मैं रंजना जायसवाल एक रचनाकार हूँ .मेरी पंद्रह से अधिक पुस्तकें प्रकाशित हैं.सृजन से मुझे आत्मसंतुष्टि मिलती है. मैं सभी विधाओं में काम कर रही हूँ और आगे भी करती रहूंगी.अब मैं मातृभारती से भी जुड़ गई हूं और अपनी रचनाओं के माध्यम से यहां हमेशा उपस्थित रहूंगी.