The Download Link has been successfully sent to your Mobile Number. Please Download the App.
You are at the place of हिंदी Novels and stories where life is celebrated in words of wisdom. The best authors of the world are writing their fiction and non fiction Novels and stories on Matrubharti, get early access to the best stories free today. हिंदी novels are the best in category and free to read online.
Helo maiyko ' उस बाइक के बारे में हम कुछ पता लगा नहीं पाए, बाइक का नंबर सही...
आँगन के उस कोने में आज भी वह रूहानी खामोशी महसूस होती है, जहाँ कभी चिंकी और चीकू...
आर्यन के पिता अब भी अस्पताल में भर्ती थे। डॉक्टरों की पूरी कोशिश के बावजूद उनकी...
बाल गोविन्द जी उस वक्त तक हाथ पैर चलाने लाएक हो गए थे उन्होंने अपने हाथों से मि...
दोपहर का समय था।चारों ओर सूखी और पथरीली ज़मीन फैली हुई थी। दूर-दूर तक छोटी-छोटी...
अध्याय–2 : एक घर, जहाँ सन्नाटा रहता है सुबह के छह बजे थे। अलार्म बजने से कुछ...
“मुझे किसी एक दायरे में मत बाँधिए। मैं वहाँ खिलती हूँ जहाँ मुझे अपनापन मिलता है,...
Mr. & Ms. FakeEpisode 5 – Welcome, Future Bahu!रविवार की सुबह...आर्यवीर अपने कमर...
---------------रूद्रिका की बात सुनकर रौक्षिण की भंवे सिकुड गई। " कर्ज ? कैसा कर्...
2019 की शरद ऋतु थी। दिल्ली के एक प्रतिष्ठित कॉलेज में पढ़ने वाली अनन्या शर्मा, ज...
प्रस्तावनायह कहानी वसिम और कायनात की प्रेम कहानी है मैं इस कहानी को आपके समक्ष पहली बार रजू करने जा रही हूं! लिखना आता है या नहीं वह तो आप पर निर्भर करता है मुझे जज आप करोगे...
ऐमिलियो डोरा को मैं आज भी अपनी पत्नी ही मानता हूं। वह आज भी मेरे हृदय के इतने करीब है, मुझमें इतना समायी हुई है कि मैं उसकी महक को महसूस करता हूं। मुझे अब भी ऐसा लगता है कि जैसे वह...
फ्यू -फाइन्ड इटर्निटी विदिन A collection of liveable thoughts © Sanjay V. Shah प्रथम संस्करण जनवरी, 2019 मूल्य 80.00 डिजाइन, प्रकाशक मांगरोल मल्टीमीडिया लिमिटेड बी-603,...
सुकेतु के जीवन में मुग्धा का प्रवेश किसी ठंडे झोंके की तरह था। पर मुग्धा के साथ एक तप्त अतीत भी था। क्या था वह अतीत ? कैसे दोनों मिलकर उस अतीत के भंवर से बाहर निकल कर आए ?
शिखा की सबसे प्रिय सखी दीपा उसे बार-बार अपनी बहन रिया की शादी के लिए इंदौर चलने का आग्रह कर रही थी । शिखा जानती थी अगर विवाह समारोह भोपाल में होता तो उसकी मां कभी इनकार नहीं करती ल...
ओफ्फ़! कल शाम ही तो वह यहाँ आया है. पर ऐसा लग रहा है मानो हफ़्तों से नज़रबंद है यहाँ. कैसे रह पाते हैं लोग, भला इन छोटे कस्बों में? ठीक है पहले यहाँ एक आदिम बस्ती थी. पर अब तो काफी...
क्या बात है अम्मी ये सब किसके लिए बनाया जा रहा है.... खुशबू तो बहुत अच्छी आ रही है मायरा ने रसोई में आते हुए एक लंबी सांस लेते हुए कहा !! तुम्हारे एजाज अंकल आए हैं उनके लिए बना रह...
हनुवा धारूहेड़ा, हरियाणा से कई बसों में सफर करने, और काफी पैदल चलने के बाद जब नोएडा सेक्टर पंद्रह घर पहुंची तो करीब ग्यारह बजने वाले थे। मौसम में अच्छी खासी खुनकी का अहसास हो रहा था...
उन सभी लड़कियों के नाम जो पहले नहीं मिलीं! ज़िंदगी से यूं भी तमाम शिकायतें हैं मुझे. लेकिन उन तमाम शिकवों में से एक ये भी है कि ज़िंदगी मुझे तुमसे पहले नहीं मिलवा सकती थी. हालांकि ऐ...
शायद ही कोई ऐसा धंधा करने वाला दुकानदार होगा जिसे लोग कई नामों से पुकारते हों। उसे हेय दृष्टि से देखते हों। नाम सुनकर मुँह बिचका देते हों। लेकिन मेरे धंधे पर ये सब बातें लागू होती...
लॉग इन करें
लॉगिन से आप मातृभारती के "उपयोग के नियम" और "गोपनीयता नीति" से अपनी सहमती प्रकट करते हैं.
वेरिफिकेशन
ऐप डाउनलोड करें
ऐप डाउनलोड करने के लिए लिंक प्राप्त करें
Copyright © 2026, Matrubharti Technologies Pvt. Ltd. All Rights Reserved | Powered by Custom Web Development Company India.
Please enable javascript on your browser