं नहीं जुटा पाई। आप जानती हैं कि मैं ऐस...

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बड़े दिल वाला By Ratna Pandey

योगेश और संगीता का घर जगमगा रहा था। सुंदर बिजली की लड़ियाँ मानो बार-बार खिलखिला कर हँस रही थीं। आने-जाने वालों का मन मोहने वाली इस घर की सुंदरता में ताज़े फूलों की ख़ुशबू अपनी उपस्...

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राधे..प्रेम की अनोखी दास्तां (सीज़न 2) By Soni shakya

इस शाम की तरह जिंदगी भी ढल रही थी राधा की....

शाम के 4:00 रहे थे, राधा अपने कमरे से निकल कर बाहर आती है।

क्या हुआ राधा कुछ चाहिए क्या तुम्हें?

तुम उठकर क्यों चली आई मुझे ब...

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पहली नज़र का जांदू By kajal jha

पटना की गलियों में सुबह की पहली किरणें चाय की दुकानों को जगातीं। कचौड़ी-समोसे की खुशबू हवा में घुली हुई थी। इस जीवंत मोहल्ले में रिया का छोटा सा घर था – पुरानी ईंटों की दीवारें, ले...

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आत्मा की खोज - तीसरी आँख से परे By Puneet Katariya

भूमिका:

यह पुस्तक आत्म-अन्वेषण, आध्यात्मिक जागरण और गूढ़ रहस्यों की खोज पर आधारित है। इसमें एक ऐसे पात्र की यात्रा को दर्शाया गया है, जो अपनी आंतरिक शक्ति और आत्मा के गहरे रहस्य...

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अधूरी घंटी By Arkan

शहर से दूर, पुराने गाँव के कोने में एक हवेली थी, जिसे लोग “काली हवेली” कहते थे। वहाँ कभी किसी ज़मींदार का परिवार रहता था, लेकिन दशकों से वह वीरान थी। टूटी खिड़कियाँ, दरकती दीवारें...

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एक महान व्यक्तित्व By krick

मेरा जन्म गाव मे एक छोटे से परिवार मे हुआ था। मेरे पापा गुजराती विषय के अध्यापक है वो एक सरकारी हाईय स्कूल मे पढ़ाते है। मेरा पुरा परिवार शिक्षा क्षेत्र से जुड़ा हुआ है मेरे बडे पा...

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अंधेरी गुफा By wow mission successful

एक रहस्यमयी भयावह कथा)
बिहार के एक छोटे से गाँव कुरहारी के पास, पहाड़ियों के बीच एक पुरानी गुफा थी — जिसे लोग “अंधेरी गुफा” कहते थे। कोई नहीं जानता था कि वो कितनी गहरी है, पर इतना...

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यादों के उजाले By Lajpat Rai Garg

यादों के उजाले लाजपत राय गर्ग (1) आज प्रह्लाद को मन मारकर कार्यालय आना पड़ा था। उसके बॉस का सख़्त आदेश न होता तो इस समय वह आने वाली मीटिंग की फाइल तैयार करने की बजाय अपनी पत्नी रेण...

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पर्दे के पीछे By ARTI MEENA

सुबह का समय था।शहर अभी पूरी तरह जागा नहीं था, लेकिन सड़कों पर भागती जिंदगी की आहट सुनाई देने लगी थी। चाय की केतली से उठती भाप के साथ मिश्रा जी बरामदे में कुर्सी डालकर अख़बार पढ़ रह...

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बारह पन्ने - अतीत की शृंखला से By Mamta

बारह पन्ने अतीत की शृंखला के बचपन इंसान की ज़िंदगी का सबसे सुनहरा दौर जिसे शायद अंतिम साँस तक नही भुलाया जा सकता ।जीवन का सबसे स्वर्णिम काल ,चिंतारहित खेलना खाना ,बेपरवाह सी ज...

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झग्गू पत्रकार By Deepak Bundela Arymoulik

आजकल की खबरें कोई खबरें हैं जो दिन भर शब्दों के हेर फेर करके ब्रेकग न्यूज़ के नाम पर पब्लिक को धमकाते और डराते रहते हैं जीके लिए ज्ञानी अज्ञानी और बुद्धिजीवी की एक पूरी की पूरी फौज...

