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असली आज़ादी वाली आज़ादी - (भाग-5)
by devendra kushwaha
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भाग-4 से आगे- सभी गांव वाले चौहान साहब के घर पहुंचे और सभी ने चौहान साहब को बाहर बुलाया। एक नौकर बाहर आके बोला- मालिक तो दिल्ली गए है ...

अदृश्य हमसफ़र - 7
by Vinay Panwar
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आज ममता की बारात आनी थी। सुबह सवेरे से ही गहमागहमी शुरू हो गयी थी। सभी के मन मे ऐसी अफरा तफरी मची थी जैसे न जाने आज का ...

खोज
by Asha Pandey Author
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दुनिया चाहे कितनी भी भरी हो, पर अपना दिल खाली हो तो सब ओर खाली ही खाली लगता है शहर के सबसे व्यस्त होटल में, ग्राहकों की सेवा में ...

सोलमेट्स
by Seema Singh
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भागती-दौड़ती कॉलेज के लिए तैयार होती संजना की एक नजर घड़ी पर लगातार बनी हुई थी, अगर बस छूट गई तो दिन बर्बाद! “ प्रोफेसर भार्गव एक नम्बर के खडूस! ...

फ़तह
by Neelam Kulshreshtha
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जिग्ना रोज़ की तरह बालकनी में सुबह की चाय पीने के बाद अख़बार पढ़ती है, ऎसे में आस पास के गमलों के छोटे पौधे व हरी भरी मनी प्लांट ...

अदृश्य हमसफ़र - 6
by Vinay Panwar
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अपने मृदुल और हँसमुख स्वभाव की वजह से अनुराग सभी घरवालों का दिल जीतता जा रहा था। पढ़ाई में होशियार तो था ही साथ ही किसी भी काम के ...

पछतावा...
by Dhavalkumar Padariya Kalptaru
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     ऑर्डर...ऑर्डर ...     तमाम सबूतों एवं गवाहों के मद्दे नज़र रखते हुए अदालत यह नतीजे पर पहुंची हैं कि मुजरिम रामु को को चोरी करने एवं मासूम ...

फिर फिर
by Asha Pandey Author
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स्वप्न इतना डरावना तो नही था, किन्तु न जाने कैसे वृन्दा पसीने से तर-ब-तर हो गई । गला सूख गया था उसका । आजकल अक्सर ऐसा होता है । ...

छोटी बहू
by Pushp Saini
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कहानी [छोटी बहू ✍]******************मृणाल यह एक नाम जैसे ज़िन्दगी बन गया है ।पहले कभी वैसा महसूस ही नहीं किया जैसा उससे मिलने के बाद,वह जिस दिन हाँ कहेगी वह ...