बाल कथाएँ कहानियाँ पढ़े और PDF में डाउनलोड करे

Stories and books have been a fundamental part of human culture since the dawn of civilization, acting as a powerful tool for communication, education, and entertainment. Whether told around a campfire, written in ancient texts, or shared through modern media, Children Stories in hindi books and stories have the unique ability to transcend time and space, connecting people across generations and c...Read More


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दानी की कहानी - 13 By DrPranava Bharti

दानी की कहानी -------------------- दानी की नानी बड़ी बोल्ड थीं | लोग कहते हैं कि दानी अपनी नानी पर गईं हैं | अँग्रेज़ों का ज़माना था तब और दानी की नानी अपने एक ड्राइवर के साथ...

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भोला की भोलागिरी - 8 (बच्चों के लिए भोला के 20 अजब-गजब किस्से) By SAMIR GANGULY

कहानी- 14भोला का पशु प्रेम भोला ने फिर एक बार मॉनिंग वॉक करना शुरू किया. बढ़िया नाश्ते का ख्वाब देखते हुए घर लौटते भोला के सामने कुत्ते का एक गोल-मटोल प्यारा सा पिल्ला आ गया....

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शुभि - (4) By Asha Saraswat

बाल कहानी - शुभि (4) बहुत दिनों तक घर में काम करने वाली बाई नहीं आई तो घर के काम सब को बॉट दिये गये ।पूरे दिन के घरेलू काम सब लोग मिल-जुलकर पूरा कर लेते ।...

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पिंकी की चतुराई By RACHNA ROY

राम पुर गांव में सेठ कृष्ण कांत बड़े ही नेक वह सज्जन व्यक्ति थे।इनकी एक बच्ची थी पिंकी बड़ी प्यारी सी गुड़िया जैसी खुबसूरत और बड़ी बहादुर लड़की थी।वो अपने दादी और पापा के साथ रहती...

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धन्यवाद कोरोना By sudha bhargava

बालकहानी धन्यवाद कोरोना/सुधा भार्गव नादान अनारू समझ नहीं पा रहा है माँ को क्या हो गया है। उसके हर काम में देरी करती हैं।उस दिन भरी दुपहरिया में बिजली चली गई । एक...

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संमझदार By Sudha Adesh

समझदारजैसे ही कोरोना वायरस की रोकधाम के लिये प्रधानमंत्री की ओर से लॉक डाउन की घोषणा हुई दिव्यांका ने घर को लॉकअप बनाने की ठान ली । जिससे वायरस तो क्या कोई परिंदा भी पर न मार सके ।...

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स्नो व्हाइट By Neerja Pandey

जब मैं लगभग ग्यारह साल की रही हूंगी मैं अपनी बड़ी बहन के साथ उनकी घनिष्ट सहेली पूनम के घर गई । मैं उनके यहां बहुत जल्दी ऊब जाती थी इसलिए दीदी के साथ जाने को जल्दी तैयार नहीं होती थ...

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अप्पू का हेलमेट By manjari

"कितनी देर से हेलमेट ढूँढ रहा हूँ, कहीं मिल नहीं रहाI" कमरे के अंदर से एक आदमी की आवाज़ सुनाई पड़ी अमरुद के पेड़ पर बैठा हीरु तोता फुर्र से उड़कर खिड़की पर बैठ गया और कमरे के अंदर झाँकन...

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बचा लो धरती By Sudha Adesh

बचा लो धरती सुनयना किचन में पानी लेने आई तो उसने देखा कि उसकी माँ दूध के पैकेट काटकर दूध उबालने जा रही हैं । दूध के पैकेट का कोना एक जगह पड़ा है तथा पैकेट दूसरी ज...

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कीर्तिमान - बाल कहानी By Asha Saraswat

पारस नर्सरी में पढ़ने जाता तो उसका छोटा भाई प्रतीक उसके साथ जाने की ज़िद करता ।प्रतिदिन मॉं उसे प्यार से समझातीं कि तुम अभी छोटे हो स्कूल नहीं जा सकते। जब...

