सामाजिक कहानियां कहानियाँ पढ़े और PDF में डाउनलोड करे

Stories and books have been a fundamental part of human culture since the dawn of civilization, acting as a powerful tool for communication, education, and entertainment. Whether told around a campfire, written in ancient texts, or shared through modern media, Moral Stories in hindi books and stories have the unique ability to transcend time and space, connecting people across generations and cult...Read More


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अनकही कहानियां By Vijay Erry

अनकही कहानियाँ(लगभग 2000 शब्द)लेखक: विजय शर्मा एरीप्रस्तावनाज़िंदगी में कुछ कहानियाँ कही जाती हैं, कुछ सुनी जाती हैं, और कुछ… अनकही रह जाती हैं।वे कहानियाँ जो दिल के किसी कोने में...

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रिश्ते में बहस में जीतना By r k lal

रिश्ते में बहस में जीतना आर0 के0 लाल   सुशील को अपनी बात पर पूरा विश्वास था। वह जानता था कि इस बार गलती उसकी नहीं थी। सामने उसकी पत्नी मीरा थी और उसकी आँखों में गुस्से से अधिक दुख...

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दुश्मनों का प्यार By Vijay Erry

दुश्मनों का प्यारलेखक: विजय शर्मा एर्रीगाँव के किनारे बहती नदी के पास एक पुराना मंदिर था। उस मंदिर के पास दो घर थे। एक घर में रामलाल ठाकुर रहते थे और दूसरे में श्यामसिंह यादव। दोनो...

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वंश और विरासत - भाग 3 By prem chand hembram

वंश और विरासतएक सामाजिक कहानीशाम धीरे-धीरे अपने पाँव पसार रही थी। दिनभर की भागदौड़ के बाद बाजार की चहल-पहल कम होने लगी थी। सतीश मंडल, जिन्हें मोहल्ले के लोग प्यार से सती दा कहते थे...

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बांसुरी की धुन - भाग 15 By prem chand hembram

भाग 15 — आस्था और अंधविश्वासजिलिंगटांडी गाँव के एक छोर पर स्थित विशाल पेड़ के नीचे उस शाम पंचायत सजी हुई थी। समय लगभग साढ़े सात-आठ बजे का था। गाँव के बुद्धिजीवी, बुजुर्ग, नौजवान और...

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मामाजी के आंगन में By Dr. Pradeep Kumar Sharma

संस्मरण मामाजी के आँगन में  लगभग 40-42 साल पहले जब मैं प्रायमरी स्कूल में पढ़ता था, तब गर्मियों की छुट्टियाँ दो महीने की होती थीं। उस समय हर साल 30 अप्रैल को परीक्षा परिणाम निकलता...

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गरीब के बहते आंसु - 8 By prem chand hembram

अस्पताल के बाहर सुबह से ही ग्रामीणों की भीड़ लगी हुई थी। कोई बरामदे की बेंच पर बैठा था, तो कोई दीवार के सहारे खड़ा होकर हरखू के स्वस्थ होने की प्रार्थना कर रहा था। रामचरण की आँखें...

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मेरा प्यारा गाँव By Vijay Erry

मेरा प्यारा गाँव(एक हिंदी कहानी – लगभग 2000 शब्द)लेखक: विजय शर्मा एरीप्रस्तावनाकुछ जगहें सिर्फ मिट्टी और ईंटों का नाम नहीं होतीं। वे दिल के किसी कोने में हमेशा के लिए बस जाती हैं।...

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एक मासूम चेहरे पे फिदा दिल By AbhiNisha

इक मासूम चेहरे पे फिदा दिलयह एसी कहानी जो रोमन और दर्द से भरा हुआ है यह कहानी है एक लड़की की और दो लड़के की जिसके किरदार को देखकर यह समझ में आता है  कि प्यार हो ना प्यार नहीं होता ...

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बेटी By Vijay Erry

मैं एक बेटीलेखक: विजय शर्मा एरीमैं एक बेटी हूँ। बस इतना सा वाक्य है, लेकिन इसमें पूरी जिंदगी छुपी हुई है। मेरे नाम का कोई खास मतलब नहीं है, लेकिन मेरी कहानी का बहुत कुछ मतलब है। आज...

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परंपरा की विरासत — अच्छे संस्कारों की कहानी By Skp divine

परंपरा की विरासत — अच्छे संस्कारों की कहानीएक छोटे से शहर में एक पुराना-सा सुंदर घर था। घर बहुत बड़ा नहीं था, लेकिन उसकी दीवारों में वर्षों की यादें बसी थीं। आँगन में एक पुराना नीम...