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हुश्शू By Ratan Nath Sarshar

बेतुकी हाँक
महुए से कुछ गरज है न हाजत है ताड़ की
साकी को झोंक दूँगा मैं भट्टी में भाड़ की!
हात्‍तेरे पीनेवाले की दुम में पुरानी भट्टी का जंग लगा हुआ भभका! ओ गीदी, हात्‍तेरे शराब...

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मानो या न मानो By Koushik B

ये बात २००५ की तब हम लखनऊ इसी आलमबाग रेलवे क्वार्टर में रहते थे। हमारा परिवार तीसरे माले में रहता था। एक रात सोटे हुए अचानक मेरी आंख खुल गई। में बाथरूम की तरफ से बड़ा तो मुझे किसी...

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Ghost hunters By Rishav raj

Ghost hunter रात के 2:17 बजे दिल्ली के बाहरी इलाके में एक छोटा-सा ऑफिस बाहर से देखने पर बिल्कुल साधारण, लेकिन अंदर का माहौल अलग ही था। दीवारों पर अजीब-सी मशीनें, वायरिंग, EMF मीटर,...

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रिश्ता एक कागज का. By Dhruv oza

निशांत :- पोपकोर्न खाओगी ? ये भैया बहोत अच्छे पॉपकॉर्न बनाता है पता है ?क्यारा :- हम यहा शायद पोपकोर्न खाने नही आये निशांत ? एक साल में कुछ कुछ तो में समजती हु आपको ।निशांत :- अच्छ...

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श्रापित हवेली By priyanshu kumar

"मैं उस जगह फिर कभी नहीं जाऊँगा, चाहे कुछ भी हो जाए..."

ये शब्द थे आर्यन के, जिसने अपने बचपन के पंद्रह साल दुर्गापुर की पुरानी हवेली में बिताए थे। अब दस साल बाद, पिता के...

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रुबिका के दायरे By Pradeep Shrivastava

“यह तो चाँस की बात थी कि शाहीन बाग़ साज़िश में हम-दोनों जेल जाने से बच गई और टाइम रहते अबॉर्शन करवा लिया, नहीं तो हम भी आज आरफा जरगर की तरह किसी अनाम बाप के बच्चे को लेकर दुनिया से म...

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ललित - The Master of Thikri By salman khatik

"कभी-कभी, जो काम सबसे मामूली लगता है, वही सबसे गहरी साजिशों से घिरा होता है।"

आपके हाथों में जो किताब है, वह सिर्फ एक कहानी नहीं, बल्कि हकीकत के कड़वे और रोमां...

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क्रान्तिकारी By Roop Singh Chandel

क्रान्तिकारी (1) समस्या ज्यों-की त्यों विद्यमान थी. सात महीने सोचते हुए बीत गये थे, लेकिन न तो शैलजा ही कोई उपाय सोच पायी और न ही शांतनु. ज्यों-ज्यों दिन निकट आते जा रहे थे शैलजा क...

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सदफ़िया मंज़िल By Pradeep Shrivastava

सदफ़िया मंज़िल का दरवाज़ा खुला हुआ है। वह भी सदफ़िया की तरह बहुत बूढ़ा हो चुका है। जगह-जगह से चिटक गया है। यह चिटकन और बढ़ कर दरवाज़े को ज़मीन न सुँघा दे, इस लिए जगह-जगह टीन की पट्टियों को...

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अंधेरे की अंजली By Vrunda Amit Dave

हवा बहती थी और ब्रिटिश साम्राज्य की छाया गहराती जा रही थी। उन्हीं गलियों के एक कोने में जन्मी थी अंजलि शास्त्री – एक नेत्रहीन बच्ची। आँखों से दुनिया कभी देखी नहीं, लेकिन उसकी आत्मा...

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चंद्रकांता: एक अधूरी विरासत की खोज By Keshwanand Shiholia

अटारी में धूल के कण हवा में तैर रहे थे, मानो समय के साथ उलझी कोई पुरानी कहानी बुन रहे हों। नाना जी का बंगला, जो कभी किताबों की सौंधी खुशबू, कविताओं की गूंज, और ज्ञान की चर्चाओं से...

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विनाशकाले.. By Rama Sharma Manavi

लाल जोड़े में सजी रेवती हाथों में जयमाल लेकर जब स्टेज पर आई तो बाराती-घराती उसके अप्सरा जैसे रूप को देखकर दूल्हे के भाग्य की सराहना करने लगे।शर्म से झुकी रेवती की पलकें जब जयमाल डाल...

