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शादी में छह दिन बाकी थे। आँगन में मेहँदी की रस्म चल रही थी। सौम्या ज़मीन पर बिछे...
उस भयावाह रात के बाद जब अगली बार जब त्रिशा की आंख खुली तो उसने खुद को अपने बिस्त...
साये का बुलावा: भानगढ़ की वह काली रात1. एक अनसुलझा रहस्यराजस्थान के अलवर जिले मे...
शादी का venue रोशनी से जगमगा रहा था।चारों तरफ झालरों की चमक, फूलों की खुशबू, और...
अब आगे।।उसी दिन,,रात के समय।।डार्क हेवेन, मिलान।।रिवांश इस वक्त अपने ऑफिस में बै...
काले शीशों वाली एक लंबी ब्लैक BMW अंदर आई। इंजन की धीमी घरघराहट के साथ सबकी नज़र...
मोनिका :- पर .. क्या आदित्य फिर से मुझे अपना़येगा , मोनिका जो करना है जल्दी कर त...
जैसे-जैसे Sneha घर के करीब पहुँच रही थी, उसके मन में एक अजीब-सी उम्मीद जाग रही थ...
सौदे की ढाल, स्वाभिमान की तलवारहृदय का वह पेचीदा सचतभी डॉक्टर राउंड पर आए और कमर...
द 'घोस्ट' एंट्री: सन्नाटा, एक्टिवा और अचानक प्रकट हुई 'बारात'स...
दिल्ली के पोर्श एरिया मे एक बोहत बड़ा और शानदार विला था,,, "" जो बोहत ही खूबसूरती से सजा था,,, "" देश के सभी रहिस और ऊँचे घराने के लोग वहां की पार्टी अटेंड करने आए थ...
'जैकब्स हॉस्टल' के बाहर सन्नाटे को चीरती हुई बर्फीली हवाएं चल रही थीं। छुट्टियों का सीजन था, इसलिए जो हॉस्टल कभी 500 लड़कों के शोर से गूँजता था, आज वहाँ मुर्दा शांति पसरी थी...
मुंबई की उस रात में उमस नहीं, एक दम घोटने वाली खामोशी थी. उपनगर की एक तंग गली के आखिरी छोर पर स्थित उस जर्जर इमारत का कमरा नंबर सत्रह, किसी जिंदा कब्र जैसा लग रहा था. घडी की सुइयां...
प्रतिज्ञा और पुराना घर भविष्य की चकाचौंध और अत्याधुनिक तकनीक से लैस शहर की ऊँची इमारतों के बीच, सिया का मन अशांत था। वह एक माहिर गेमर था, लेकिन आज उसके सामने ज़िंदगी का सबसे कठि...
Karan Thakur उम्र (26) – शांत, समझदार, काबिल AI इंजीनियर। Kabir Thakur उम्र (25) – चुलबुला, मासूम, तेज दिमाग वाला AI डेवलपर। Shreya Sharma उम्र (23) – सरल, भोली, सुंदर AI इंज...
Heroine: शानवी सिंह Hero: कार्तिकेय (दिन में बिल्ली, रात में इंसान) शानवी सिंह को अकेलापन काटने दौड़ता था। बड़े शहर में छोटी सी नौकरी, छोटा सा कमरा और दिन भर का शोर… लेकिन रात...
अजीब दास्तान है, मेरी, चाहता था, क्या बनना और किस्मत किस मोड़ पर ले आयी, उन दिनों, मै जोधपुर विश्व विद्यालय में बी एस सी में पढ़ रहा था। यह बात है, वर्ष 1969 की...
खुली खिड़की से आती ठंडी हवा प्रीतम के कुछ कुछ सफेद हुए बालों को धीरे धीरे सहेला रही थी। 56 साल का प्रीतम अपनी कुर्सी पर बैठा बैठा कुछ सोच रहा था ।बाहर से आता शोर मानो उसके कानो तक...
" इच्छा... तुम... नहीं नहीं तुम मेरी इच्छा नहीं हो सकती... " जोरो से हॅसते हुए आवाज गूंजती है.... " सही पहचाना में तेरी इच्छा नहीं हूँ मै.. वो हूँ जो तू सोच भी नही...
खिड़की खुली जरा, जरा परदा सरक गया बहोत ही खबसूरत सा गाना सोनू नीगम का गाया हुआ रेडिओ पर बज रहा था और तभी रोडपर हंगामा हो गया. कोई राह चलता हुआ युवक एक महिला से टकरा गया जो सब्जीमंड...
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