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अलमारी का रहस्य By Nisha Choudhary

"बेटा, पुरानी अलमारी में एक डिब्बा रखा है... मेरे जाने के बाद ही खोलना!"[कहानी]रमेश शहर की एक बहुत बड़ी कंपनी में ऊँचे पद पर पहुँच चुका था। उसकी ज़िंदगी में अब सिर्फ़ काम, मीटिंग्स...

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ईमानदार लकड़हारा By palak baisla

एक सुंदर हरे-भरे गाँव में रामू नाम का एक बहुत ही गरीब लकड़हारा रहता था। वह बहुत मेहनती और ईमानदार था। उसके परिवार में उसकी बूढ़ी माँ और एक छोटी बेटी थी। रामू रोज सुबह कुल्हाड़ी लेक...

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लालची हलवाई By palak baisla

एक समय की बात है, एक छोटे से गाँव में घसीटाराम नाम का एक हलवाई रहता था। उसके हाथ की बनी जलेबी और लड्डू इतने स्वादिष्ट होते थे कि दूर-दूर के गाँवों से लोग उसे खाने आते थे। उसकी दुका...

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दो रोटी का कर्ज़ By palak baisla

मोहन शहर के एक बड़े होटल में वेटर का काम करता था। उसकी तनख्वाह सिर्फ 8000 रुपये थी। इतने कम पैसों में वह अपनी पत्नी, छोटे बच्चे और बूढ़ी माँ का पेट किसी तरह पाल रहा था। मालिक अक्सर...

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डिजिटल दौर की हवस: स्वाइप, स्पर्श और सन्नाटा By Mayur Chaudhary

शहर की रातें अब सोती नहीं थीं, बस स्क्रीन की नीली रोशनी में करवटें बदलती थीं। सत्ताईस साल का अर्णव अपने फ्लैट की बालकनी में खड़ा नीचे की तेज़ रफ़्तार ज़िंदगी को देख रहा था। उसके हा...

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चीनी कम By Madhavi Tripathi

हर कोई आपको पसंद नहीं करेगा... और यह पूरी तरह से ठीक है।कुछ महीने पहले की बात है, हमारे घर एक मेहमान आए।मैंने औपचारिकता निभाते हुए उनसे हमेशा की तरह वही सीधा सवाल पूछा,"आप चाय लेंग...

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Why Buddha? By Minakshi Sharad Ramteke

बहुत समय पहले एक युवक था, जिसका नाम आरव था। उसके पास जीवन में बहुत कुछ था, लेकिन उसके मन में शांति नहीं थी।वह हर दिन किसी न किसी बात को लेकर परेशान रहता। कभी बीते हुए कल की बातें उ...

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राहें - 24 By shiromani mathur

नींव के पत्थरहमारे आसपास कुछ ऐसे व्यक्ति होते हैं, जो अपने अच्छेस्वभाव, संस्कारों से निरन्तर समाज सेवा करते रहते है, परन्तु उनकीअच्छाइयों की ओर हमारा ध्यान नहीं जाता, जैसे धार्मिक...

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कुर्सी By Madhavi Tripathi

“कुर्सी बदलते देर नहीं लगती, लेकिन इंसान की पहचान उसके व्यवहार से होती है।”समय बड़ी खामोशी से यह बदल देता है कि हम कहाँ बैठे हैं।कुछ साल पहले मैं स्कूल की एक विदाई पार्टी में गई थी...

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वास्तविक चाबी By Vijay Erry

वास्तविक चाबीरामपुर की पुरानी हवेली में समय जैसे ठहर गया था। मोटी दीवारें, लकड़ी की नक्काशीदार छतें, आँगन में बरगद का पेड़ और ऊपरी मंजिल पर रखा लोहे का विशाल संदूक—ये सब पिछले पचास...

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दादी की सीख By Krishna singh

प्रियांशी मधु नगर में अपनी दादी कमला के साथ रहती थी। उसके परिवार में कमला के अलावा कोई नहीं था। कमला लकड़ी के खिलौने बना कर बेचती थी जिससे उन दोनों का खर्च चल रहा था।प्रियांशी अपनी...

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मेहनत का फल By Krishna singh

सुमन एक छोटे से गाँव (रामपुरा) में अपने माता पिता और  चार साल के भाई अरुण के साथ रहती थी। सुमन दसवीं कक्षा की विद्यार्थी थी अरुण दूसरी कक्षा में पढ़ता था और दोनों बहन भाई  पढ़ने मे...

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बच्चों ने मुझे जीना सिखाया By Chandni choudhary

बच्चों ने मुझे जीना सिखाया“दीदी-दीदी! हम सब आ गए। देखो दीदी, आज हम सब जल्दी आ गए, क्योंकि हमें आपके पास रहना अच्छा लगता है। आप हमसे कितना स्नेह करती हैं।”मैंने मुस्कुराकर कहा, “बिल...

