बाल कथाएँ कहानियाँ पढ़े और PDF में डाउनलोड करे

Stories and books have been a fundamental part of human culture since the dawn of civilization, acting as a powerful tool for communication, education, and entertainment. Whether told around a campfire, written in ancient texts, or shared through modern media, Children Stories in hindi books and stories have the unique ability to transcend time and space, connecting people across generations and c...Read More


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  • नकलची मोनू

    मोनू ग्यारह साल का है और कक्षा सात का छात्र है। मोनू में एक खराब आदत है वह सबकी...

  • हिम्मत नहीं हारूंगा

    ‘ छ पा ऽऽक’अंधेरे की भयानकता को लाख गुना बढ़ाता एक शब्द गूंज उठा और साथ ही पिंकू...

  • पिताजी की कहानी

    संध्या हिंदी की किताब में से जोर-जोर से रट रही थी-अलंकार वे शब्द होते हैं जो भाष...

चिन्तामणि की आंखें By SAMIR GANGULY

गोल कोटर में धंसी लाल-पीले चकत्तों वाली उसकी आंखें आश्चर्य थी. वे आंखें दस मील, बीस मील, पचास मील और उससे भी आगे देख सकती थी. हवा में पानी में, आग और अंधेरे हर जगह उसकी आंखे सार्थक...

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नकलची मोनू By RACHNA ROY

मोनू ग्यारह साल का है और कक्षा सात का छात्र है। मोनू में एक खराब आदत है वह सबकी नकल किया करता है। चाहें वो बड़ा हो या छोटा। कभी भी कहीं भी किसी का नकल करने लगता है।घर में दादाजी से...

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हिम्मत नहीं हारूंगा By SAMIR GANGULY

‘ छ पा ऽऽक’अंधेरे की भयानकता को लाख गुना बढ़ाता एक शब्द गूंज उठा और साथ ही पिंकू कुंए की गहराई में गिरता चला गया.यह सब अचानक ही हुआ. पिंकू कल ही तो नानी के घर आया है. उसे अभी तो कु...

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पिताजी की कहानी By SAMIR GANGULY

संध्या हिंदी की किताब में से जोर-जोर से रट रही थी-अलंकार वे शब्द होते हैं जो भाषा की सुंदरता बढ़ाते हैं. और पास बैठा किशु, बंशीलाल के बारे में ही सोच रहा था. पिछले कुछ दिनों से किशु...

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तीन अनचाहे दोस्त By SAMIR GANGULY

काफी देर से अन्नू चूहे के पीछे पड़ा हुआ था. उसकी आंखें चूहे की आंखों से मिली तो उसने सोचा-अगर उसे हिप्नोटाइज करना आता तो वह इस पाजी चूहे को आदेश देता कि चुपचाप चूहेदानी में चले आओ...

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छिपी हुई मदद By Sandeep Shrivastava

रघुवन में एक दिन सुबह होते ही एक आदमी और एक छोटी बच्चे प्रवेश करे | दोनों इधर उधर कुछ खोज रहे थे | दोनों कुछ परेशान लग रहे थे | रघुवन में किसी बाहरी का प्रवेश ज्यादा देर तक छिपता न...

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दोस्ती मिलन By Vishnu Dabhi

ऊंचे पहाड़ और वहां से निकल हुई नदिया, बड़े बड़े पेड़ , पौधे से भरा एक जंगल था| पक्षी ओ की मधुर संगीत से भरा वातावरण था| वहा आदिवासी समाज रहती थी| पर सृष्टि का एक...

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तोता और आम By Abhinav Bajpai

आंख खुली तो मैं चारपाई पर लेटा हुआ था। और मेरे चारों तरफ परिवार वाले मुझे घेर कर बैठे हुए थे, बाई तरफ चारपाई पर दादी बैठी सिर पर हाथ फेर रही थी, चारपाई के पास ही बाई तरफ कुर्सी पर...