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सुनहरी तितलियों का वाटरलू By Pradeep Shrivastava

कोविड-१९ फ़र्स्ट लॉक-डाउन काल की सत्ताईसवीं सुबह है। रिचेरिया अपॉर्टमेंट की पाँचवीं मंज़िल पर अपने फ़्लैट की बालकनी में बैठी, दूर क्षितिज में एक केसरिया घेरे को बड़ा होता देख रही है।...

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The Mafia Weakness By Goyal Khushi

शहर की रफ़्तार थम चुकी थी, लेकिन आसमान अपनी पूरी ताकत से गरज रहा था। रात के 11 बज रहे थे। ऐशा अपने भारी बैग को कंधे पर टांगे, कॉलेज की एक्स्ट्रा क्लास खत्म कर घर की ओर तेज़ कदमों स...

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Lunar Blood By Sameer Kumar

एलारिया की शांत और सुंदर दुनिया में, जहाँ हरे-भरे मैदान और घने जंगल फैले हुए थे, एक छोटा-सा गाँव लिलीवुड अपनी सादगी और खुशियों के लिए जाना जाता था। यहाँ के लोग प्रकृति के करीब रहते...

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Obession of my Girl By Noor

वो अब तक शराब के चार बोतल ख़तम कर चुकी थी। एक आलीशान कमरा… जिसमें दीवारों कुछ महंगी पेंटिंग्स लगे थे । वो कोई आम पेंटिंग्स नहीं थे, हर जगह अलग अलग जानवरों के पेंटिंग्स थे , जैसे...

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हनुमान बाहुक रहस्य -प.गंगाराम शास्त्री समीक्षा By Ram Bharose Mishra

यह पुस्तक संस्कृत और तंत्र के बड़े विद्वान पण्डित गङ्गाराम शास्त्री जी सेंवढ़ा वालों द्वारा गहरे रिसर्च, अध्य्यन, अनुशीलन,खोज, अनुसंधान, तपस्या और प्रयोगों के बाद लिखी गयी है। इसमें...

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कहानी किससे ये कहें! By Neela Prasad

कहानी किससे ये कहें! नीला प्रसाद (1) 31 अगस्त 1991. सुबह-सुबह आसमान में छाए घने काले बादल इंगित कर रहे हैं कि किसी भी क्षण वर्षा शुरू हो जा सकती है। लगभग साढ़े तीन दशक लंबी नौकरी क...

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काला गुलाब By Last leaf

लंबे बाल, गोरा रंग, बड़ी-बड़ी आखें... एक अजीब सी खामोशी। शादी के एक फंक्शनम में राज ने उसे पहली बार देखा था। बस एक नजर... और उस नजर ने सब कुछ बदल दिया था। उसे नजर ने राज की पूरी दु...

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दीवारें तोड़ती मोहब्बत By ADITYA RAJ RAI

सर्द हवा का एक झोंका खिड़की के खुले हिस्से से घुसा और अनायरा के करीने से सजे ऑफिस में हल्की-सी हलचल मचा गया। उसने अपने बाल एक कान के पीछे झटकते हुए सामने रखे डिज़ाइन पोर्टफोलियो पर...

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ग़रीबी के आचरण By Manjeet Singh Gauhar

इस संसार में सभी तरह के प्राणी रहते हैं। इन सभी प्राणियों में से एक प्राणी इन्सान भी है। जो भगवान द्वारा बनाई गयी सभी चीज़ों में बहुत ही ज़्यादा खूबसूरत है। इंसान से जुड़ी कु...

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तेरे मेरे दरमियाँ By Neetu Suthar

स्थान: उदयपुर, राजस्थान
समय: जुलाई की शुरुआत — हल्की बारिश का मौसम

सुबह के सात बजे थे। उदयपुर की संकरी गलियों में हल्की बारिश की बूंदें मिट्टी से मिलकर एक मोहक सी खुशबू फैला रह...

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धूमकेतू By mayur pokale

अंधेरे का समय था।
रामपुर नाम का एक छोटा-सा गांव गहरी नींद में डूबा हुआ था। मगर अजय अब भी जाग रहा था। किसी चीज़ पर ध्यान लगाकर काम कर रहा था। और करता भी क्यों नहीं — वह पेशे से एक...

