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Stories and books have been a fundamental part of human culture since the dawn of civilization, acting as a powerful tool for communication, education, and entertainment. Whether told around a campfire, written in ancient texts, or shared through modern media, Classic Stories in hindi books and stories have the unique ability to transcend time and space, connecting people across generations and cu...Read More


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तमस ज्योति - 25 By Dr. Pruthvi Gohel

प्रकरण - २५मुझे नहीं पता था कि मेरे प्रिय गायक अभिजीत जोशी अचानक इस तरह मेरे सामने आ जाएंगे। वह मेरे पास आये और बोले, "आपका नाम ही रोशन है न? आप ही विद्यालय के विद्यार्थियों को संग...

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द्वारावती - 48 By Vrajesh Shashikant Dave

48पंद्रह दिन व्यतीत हो गए। घर से कोई बाहर नहीं गया। जब एक नए प्रभात ने अवनी पर प्रवेश किया तो गुल के पिता काम करने हेतु घर से जाने लगे। गुल की मां ने उसे रोका,“आप अभी भी कहीं नहीं...

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मीरा प्रेम का अर्थ - 3 - माधव की मीरा By sunita maurya

वहा इतनी सारी लड़किया थी जिन्होंने रंग बिरंगी कपडे पहने थे। उन में से कुछ ने भी कथक की ड्रेस पहनी थी....अब माधव के लिए ये काफी मुश्किल हो गया था मीरा को ढूंढ़ना...तब उसकी नजर एक बै...

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गोर्की देव का मुरब्बा By Prabodh Kumar Govil

"सच में नई पीढ़ी हमसे बहुत अच्छी है। इसे कम से कम हमारी जैसी लत तो नहीं है कि इतने बजे पेप्सी चाहिए, इतने बजे पिज़्ज़ा! हमें देखो, चार बजे नहीं कि बस, चाय चाहिए। ऐसी तलब लगती है कि...

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रेत होते रिश्ते - भाग 12 ( अंतिम भाग ) By Prabodh Kumar Govil

जोसफ नादिर से मेरा परिचय बिना किसी शक-शुबहे के परवान चढ़ गया। मैं एक विशुद्ध कारोबारी ग्राहक के तौर पर ही उससे कई बार मिल लिया था और वह अब मेरे प्रति पूर्ण आश्वस्त था। अपने गैरकानू...

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जाको राखे सांईयां मार सके ना कोय By Rajesh Maheshwari

जाको राखे सांईयां मार सके ना कोय   मध्यप्रदेश की संस्कारधानी जबलपुर के समीप पतित पावनी नर्मदा नदी के किनारे मोहनिया नामक गांव में रामदास एवं रामेश्वरदास नाम के दो नजदीकी मित्रों के...

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इंद्रप्रस्थ - 2 By Shakti

परम पराक्रमी युधिष्ठिर नगरी के राजा बने। भीम मुख्य सेनापति बने। अर्जुन नकुल सहदेव मंत्री बने। युधिष्ठिर के राज्य में सब सुखी थे। अगल-बगल के गरीब लोग भी आकर युधिस्ठिर की नगरी में बस...

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अनीश (माँ का प्यार) By DINESH KUMAR KEER

1. अनीश और माँ का प्यारएक दिन की बात है । अनीश अपने दोस्तों के साथ रविवार की शाम मेला देखने पास के गाँव ये कह कर माँ से गया कि - "माँ ! मैं बस थोड़ी देर में ही आ जाऊँगा । पास के मै...

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