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दो कहानियाँ- एक मीठा सफ़र और स्कूल भाग गया By SAMIR GANGULY

चींटीटोला की सतरंगी चींटी के उस दिन की शुरूआत गन्ने की फांक से मीठा रस चूसते हुए हुई.यह देख टांयटांय तोता आम के पेड़ को दिखाता हुआ बोला,‘‘ मीठे में आम का जवाब नहीं.’’सतरंगी चींटी बो...

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भूतभूलैय्या By SAMIR GANGULY

वीर के लिए सबसे अच्छा समय होता है शाम का. जब सूरज डूबने और हल्का अंधेरा छाने लगता है. तब वह बाल्कनी में आकर खड़ा हो जाता है. वहां से गली का मोड़ तक दिखाई देता है. वह इंतजार करता है...

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चॉकलेट By SAMIR GANGULY

चॉकलेट की मांग पूरी न होने पर नन्हें गोपू को बड़ा गुस्सा आता और वह अपना पेट फुलाकर गर्दन झटककर कहता-देखना एक दिन चुपके से जंगल में चला जाऊंगा.उसकी बात सुनकर लीना दीदी पूछती, ‘‘ अच्छ...

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एक शेर चाहिए By SAMIR GANGULY

जब पापा की लाडली शिशु का जन्मदिन नजदीक आने लगा तो पापा ने एक दिन उससे पूछा, ‘‘बेटे, जन्मदिन पर तुम्हें क्या चीज चाहिए.’’नटखट शिशु ने आंखें गोल-गोल करके कहा, ‘‘एक शेर चाहिए’’अब पापा...

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पोस्टर पेस्टर By SAMIR GANGULY

एक थर्राती आवाज गूंजी थी, ‘‘ अबे नीचे उतर.’’ अकबर ने पीछे मुड़ कर देखा. एकाएक यकीन न हुआ. पोस्टर का राक्षस सामनेसाक्षात खड़ा था.अकबर के थर-थर कांपने से सीढ़ी डगमगाने लगी थी और हथे...

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कर्मफल By Asha Saraswat

खेत में गेहूं काटने का समय था ।प्रतिदिन खेतों में किसान गेहूं काटते और इकट्ठे करके खेत में ही रख दिया करते ।जब खेत में गेहूं पड़े होते तो चूहे बहुत ही आनंद से खाते और बिलों...

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शुभि (10) अंतिम भाग By Asha Saraswat

शुभि अंतिम भाग प्रार्थना में प्रधानाध्यापक जी ने बताया कि आज से तीन दिन का स्काउट शिविर लगेगा, जिन बच्चों के नाम बोले जा रहे हैं वह बच्चे मैदान में ही क़तार में खड़े रह...

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अन्तरिक्ष में पाखी By RACHNA ROY

पाखी एक बड़ी ही प्यारी सी चंचल लड़की थी। अपने मम्मी पापा की सबसे प्यारी बेटी। इकलौती संतान थी पर कभी कोई नखरे नहीं थे पाखी के। अपने ही दुनिया में मस्त रहती थी।पाखी को तरह-तरह के चि...

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मटियाली बकरी के दढ़ियल चाचा By SAMIR GANGULY

झाड़-जंगल में रहने वाली मटियाली बकरी को पत्थर-पहाड़ पर रहने वाले उसके दढ़ियल चाचा ने एक बार एक शीशी शैम्पू भिजवाई और भिजवाई एक चिट्‍ठी. चिट्‍ठी में लिखा था-खुश रहना और खास मौकों पर शै...

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दानी की कहानी - 16 By DrPranava Bharti

दानी की कहानी(मूल से प्यारा ब्याज़ ) -------------------------------- समय के गुजरने के साथ दानी हमें तो और भी सचेत लगती हैं | मम्मी कहती हैं ; "हमने अपनी दादी-नानी को देखा ,इतनी...

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खास हलवा By SAMIR GANGULY

एक थी लड़की, नाम था सोना. एक दिन जब उसका जन्मदिन आया तो वह मां के पास आकर बोली, ‘‘ मां-मां मैं हलवा खाऊंगी.’’वैसे तो वे गरीब लोग थे और हलवा-पूरी या पुलाव-बिरयानी के बारे में कभी नह...

