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लेखक -एसटीडी मौर्य कटनी मध्य प्रदेश मोबाईल न. 7648959825यह कहानी पूर्ण रूप से सत...
स्वर्ग की अप्सरा, तुम दिव्य रूप धारी,नृत्य करतीं तारों के बीच, चाँदनी भारी।गंधर्...
विक्रम के कमरे में केवल दीपक की रोशनी जल रही थी। मेज पर ताड़पत्र की वह किताब फैल...
(दोपहर। हवेली के बाहर कुछ लोग काग़ज़ों पर साइन कर रहे हैं।सुनीति और कौशिक पास खड...
: “दरभंगा की वह बंद हवेली”दरभंगा की पुरानी गलियों में एक हवेली थी—ऊँची, खामोश और...
भाग 1बारिश की हल्की बूंदें खिड़की पर गिर रही थीं, और कमरे में फैली ठंडी हवा के स...
व...
अधिनियम ३: ---दृश्य १९ – आर्यव का ठिकाना | गुरुवार रात ११ बजेअंदर – गोवंडी की झु...
---## **शीर्षक: "कृष 4: क्रोध का तांडव" (The Wrath of Krrish)**### **एपिसोड 1: प...
एपिसोड: ब्रह्मांडीय प्रतिध्वनि: अंतिम युद्ध1. लाल चंद्रमा का सन्नाटाधमाके के बाद...
सुनीति ऑफिस से वापस आती है। उसके चेहरे पर थकान और उदासी साफ झलक रही है। आज ऑफिस में बॉस ने उसे डाँट दिया था। पहली बार उसे अपने आप पर भरोसा टूटा हुआ लगा। कमरे में आते ही वो ज़मीन पर...
"रात 3:12 बजे की दस्तक" — इस सीरीज के हर एपिसोड में आपको मिलेगी एक बिल्कुल नई और रोंगटे खड़े कर देने वाली कहानी। एपिसोड 1: रात 3:12 बजे की दस्तक रात का सन्नाटा इतना गह...
एपिसोड 1: रिश्तों की नीलामीशहर की रफ़्तार शाम ढलते ही और तेज़ हो गई थी, लेकिन 'खन्ना मेंशन' के भीतर वक्त जैसे ठहर गया था। यह घर नहीं, संगमरमर से बना एक आलीशान ताबूत लगता था...
उस वक़्त मैं तीन साल का था, मेरा बड़ा भाई सुखेश पांच साल का था औऱ मेरी छोटी बहन भाविका केवल छह महिने की थी. उस वक़्त मेरी मा असाध्य बीमारी का शिकार हो गई थी. उन्हें कांदिव...
रूहों का सौदा क्या जीत केवल तलवार से होती है? जब मर्यादा की दीवारें ढहने लगीं और क्रोध ने विवेक का गला घोंट दिया, तब रुद्र ने उठाया एक ऐसा कदम जिसने सबको स्तब्ध कर दिया। लेकिन इस श...
इस कहानी के सभी पात्र काल्पनिक है इसका किसी जीवित, जंतु, मानव संसाधन से कोई लेना देना नही है अगर ऐसा होता है तो ये मात्र एक सयोग होगा ,,, जय हिन्द, इस कहानी को लिखने का उद्देश्य क...
मजबूरी की शादीबारिश की वो रात भूला न जाने वाली थी। पटना की तंग गलियों में पानी की धाराएँ तेज़ी से बह रही थीं, सड़कें नदियों में बदल चुकी थीं। मानो आसमान भी अनन्या मिश्रा के आँसुओं...
इस घर में प्यार मना है… क्योंकि यहाँ प्यार ने कभी किसी को पूरा नहीं छोड़ा। या शायद… क्योंकि इस घर का मालिक प्यार से नफरत करता है। अध्याय 1— एक अनचाही शादी “संस्कृति… तैयार...
एक दिन उनके राज्य में एक भिखारी आ पहुँचा। उसके कपड़े फटे-पुराने थे और उसकी त्वचा पर बड़े-बड़े फोड़े-फुंसियाँ थीं, जिनसे निरंतर मवाद बह रहा था। उसके शरीर से दुर्गंध फैल रही । उसके ए...
दरिया, परिंदे और वो अजनबी अज़ीम …. वह ज़ोया को जाते हुए देखता है और सोचता है— "यह कैसी अजनबी थी जो आई तो एक शोर की तरह थी (महंगी गाड़ी, रुतबा), पर छोड़ एक खामोशी गई। क्या यह...
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