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नागिन का आखरी इंतकाम By Appa Jaunjat

हे एक गाव मै एक लडकी और उसका पती और उसके मा बाबा रहथे थे लेकीन ऊन चारो को कोई तो मारदेता हे उसे किसने मारा देखेगे हम एक शहर में एक शुभांगी नाम की एक लडकी रेहती थी उसके घरमे program...

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इतिहास से छेड़छाड़. By Mini Kumari

निषेधमात्रवाद क्या है?
“निषेधमात्रवाद का मतलब है—मानवता के खिलाफ ऐतिहासिक अपराधों को नकारना। यह ज्ञात तथ्यों की पुनर्व्याख्या नहीं है, बल्कि ज्ञात तथ्यों को पूरी तरह से नकारना है।...

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रंगून क्रीपर और अप्रैल की एक उदास रात By PANKAJ SUBEER

रंगून क्रीपर और अप्रैल की एक उदास रात (कहानी : पंकज सुबीर) (1) हवा में उदासी घुली हुई है। उदासी, जो मौसमों की थपक के साथ पैदा होती है। बाहर वसंत और पतझड़ क्या है, कुछ समझा नहीं जा...

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वो कौन थी? By sapna

"दुनिया में कुछ चीज़ें ऐसी होती हैं जिन्हें हमारा दिमाग तो नहीं मानता, लेकिन हमारी रूह महसूस कर सकती है। हम अक्सर अंधेरे रास्तों पर चलते हुए पीछे मुड़कर देखते हैं, यह सोचकर कि...

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सिल्वरस्क्रीन के गोल्डन ब्वॉयज़ By Prabodh Kumar Govil

हिंदी सिनेमा का आगाज़ लगभग एक सदी पुराना है। एक सौ दस बरस के सेल्युलॉयड के इस सफ़र में देश के कौने कौने से अभिनय करके नाम कमाने के लिए हज़ारों लोग आए और चले भी गए। कुछ सफ़ल होकर सि...

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तुम मेरे हो By NEELOMA

सुबह की किरणें कमरे में फैल चुकी थीं। लगभग 45-46 का चौबे, पहलवान जैसा गठीला शरीर लिए, आँगन में कसरत कर रहा था। उसकी भारी आवाज़ गूँजी—

“नीचे आ जा और कसरत कर, वरना नाश्ता नहीं मिल...

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सिंहासन By W.Brajendra

रहस्यमयी दस्तावेज़

जयपुर की एक पुरानी लाइब्रेरी में, किताबों की धूल भरी अलमारियों के बीच, इतिहास के शोधकर्ता आरव मल्होत्रा को एक फटी-पुरानी डायरी मिली। वह रोज़ाना किसी नए राज की...

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बाजी किस ने प्यार की जीती या हारी By S Sinha

यह एक प्रेम कहानी है जिसमें प्रेमी और प्रेमिका की शादी नहीं हो सकी और दोनों चष्टे ुए भी एक नहीं हो सके …



“ तुम मुझे बहुत अच्छी लगती हो . “ अमित ने अपने साथ पढ़ने वाली...

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2 दिन चांदनी, 100 दिन काली रात By बैरागी दिलीप दास

"कभी हँसी डराती है, कभी डर भी हँसा देता है। लेकिन जब प्यार दोनों बन जाए, तो रातें गुदगुदाने लगती हैं..."? Scene: Jaipur, रात 11:47 PM

"तू फिर से आ गई?"शेखर ने मो...

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संगीत से बुनी प्यार की कहानी By Ritesh

रवि वर्षा के मौसम में एक सुबह उठकर अपने घर की तरफ बढ़ रहा था। उसका दिल खुशी से भरा हुआ था क्योंकि उसे अपनी प्रिय दोस्त के साथ पिकनिक जाने का मौका मिल रहा था। उसने दोस्तों के साथ सु...

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लास्ट मर्डर By Jaidev chawariya

शाम के पांच बज रहे थे।
राहुल खन्ना अपने ऑफिस का काम कर रहा था । ऑफिस का रूम काफी बड़ा था ।

वह एक कुर्सी पर बैठा हुआ था और सामने रखी मेज पर काफी फाइले पड़ी हुई थी, इस समय वह अ...