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सोहबत By padma sharma

सोहबत पिताजी की आवाज नीरवता को भंग करती चली गई। वे जोर से चिल्ला रहे थे-"क्या कहा, तू आगे नहीं पढ़ेगा ? पढ़ेगा नहीं तो और क्या करेगा? तू चोरी करेगा? या हराम की खाएगा?" रात गहराने ल...

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जुर्रत By padma sharma

जुर्रत कोठी कैम्पस का सन्नाटा बच्चों के शोरगुल से टूट गया। सारे बच्चे मजे करने के लिए कोठी की चहारदीवारी फांद के भीतर जा पहुँचे थेबच्चों की छुट्टियों के दिन थे। परीक्षा की चिन्ता क...

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तहजीब By padma sharma

तहजीब शहर के प्रसिद्ध सिनेमा हॉल के सामने भीड़ जमा थी। सम्पूर्ण देशवासियों के प्रतीक के रूप में हर वर्ग, हर पेशे तथा हर धर्म के लोग यहाँ उपस्थित थे। इतना अधिक जनसमुदाय तो शायद किसी...

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भ्रम का भूत By Asha Saraswat

भ्रम का भूत सीमा का घर गली के अंत में था। जब कभी भी बिजली गुल हो जाती तो घर में बहुत गर्मी लगती ।गर्मियों में घर में बैठना मुश्किल हो जाता ।गली में रास्ता बहुत छोटा ह...

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जीवन का मूलमंत्र By padma sharma

जीवन का मूलमंत्र "ट्यूशन की फीस तो इतनी लेते हैं लेकिन स्कूल की तरह यहाँ भी न तो पूरा कोर्स कराते, न हरेक को ठीक से समझाते हैं।" गुंजन ने कहा और बादलों की गड़गड़ाहट से भरे आसमान की त...

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झूठ घर By SAMIR GANGULY

झूठ घरउस डायरी में लेखक का कहीं भी नाम नहीं है, अन्यथा ‘झूठ घर’ का वह प्रत्यक्षदर्शी, बिन बुलाया मेहमान आज के सफल लेखकों में गिना जाना. लेखक बनना उसका उद्‍देश्य रहा हो, ऐसा भी जान...

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बिना कहानियों वाला शहर By SAMIR GANGULY

उस शहर में एक बार कहानी-कविताओं की बाढ़ आ गई.दूर-पास से,उड़ते-बहते,दौड़ते अनगिनत कहानियां-कविताएं उस तरफ आने लगीं.और एक खाली पड़े तालाब को भरने लगीं.लोग आंखें फैलाकर उस नजारे को देखते...

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भोला की भोलागिरी - 12 - अंतिम भाग (बच्चों के लिए भोला के 20 अजब-गजब किस्से) By SAMIR GANGULY

भोला की भोलागिरी (बच्चों के लिए भोला के 20 अजब-गजब किस्से) कौन है भोला ? भीड़ में भी तुम भोला को पहचान लोगे.उसके उलझे बाल,लहराती चाल,ढीली-ढाली टी-शर...

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चिन्तामणि की आंखें By SAMIR GANGULY

गोल कोटर में धंसी लाल-पीले चकत्तों वाली उसकी आंखें आश्चर्य थी. वे आंखें दस मील, बीस मील, पचास मील और उससे भी आगे देख सकती थी. हवा में पानी में, आग और अंधेरे हर जगह उसकी आंखे सार्थक...

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नकलची मोनू By RACHNA ROY

मोनू ग्यारह साल का है और कक्षा सात का छात्र है। मोनू में एक खराब आदत है वह सबकी नकल किया करता है। चाहें वो बड़ा हो या छोटा। कभी भी कहीं भी किसी का नकल करने लगता है।घर में दादाजी से...