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मोबाइल में गाँव - 17 - चलते-चलते दिल्ली भी घूम लें By Sudha Adesh

चलते-चलते दिल्ली भी घूम लें -17 ममा पैकिंग कर रही थीं पर उसका पैकिंग करने का बिल्कुल भी मन नहीं था । रोहन भी उनके जाने की बात सुनकर बेहद उदास हो गया था । उसे लग र...

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आपका पत्र मिला By SAMIR GANGULY

रश्मि को आज तक न तो किसी ने पत्र ही लिखा था और न ही उसने कभी किसी के पत्र की उम्मीद ही की थी. शायद इसीलिए कुछ आश्चर्य, कुछ कौतूहल और और कुछ विस्मय से उसने वह पत्र लिया और एक ही सा...

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हौसला - बाल कहानी By Asha Saraswat

चार वर्ष का माधव अपनी मॉ से अनेक सवाल करता रहता था ।माधव शहर में रहता था और उसे गाँव के बारे में जानकारी करने की सदैव जिज्ञासा बनी रहती थी। माधव की मॉं को किसी आवश...

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एक लड़की मनीषा मोटी By SAMIR GANGULY

उसका नाम मनीषा मोटी या मोटी मनीषा बिल्कुल न पड़ता अगर कक्षा में मनीषा नाम की दो लड़कियां न होती.वैसे यह बात भी सच थी कि वह कक्षा में सबसे मोटी लड़की थी.मोटी मनीषा थी बड़ी मस्त. खाना, ग...

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मेहनत की कमाई By Asha Saraswat

नवीन के पिता साधारण सरल स्वभाव के व्यक्ति थे।उनका कोई बड़ा व्यापार नहीं था।वह प्रतिदिन एक ठेला किराये पर लेते ।मंडी जाकर ताज़ा सब्ज़ियाँ और फल लाते और उन्हें बेचकर जो शाम...

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बाबूजी सिखाते सिखाते मर गए मगर.... By r k lal

बाबूजी सिखाते- सिखाते मर गये मगर......आर 0 के0 लालबाबूजी हमेशा कहा करते थे, “हिम्मते मरदां मददे खुदा”। यह एक फारसी कहावत है जिसका मतलब होता है “फॉर्चून फेवर्स ब्रेब्स” । बाबूजी के...

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ख़ूब नहाए पर झाग न झाए By SAMIR GANGULY

गोविंदाभाई झिंगोरानी रातोरात महान कैसे हो गए और नौसेना पुलिस में जेलर सेसाबुनों के आविष्कार कैसे हो गए, यह एक लंबी रहस्यभरी कहानी है.पर हां, इतना सच है कि जगतप्रिय साबुन फैक्टरी के...

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यह कैसी सीख By SAMIR GANGULY

मणि ने सब्जी का थैला एक ओर रखा. मां को पैसे लौटाने के लिए जेब में हाथ डाला. फिर एक ही सांस में सारी जेबें टटोल डाली.‘‘ क्या हुआ?’’ मां ने पूछा.‘‘ मां, पांच का नोट शायद कहीं गिर गया...

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शेर के साथ स्कूल तक By SAMIR GANGULY

किसी भी काम को सही ढंग से नहीं करता था चिंटू. बहुत ही शरारती था.ऐसा एक भी दिन न होता, जब चिंटू के कारण उसकी मां को दो चार शिकायतें न सुनती पड़ती. स्कूल गांव से दूर था. फिर भी सारे...

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विदुषी By Asha Saraswat

आज आपको छोटी सी गुड़िया विदुषी की बातें बताते हैं जो कि अपनी स्कूल अध्यापिका से बहुत लगाव रखती है ।बात उन दिनों की है जब हर घर में मोबाइल या लैंडलाइन नहीं हुआ करते थे।विद्यालय में...

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भावनाएं सब में होती हैं By शक्ति

" तो क्या पेड़ - पौधे भी हमें सुन सकते हैं दादाजी!!?" सात साल के शुभ ने अपने दादाजी से पूँछा। " डॉ मनमोहन श्रीवास्तव" शुभ के दादाजी, एक सफल वनस्पति-वैज्ञानिक । वे दोनों ही अपने घर क...