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राजसिंहासन By Harshit Ranjan

प्राचीन काल की बात है,भारत के एक राज्य में एक महान प्रातापी राजा राज करता था । उसके नाम था जयसिंह ।वह बहुत ही समपन्न राजा था । पड़ोसी राज्यों के सभी राजा उससे डरते थे और प्रत्येक म...

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मीरा बाई : कृष्ण भक्ति की अमर साधिका By mood Writer

भारत की भक्ति परम्परा में मीरा बाई का नाम अमर है। वे केवल एक कवयित्री नहीं थीं, बल्कि वे भक्ति, प्रेम और समर्पण का जीवित स्वरूप थीं। 16वीं शताब्दी का राजस्थानी समाज जहाँ वीरता और स...

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Red Love By BleedingTypewriter

मैं हूँ Jachu — एक writer, जो अब तक मर्डर, थ्रिलर और क्राइम की दुनिया में जीती आई है।
लेकिन आज... कुछ अलग है।
आज मैं एक love story लिखने जा रही हूँ। और नहीं, ये सिर्फ कहानी नहीं...

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टीपू सुल्तान नायक या खलनायक ? By Ayesha

ऐतिहासिक उपन्यास आमतौर पर ऐतिहासिक तथ्यों और कल्पना का मिश्रण होते हैं। इसलिए उनसे सभी ऐतिहासिक घटनाओं का यथार्थ चित्रण करने की अपेक्षा नहीं की जाती। हालाँकि, ऐतिहासिक उपन्यासों के...

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भुइंधर का मोबाइल By Pradeep Shrivastava

भुइंधर का मोबाइल - प्रदीप श्रीवास्तव भाग १ अम्मा आज विवश होकर आपको यह पत्र लिख रही हूँ , क्योंकि मोबाइल पर यह सारी बातें कह पाने की हिम्मत मैं नहीं जुटा पाई। आप जानती हैं कि मैं ऐस...

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बड़े दिल वाला By Ratna Pandey

योगेश और संगीता का घर जगमगा रहा था। सुंदर बिजली की लड़ियाँ मानो बार-बार खिलखिला कर हँस रही थीं। आने-जाने वालों का मन मोहने वाली इस घर की सुंदरता में ताज़े फूलों की ख़ुशबू अपनी उपस्...

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राधे..प्रेम की अनोखी दास्तां (सीज़न 2) By Soni shakya

इस शाम की तरह जिंदगी भी ढल रही थी राधा की....

शाम के 4:00 रहे थे, राधा अपने कमरे से निकल कर बाहर आती है।

क्या हुआ राधा कुछ चाहिए क्या तुम्हें?

तुम उठकर क्यों चली आई मुझे ब...

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पहली नज़र का जांदू By kajal jha

पटना की गलियों में सुबह की पहली किरणें चाय की दुकानों को जगातीं। कचौड़ी-समोसे की खुशबू हवा में घुली हुई थी। इस जीवंत मोहल्ले में रिया का छोटा सा घर था – पुरानी ईंटों की दीवारें, ले...

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आत्मा की खोज - तीसरी आँख से परे By Puneet Katariya

भूमिका:

यह पुस्तक आत्म-अन्वेषण, आध्यात्मिक जागरण और गूढ़ रहस्यों की खोज पर आधारित है। इसमें एक ऐसे पात्र की यात्रा को दर्शाया गया है, जो अपनी आंतरिक शक्ति और आत्मा के गहरे रहस्य...

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अधूरी घंटी By Arkan

शहर से दूर, पुराने गाँव के कोने में एक हवेली थी, जिसे लोग “काली हवेली” कहते थे। वहाँ कभी किसी ज़मींदार का परिवार रहता था, लेकिन दशकों से वह वीरान थी। टूटी खिड़कियाँ, दरकती दीवारें...

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एक महान व्यक्तित्व By krick

मेरा जन्म गाव मे एक छोटे से परिवार मे हुआ था। मेरे पापा गुजराती विषय के अध्यापक है वो एक सरकारी हाईय स्कूल मे पढ़ाते है। मेरा पुरा परिवार शिक्षा क्षेत्र से जुड़ा हुआ है मेरे बडे पा...