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हिम्मत नहीं हारूंगा By SAMIR GANGULY

‘ छ पा ऽऽक’अंधेरे की भयानकता को लाख गुना बढ़ाता एक शब्द गूंज उठा और साथ ही पिंकू कुंए की गहराई में गिरता चला गया.यह सब अचानक ही हुआ. पिंकू कल ही तो नानी के घर आया है. उसे अभी तो कु...

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पिताजी की कहानी By SAMIR GANGULY

संध्या हिंदी की किताब में से जोर-जोर से रट रही थी-अलंकार वे शब्द होते हैं जो भाषा की सुंदरता बढ़ाते हैं. और पास बैठा किशु, बंशीलाल के बारे में ही सोच रहा था. पिछले कुछ दिनों से किशु...

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तीन अनचाहे दोस्त By SAMIR GANGULY

काफी देर से अन्नू चूहे के पीछे पड़ा हुआ था. उसकी आंखें चूहे की आंखों से मिली तो उसने सोचा-अगर उसे हिप्नोटाइज करना आता तो वह इस पाजी चूहे को आदेश देता कि चुपचाप चूहेदानी में चले आओ...

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छिपी हुई मदद By Sandeep Shrivastava

रघुवन में एक दिन सुबह होते ही एक आदमी और एक छोटी बच्चे प्रवेश करे | दोनों इधर उधर कुछ खोज रहे थे | दोनों कुछ परेशान लग रहे थे | रघुवन में किसी बाहरी का प्रवेश ज्यादा देर तक छिपता न...

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दोस्ती मिलन By Vishnu Dabhi

ऊंचे पहाड़ और वहां से निकल हुई नदिया, बड़े बड़े पेड़ , पौधे से भरा एक जंगल था| पक्षी ओ की मधुर संगीत से भरा वातावरण था| वहा आदिवासी समाज रहती थी| पर सृष्टि का एक...

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तोता और आम By Abhinav Bajpai

आंख खुली तो मैं चारपाई पर लेटा हुआ था। और मेरे चारों तरफ परिवार वाले मुझे घेर कर बैठे हुए थे, बाई तरफ चारपाई पर दादी बैठी सिर पर हाथ फेर रही थी, चारपाई के पास ही बाई तरफ कुर्सी पर...

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दो कहानियाँ- एक मीठा सफ़र और स्कूल भाग गया By SAMIR GANGULY

चींटीटोला की सतरंगी चींटी के उस दिन की शुरूआत गन्ने की फांक से मीठा रस चूसते हुए हुई.यह देख टांयटांय तोता आम के पेड़ को दिखाता हुआ बोला,‘‘ मीठे में आम का जवाब नहीं.’’सतरंगी चींटी बो...

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भूतभूलैय्या By SAMIR GANGULY

वीर के लिए सबसे अच्छा समय होता है शाम का. जब सूरज डूबने और हल्का अंधेरा छाने लगता है. तब वह बाल्कनी में आकर खड़ा हो जाता है. वहां से गली का मोड़ तक दिखाई देता है. वह इंतजार करता है...

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चॉकलेट By SAMIR GANGULY

चॉकलेट की मांग पूरी न होने पर नन्हें गोपू को बड़ा गुस्सा आता और वह अपना पेट फुलाकर गर्दन झटककर कहता-देखना एक दिन चुपके से जंगल में चला जाऊंगा.उसकी बात सुनकर लीना दीदी पूछती, ‘‘ अच्छ...

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एक शेर चाहिए By SAMIR GANGULY

जब पापा की लाडली शिशु का जन्मदिन नजदीक आने लगा तो पापा ने एक दिन उससे पूछा, ‘‘बेटे, जन्मदिन पर तुम्हें क्या चीज चाहिए.’’नटखट शिशु ने आंखें गोल-गोल करके कहा, ‘‘एक शेर चाहिए’’अब पापा...

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पोस्टर पेस्टर By SAMIR GANGULY

एक थर्राती आवाज गूंजी थी, ‘‘ अबे नीचे उतर.’’ अकबर ने पीछे मुड़ कर देखा. एकाएक यकीन न हुआ. पोस्टर का राक्षस सामनेसाक्षात खड़ा था.अकबर के थर-थर कांपने से सीढ़ी डगमगाने लगी थी और हथे...