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नन्ही गुड़िया By Asha Saraswat

पहली बार जब छोटे बच्चे स्कूल जाते है,रो-रो कर पूरा घर ही सिर पर उठा लेते है।सुबह उठने से लेकर स्कूल जाने तक की प्रक्रिया में वह घर के सदस्यों को परेशान कर दे...

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बाल कहानी - समझदार By Asha Saraswat

नानी के घर जाना सब बच्चों को बहुत ही अच्छा लगता है,सुनयना को भी अपनी नानी के घर जाने में बहुत अच्छा लगता था ।वह अपने भाई-बहिनों में सबसे छोटी थी,सबकी प्यारी थी।जब गर्मी की छुट्टियो...

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जिराफ चला अपनी तलाश में By SAMIR GANGULY

दो चित्र कथाएँपहली कहानीजिराफ चला अपनी तलाश मेंसजधज कर लंबू जिराफ निकला घर से.स्केटिंग करता आया बंदर,पूछा-कहां चले?जिराफ चलते-चलते बोला-यह ढूंढने कि मैं चाहता क्या हूं?बंदर बोला- द...

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दानी की कहानी - 13 By DrPranava Bharti

दानी की कहानी -------------------- दानी की नानी बड़ी बोल्ड थीं | लोग कहते हैं कि दानी अपनी नानी पर गईं हैं | अँग्रेज़ों का ज़माना था तब और दानी की नानी अपने एक ड्राइवर के साथ...

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भोला की भोलागिरी - 8 (बच्चों के लिए भोला के 20 अजब-गजब किस्से) By SAMIR GANGULY

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राम पुर गांव में सेठ कृष्ण कांत बड़े ही नेक वह सज्जन व्यक्ति थे।इनकी एक बच्ची थी पिंकी बड़ी प्यारी सी गुड़िया जैसी खुबसूरत और बड़ी बहादुर लड़की थी।वो अपने दादी और पापा के साथ रहती...

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धन्यवाद कोरोना By sudha bhargava

बालकहानी धन्यवाद कोरोना/सुधा भार्गव नादान अनारू समझ नहीं पा रहा है माँ को क्या हो गया है। उसके हर काम में देरी करती हैं।उस दिन भरी दुपहरिया में बिजली चली गई । एक...

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"कितनी देर से हेलमेट ढूँढ रहा हूँ, कहीं मिल नहीं रहाI" कमरे के अंदर से एक आदमी की आवाज़ सुनाई पड़ी अमरुद के पेड़ पर बैठा हीरु तोता फुर्र से उड़कर खिड़की पर बैठ गया और कमरे के अंदर झाँकन...

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रश्मि को आज तक न तो किसी ने पत्र ही लिखा था और न ही उसने कभी किसी के पत्र की उम्मीद ही की थी. शायद इसीलिए कुछ आश्चर्य, कुछ कौतूहल और और कुछ विस्मय से उसने वह पत्र लिया और एक ही सा...

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एक लड़की मनीषा मोटी By SAMIR GANGULY

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बाबूजी सिखाते सिखाते मर गए मगर.... By r k lal

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मणि ने सब्जी का थैला एक ओर रखा. मां को पैसे लौटाने के लिए जेब में हाथ डाला. फिर एक ही सांस में सारी जेबें टटोल डाली.‘‘ क्या हुआ?’’ मां ने पूछा.‘‘ मां, पांच का नोट शायद कहीं गिर गया...

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शेर के साथ स्कूल तक By SAMIR GANGULY

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नन्ही गुड़िया By Asha Saraswat

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जिराफ चला अपनी तलाश में By SAMIR GANGULY

दो चित्र कथाएँपहली कहानीजिराफ चला अपनी तलाश मेंसजधज कर लंबू जिराफ निकला घर से.स्केटिंग करता आया बंदर,पूछा-कहां चले?जिराफ चलते-चलते बोला-यह ढूंढने कि मैं चाहता क्या हूं?बंदर बोला- द...

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