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आलसी रामू By prem chand hembram

आलसी रामूएक छोटे-से गाँव में रामू नाम का एक आदमी रहता था। शरीर से वह हट्टा-कट्टा और मजबूत था, मगर आलस्य ने उसकी सारी शक्ति पर जैसे ताला लगा दिया था।काम से उसे ऐसी चिढ़ थी मानो मेहन...

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अनकही कहानियां By Vijay Erry

अनकही कहानियाँ(लगभग 2000 शब्द)लेखक: विजय शर्मा एरीप्रस्तावनाज़िंदगी में कुछ कहानियाँ कही जाती हैं, कुछ सुनी जाती हैं, और कुछ… अनकही रह जाती हैं।वे कहानियाँ जो दिल के किसी कोने में...

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रिश्ते में बहस में जीतना By r k lal

रिश्ते में बहस में जीतना आर0 के0 लाल   सुशील को अपनी बात पर पूरा विश्वास था। वह जानता था कि इस बार गलती उसकी नहीं थी। सामने उसकी पत्नी मीरा थी और उसकी आँखों में गुस्से से अधिक दुख...

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दुश्मनों का प्यार By Vijay Erry

दुश्मनों का प्यारलेखक: विजय शर्मा एर्रीगाँव के किनारे बहती नदी के पास एक पुराना मंदिर था। उस मंदिर के पास दो घर थे। एक घर में रामलाल ठाकुर रहते थे और दूसरे में श्यामसिंह यादव। दोनो...

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मामाजी के आंगन में By Dr. Pradeep Kumar Sharma

संस्मरण मामाजी के आँगन में  लगभग 40-42 साल पहले जब मैं प्रायमरी स्कूल में पढ़ता था, तब गर्मियों की छुट्टियाँ दो महीने की होती थीं। उस समय हर साल 30 अप्रैल को परीक्षा परिणाम निकलता...

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गरीब के बहते आंसु - 8 By prem chand hembram

अस्पताल के बाहर सुबह से ही ग्रामीणों की भीड़ लगी हुई थी। कोई बरामदे की बेंच पर बैठा था, तो कोई दीवार के सहारे खड़ा होकर हरखू के स्वस्थ होने की प्रार्थना कर रहा था। रामचरण की आँखें...

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मेरा प्यारा गाँव By Vijay Erry

मेरा प्यारा गाँव(एक हिंदी कहानी – लगभग 2000 शब्द)लेखक: विजय शर्मा एरीप्रस्तावनाकुछ जगहें सिर्फ मिट्टी और ईंटों का नाम नहीं होतीं। वे दिल के किसी कोने में हमेशा के लिए बस जाती हैं।...

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एक मासूम चेहरे पे फिदा दिल By AbhiNisha

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बेटी By Vijay Erry

मैं एक बेटीलेखक: विजय शर्मा एरीमैं एक बेटी हूँ। बस इतना सा वाक्य है, लेकिन इसमें पूरी जिंदगी छुपी हुई है। मेरे नाम का कोई खास मतलब नहीं है, लेकिन मेरी कहानी का बहुत कुछ मतलब है। आज...

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ईमानदार लकड़हारा By palak baisla

एक सुंदर हरे-भरे गाँव में रामू नाम का एक बहुत ही गरीब लकड़हारा रहता था। वह बहुत मेहनती और ईमानदार था। उसके परिवार में उसकी बूढ़ी माँ और एक छोटी बेटी थी। रामू रोज सुबह कुल्हाड़ी लेक...

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लालची हलवाई By palak baisla

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डिजिटल दौर की हवस: स्वाइप, स्पर्श और सन्नाटा By Mayur Chaudhary

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Why Buddha? By Minakshi Sharad Ramteke

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कुर्सी By Madhavi Tripathi

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वास्तविक चाबी By Vijay Erry

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दादी की सीख By Krishna singh

प्रियांशी मधु नगर में अपनी दादी कमला के साथ रहती थी। उसके परिवार में कमला के अलावा कोई नहीं था। कमला लकड़ी के खिलौने बना कर बेचती थी जिससे उन दोनों का खर्च चल रहा था।प्रियांशी अपनी...

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बच्चों ने मुझे जीना सिखाया By Chandni choudhary

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आलसी रामू By prem chand hembram

आलसी रामूएक छोटे-से गाँव में रामू नाम का एक आदमी रहता था। शरीर से वह हट्टा-कट्टा और मजबूत था, मगर आलस्य ने उसकी सारी शक्ति पर जैसे ताला लगा दिया था।काम से उसे ऐसी चिढ़ थी मानो मेहन...

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