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अंधेरी गुफा By wow mission successful

एक रहस्यमयी भयावह कथा)
बिहार के एक छोटे से गाँव कुरहारी के पास, पहाड़ियों के बीच एक पुरानी गुफा थी — जिसे लोग “अंधेरी गुफा” कहते थे। कोई नहीं जानता था कि वो कितनी गहरी है, पर इतना...

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यादों के उजाले By Lajpat Rai Garg

यादों के उजाले लाजपत राय गर्ग (1) आज प्रह्लाद को मन मारकर कार्यालय आना पड़ा था। उसके बॉस का सख़्त आदेश न होता तो इस समय वह आने वाली मीटिंग की फाइल तैयार करने की बजाय अपनी पत्नी रेण...

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पर्दे के पीछे By ARTI MEENA

सुबह का समय था।शहर अभी पूरी तरह जागा नहीं था, लेकिन सड़कों पर भागती जिंदगी की आहट सुनाई देने लगी थी। चाय की केतली से उठती भाप के साथ मिश्रा जी बरामदे में कुर्सी डालकर अख़बार पढ़ रह...

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बारह पन्ने - अतीत की शृंखला से By Mamta

बारह पन्ने अतीत की शृंखला के बचपन इंसान की ज़िंदगी का सबसे सुनहरा दौर जिसे शायद अंतिम साँस तक नही भुलाया जा सकता ।जीवन का सबसे स्वर्णिम काल ,चिंतारहित खेलना खाना ,बेपरवाह सी ज...

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झग्गू पत्रकार By Deepak Bundela Arymoulik

आजकल की खबरें कोई खबरें हैं जो दिन भर शब्दों के हेर फेर करके ब्रेकग न्यूज़ के नाम पर पब्लिक को धमकाते और डराते रहते हैं जीके लिए ज्ञानी अज्ञानी और बुद्धिजीवी की एक पूरी की पूरी फौज...

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हुश्शू By Ratan Nath Sarshar

बेतुकी हाँक
महुए से कुछ गरज है न हाजत है ताड़ की
साकी को झोंक दूँगा मैं भट्टी में भाड़ की!
हात्‍तेरे पीनेवाले की दुम में पुरानी भट्टी का जंग लगा हुआ भभका! ओ गीदी, हात्‍तेरे शराब...

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मानो या न मानो By Koushik B

ये बात २००५ की तब हम लखनऊ इसी आलमबाग रेलवे क्वार्टर में रहते थे। हमारा परिवार तीसरे माले में रहता था। एक रात सोटे हुए अचानक मेरी आंख खुल गई। में बाथरूम की तरफ से बड़ा तो मुझे किसी...

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Ghost hunters By Rishav raj

Ghost hunter रात के 2:17 बजे दिल्ली के बाहरी इलाके में एक छोटा-सा ऑफिस बाहर से देखने पर बिल्कुल साधारण, लेकिन अंदर का माहौल अलग ही था। दीवारों पर अजीब-सी मशीनें, वायरिंग, EMF मीटर,...

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रिश्ता एक कागज का. By Dhruv oza

निशांत :- पोपकोर्न खाओगी ? ये भैया बहोत अच्छे पॉपकॉर्न बनाता है पता है ?क्यारा :- हम यहा शायद पोपकोर्न खाने नही आये निशांत ? एक साल में कुछ कुछ तो में समजती हु आपको ।निशांत :- अच्छ...

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श्रापित हवेली By priyanshu kumar

"मैं उस जगह फिर कभी नहीं जाऊँगा, चाहे कुछ भी हो जाए..."

ये शब्द थे आर्यन के, जिसने अपने बचपन के पंद्रह साल दुर्गापुर की पुरानी हवेली में बिताए थे। अब दस साल बाद, पिता के...

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रुबिका के दायरे By Pradeep Shrivastava

“यह तो चाँस की बात थी कि शाहीन बाग़ साज़िश में हम-दोनों जेल जाने से बच गई और टाइम रहते अबॉर्शन करवा लिया, नहीं तो हम भी आज आरफा जरगर की तरह किसी अनाम बाप के बच्चे को लेकर दुनिया से म...

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ललित - The Master of Thikri By salman khatik

"कभी-कभी, जो काम सबसे मामूली लगता है, वही सबसे गहरी साजिशों से घिरा होता है।"

आपके हाथों में जो किताब है, वह सिर्फ एक कहानी नहीं, बल्कि हकीकत के कड़वे और रोमां...

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