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किशन कुमार रुद्रा के कंधे पर हाथ रखकर कहता है । किशन कुमार: - मेरी बेटी ने जो कह...
मिट्टी की महक रवि के बच्चे शहरी जिंदगी से बोर हो चुके थे। सुबह से जिद कर रहे थे...
जिंदगी की दूसरा किनारा पार्ट 25और वहीं दूसरी तरफ असल दुनिया में अस्पताल हेड अपने...
सीधी टक्कर शाम का वक्त था सुनसान पार्किंग एरिया में बारिश की हल्की हल्की फुहार ह...
क्या सच में तुम उसे एक मां का प्यार दे पाओगे ? जब वो बार बार पूछता है जवाब क्यों...
राजकुमार को जिंदा छोड़ने के बाद रूपमती की रूह हवा में लहराई। उसकी सफेद आँखों में...
आर्य अंदर आता है और कमरे को ध्यान से देखने लगता है। उसे सब कुछ बिल्कुल सामान्य ल...
ऋगुवेद सूक्ति-(१६)-की व्याख्या"मान्तः स्थूर्नो अरातयः" — १०/५७/१भावार्थ --हमारे...
महाराणा अमर सिंह : प्रताप के अधिकारी पुत्र(1597-1620 ईसवी)मेवाड़ के अत्यधिक शक्त...
एक मौलिक हिन्दी कहानी प्रस्तुत है — शीर्षक “प्यार की चमक”। यह लगभग 3000 शब्दों क...
गर्मी के दिन थे।घास फूस लगभग खत्म हो चली थी और पशुओं को चराने के लिए ज्यादा जगह भी नहीं बची थी गर्मी बढ़ जाने की वजह से तेज धूप हो जाती थी और दोपहर के वक्त गायों को छांव में इकठ्ठा...
कुछ हटकर जो हो रहा साहब, हम उसके बारे कहने का दूसहास किया है, इस के लिए कुछ भी घटिकत हो जाए। होने दो। भूमिका सोचते हो पता चल गयी हरगिज नहीं।कहने का तातपर्य कुछ ये है। बम्बे जाना ही...
(अहंकार से आत्मबोध तक की कथा)रमेश घोष एक प्रतिष्ठित आईआईटी इंजीनियर था।तेज बुद्धि, आधुनिक सोच और तर्कशील स्वभाव—वह उन लोगों में से था जो जाति, वर्ण और परंपराओं को पुरानी और निरर्थक...
अभिशप्त रूह का तांडवदुनिया के नक्शे पर कुछ जगहें ऐसी होती हैं जिन्हें कुदरत ने शायद स्वर्ग का द्वार बनाने के लिए रचा था, लेकिन इंसानी फरेब और खून ने उन्हें नर्क का रास्ता बना दिया।...
बहुत लंबे और थकान भरे दिन के बाद अगर जिंदगी में कहीं सुकून है तो वो है सिर्फ़ ये मसाला चाय! मैं अपने घर की बालकनी में एक खाट पर बैठी थी। पास में एक हुक्का रखा हुआ था जिसे मैं घूरे...
राणा जैसे ही कमरे में प्रविष्ट हुआ तो चौंक उठा राज के सिर पर पट्टी बंधी हुई थी।उसके पास बैठते हुए राणा बोला, क्या रात में दीवार के साथ सिर टकराया था ?हां।अगर यह सच है तो तुम्हें पा...
सोने का पिंजरा हवेली बड़ी थी। इतनी बड़ी कि गौरी को बचपन में लगता था कि अगर वह एक कने से दौड़ना शुरू करे, तो साँस फल जाएगी दूसरे कोने तक पहुँचने से पहले। सेठ धरमचंद की इकलौती...
रुद्र प्रताप सिंह... इस नाम से पूरा शहर काँपता था। बिजनेस की दुनिया का एक ऐसा बेताज बादशाह, जिसके एक इशारे पर अच्छे-अच्छों की किस्मत बदल जाती थी। रुद्र जितना अमीर था, उतना ही खूंखा...
लोग कहते हैं कि जीवन में पैसा ही सब कुछ होता है। यह बात मैं नहीं कहता—मेरे आसपास के सभी लोग कहते हैं। बचपन से ही मैं यह सुनता आया था कि अगर आपके पास पैसा हो, तो जीवन की हर चीज आसान...
यह एक अनाड़ी और अंतर्मुखी लड़की की कहानी है जिसे अगवा कर 'स्वयंवधू' नामक प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए मजबूर किया गया। यह उसके लिए अमीर लोगों की मूर्खतापूर्ण आकर्षण के अल...
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