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शीशी अब उलझन में थी कि वह रिज़ा की सुने या सक्का की। उसने सोचा कि दोनों की बात स...
शीर्षक: वल्चर – अँधेरे की उड़ानभाग 4: “छाया का षड्यंत्र”[दृश्य 1 – नगर का उत्सव,...
मंडप, सजावट वही – लाल-सुनहरे फूल, सुनहरी रस्में, शहनाई की हल्की धुन।Shristi की आ...
एपिसोड 9 — द ग्रेट नथिंग और नई शुरुआत"सफेद मैदान अब युद्ध के मैदान में बदल चुका...
{रहे तेरी दुआ मुझ पर - तेरहवां हिस्सा} [फलेशबेक - 3]{सरदार हदाद और कुहेद कबिले क...
भाग 1बारिश उस रात कुछ ज़्यादा ही बेरहम थी।रेलवे स्टेशन की पुरानी छत से टपकती बूं...
बगावत के सुर, एपिसोड 19सुबह की पहली किरण स्टेशन पर पड़ी। पृथ्वी ने नीरा को पुलिस...
गाछी से सीखजीवन को दिशा देने वाली प्रेरणादायक किताबभूमिकाप्रकृति हमारी सबसे बड़ी...
अजय सिक्योरिटी रूम में बैठा था। मॉर्ग के कैमरे की स्क्रीन अचानक झिलमिलाई। फिर… त...
एवरेस्ट पहुँचे। बर्फीला तूफान। गुप्त गुफा—अंतिम द्वार। नीला गोला चमक रहा। वैलेरि...
सर्दियों की हल्की धूप अहमदाबाद की सड़कों पर अपनी सुनहरी रेखाएँ बिखेर रही थी। अवनी की नजरें खिड़की से बाहर फैलते शहर पर थीं। ट्रेन धीरे-धीरे मणिनगर स्टेशन पर पहुंची, और उसकी आवाज़ म...
पुराने समय की बात है जब घने जंगलों के नाम से ही गांव के लोग कांप जाते थे. रात होते ही पेड़ों के बीच ऐसी सरसराहट सुनाई देती थी जैसे कोई अदृश्य चीज जमीन को खुरचती हुई घूम रही हो. हवा...
आश्रम में प्रातःकालीन ध्यान-धारणा के बाद जब सूर्य की पहली किरणें जिनालय के श्वेत संगमरमर पर पड़तीं, तब पंच-परमेष्ठी की पूजा आरंभ होती। घंटियों की मधुर ध्वनि, दीपों जा प्रज्ज्वलन, फ...
यह कहानी है इंद्रजीत और माया की माया एक उड़तीपतंग सी लड़की जिसे हंसना और हंसाना आता है। वहीं दूसरी तरफ है इंद्रजीत खन्ना जिसे हर चीज अपने हिसाब से चाहिए होता है अगर वह चीज उनके...
बारिश की हल्की बूँदें हवेली की पुरानी दीवारों से टकरा रही थीं, जैसे कोई अतीत की गाथा गुनगुना रहा हो। यह 'रत्नावली हवेली' थी, सदियों पुरानी, जिसके जंग लगे लोहे के दरवाजे और...
अध्याय 1 — सूर्य की छाया में अंधकारराज्य का नाम था अमृतगढ़ — चारों ओर फैले घने जंगल, मधुर नदियाँ, और ऊँचे पहाड़ उसकी पहचान थे।यह राज्य अपनी समृद्धि, न्यायप्रिय राजा और प्रजाजन के सु...
यह मेरी नई कहानी है प्लीज इसे जरुर पड़ी है और कमेंट दीजिए आपको कहानी कैसी लगी है। डिस्क्रिमिनेशन यह कहानी सिर्फ मनोरंजन के लिए लिखा गया है इसका वास्तविकता से कोई भी संबंध नहीं ह...
एक लड़का था, जो हमेशा अपनी अपनी कल्पनाओं मैं खोया रहता था। बो सोचता है कि काश ऐसी दुनियां होती जा सिर्फ बो अकेला होता। लेकिन उसे क्या पता था कि ये सच हो जाएगा। चारों तरफ डरावनी ख़...
आजमगढ़— एक ऐसा शहर जहाँ सदियों से एक रहस्य सोया हुआ था। लेकिन अब, वक़्त आ गया था उसके जागने का... और सब कुछ बदलने का। बादलों की ओट में छिपा चाँद, धरती पर अंधकार की चादर बिछा चुक...
गाँव, किले, रेगिस्तान और पुरानी हवेलियाँ—हर जगह इन दोनों की छाप मिलती है, पर साफ़-साफ़ कुछ नहीं मिलता। कुछ बूढ़े बताते हैं कि उनके इर्द–गिर्द जो घटनाएँ हुईं, वो साधारण नहीं थीं।...
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