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कर्मफल By Asha Saraswat

खेत में गेहूं काटने का समय था ।प्रतिदिन खेतों में किसान गेहूं काटते और इकट्ठे करके खेत में ही रख दिया करते ।जब खेत में गेहूं पड़े होते तो चूहे बहुत ही आनंद से खाते और बिलों...

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शुभि (10) अंतिम भाग By Asha Saraswat

शुभि अंतिम भाग प्रार्थना में प्रधानाध्यापक जी ने बताया कि आज से तीन दिन का स्काउट शिविर लगेगा, जिन बच्चों के नाम बोले जा रहे हैं वह बच्चे मैदान में ही क़तार में खड़े रह...

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अन्तरिक्ष में पाखी By RACHNA ROY

पाखी एक बड़ी ही प्यारी सी चंचल लड़की थी। अपने मम्मी पापा की सबसे प्यारी बेटी। इकलौती संतान थी पर कभी कोई नखरे नहीं थे पाखी के। अपने ही दुनिया में मस्त रहती थी।पाखी को तरह-तरह के चि...

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मटियाली बकरी के दढ़ियल चाचा By SAMIR GANGULY

झाड़-जंगल में रहने वाली मटियाली बकरी को पत्थर-पहाड़ पर रहने वाले उसके दढ़ियल चाचा ने एक बार एक शीशी शैम्पू भिजवाई और भिजवाई एक चिट्‍ठी. चिट्‍ठी में लिखा था-खुश रहना और खास मौकों पर शै...

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दानी की कहानी - 16 By DrPranava Bharti

दानी की कहानी(मूल से प्यारा ब्याज़ ) -------------------------------- समय के गुजरने के साथ दानी हमें तो और भी सचेत लगती हैं | मम्मी कहती हैं ; "हमने अपनी दादी-नानी को देखा ,इतनी...

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खास हलवा By SAMIR GANGULY

एक थी लड़की, नाम था सोना. एक दिन जब उसका जन्मदिन आया तो वह मां के पास आकर बोली, ‘‘ मां-मां मैं हलवा खाऊंगी.’’वैसे तो वे गरीब लोग थे और हलवा-पूरी या पुलाव-बिरयानी के बारे में कभी नह...

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सोहबत By padma sharma

सोहबत पिताजी की आवाज नीरवता को भंग करती चली गई। वे जोर से चिल्ला रहे थे-"क्या कहा, तू आगे नहीं पढ़ेगा ? पढ़ेगा नहीं तो और क्या करेगा? तू चोरी करेगा? या हराम की खाएगा?" रात गहराने ल...

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जुर्रत By padma sharma

जुर्रत कोठी कैम्पस का सन्नाटा बच्चों के शोरगुल से टूट गया। सारे बच्चे मजे करने के लिए कोठी की चहारदीवारी फांद के भीतर जा पहुँचे थेबच्चों की छुट्टियों के दिन थे। परीक्षा की चिन्ता क...

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झूठ घरउस डायरी में लेखक का कहीं भी नाम नहीं है, अन्यथा ‘झूठ घर’ का वह प्रत्यक्षदर्शी, बिन बुलाया मेहमान आज के सफल लेखकों में गिना जाना. लेखक बनना उसका उद्‍देश्य रहा हो, ऐसा भी जान...

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उस शहर में एक बार कहानी-कविताओं की बाढ़ आ गई.दूर-पास से,उड़ते-बहते,दौड़ते अनगिनत कहानियां-कविताएं उस तरफ आने लगीं.और एक खाली पड़े तालाब को भरने लगीं.लोग आंखें फैलाकर उस नजारे को देखते...

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भोला की भोलागिरी - 12 - अंतिम भाग (बच्चों के लिए भोला के 20 अजब-गजब किस्से) By SAMIR GANGULY

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