The Download Link has been successfully sent to your Mobile Number. Please Download the App.
You are welcome to the world of inspiring, thrilling and motivating stories written in your own language by the young and aspiring authors on Matrubharti. You will get a life time experience of falling in love with stories.
अगली सुबह बनारस की सड़कों पर फिर वही रौनक लौट आई थी, लेकिन शक्ति के लिए पिछली रा...
“एक मरीज़ को आप से बोटौक्...
वाजिद हुसैन सिद्दीक़ी की कहानी फैक्ट्री से लौटते हुए अज़हर की मां ने फ...
(जंगल की ठंडी हवा में सिमरन और करण एक सुरक्षित जगह पर बैठे हैं। सिमरन अब कुछ हिम...
हैलो फ्रेंड्स ! मैं हूँ विधि आहूजा! ओह ! अच्छा तो आप ये सोच रहे हैं कि मैं आखिर...
रामलाल ने अपनी माँ की मृत देह को धीरे से जमीन पर रख दिया।कुछ क्षण तक वह निःशब्द...
उसी समय मैं पहली बार रुद्रनाथ मंदिर की यात्रा पर गया।करीब 25 किलोमीटर की पैदल या...
शाहद की गुड़िया - प्रकरण 87 " सुकू! शहद की गुड़िया का...
अध्याय 1: बारिश की वो शाम और एक अजनबी डायरीसूरज की किरणें जब ढलने लगती हैं और शह...
अध्याय 1जंगल का श्रापघना जंगल—इतना घना कि सूरज की सुनहरी किरणें भी ज़मीन तक पहुँ...
उत्तर प्रदेश के छोटे से गांव मेहनूपुर की मिट्टी की खुशबू कहानीकहानी की शुरुआत: मेहनूपुर की गलियांमेहनूपुर एक ऐसा गांव है जहां सूरज की पहली किरण के साथ ही हल की आवाजें गूँजने लगती ह...
मुंबई... सपनों की नगरी... एक ऐसा शहर जो कभी सोता नहीं। जहाँ रातें भी रोशनी से जगमगाती हैं और हर सुबह अपने साथ हजारों नए ख्वाब लेकर आती है। इस शहर में हर आँख में एक सपना पलता है...
यह एक पूर्णतः काल्पनिक (Fictional) कहानी है। इस कहानी के सभी पात्र, घटनाएँ, स्थान (जहाँ विशेष रूप से वास्तविक स्थान का केवल पृष्ठभूमि के रूप में उल्लेख न हो), संवाद और प्रसंग लेखक...
एपिसोड 1: वीरान हवेली की अनकही दस्तक पहाड़ों की ऊँचाइयों पर, घने चीड़ के पेड़ों के बीच छिपी हुई थी— नीलगिरी हवेली। लेकिन अब— यहाँ सिर्फ सन्नाटा था। ऐसा सन्नाटा, जो कानों...
हिंदी फिल्म और वेबसिरिज़ रिव्यू.
रात के लगभग दस बज रहे थे। लोधी रोड स्थित CBI Special Crime Division के office से बाहर निकलते हुए शक्ति ने अपनी SUV स्टार्ट की। पिछले छह घंटों से चल रहे operation ने उसे थका दिया था...
अंधेरी रात, दिल्ली के आसमान पर काले बादल उमड़े हुए। लाल बिजली चमकती है। धरती पर एक अजनबी उतरा है। जिसका चेहरा इंसानों जैसा है, मगर रगों में खून नहीं आग बहती है। करण धीरे-धीरे एक...
करीब चार सौ - पांच सौ साल पहले ................... शिवनगर में हुए खौफनाक हादसे के आखिरी दिन एक विचित्र घटना घटी। हुआ यूँ कि आखिरी दिन बाबा बटेश्वर की नज़र गेरुआ धोती में लिपटी...
भारत को आज़ाद हुए अभी कुछ ही वर्ष हुए थे। देश स्वतंत्र हो चुका था, लेकिन गाँवों की गरीबी अभी भी वैसी ही थी, जैसे आज़ादी की किरण पहाड़ों के उस पार कहीं रुक गई हो। पेट की आग, कर्ज क...
ઓટલો ગામની એ સવાર આજે પણ મારી આંખો સામે એવી જ ઊભી થાય છે સૂરજ હજી પૂરો ઉગ્યો ન હતો આકાશમાં હળવો લાલ રંગ પથરાયો હતો ઘરના આંગણામાં પડેલી ઠંડી માટી પર મારા નાના પગલા પડતા અને હું દોડત...
लॉग इन करें
लॉगिन से आप मातृभारती के "उपयोग के नियम" और "गोपनीयता नीति" से अपनी सहमती प्रकट करते हैं.
वेरिफिकेशन
ऐप डाउनलोड करें
ऐप डाउनलोड करने के लिए लिंक प्राप्त करें
Copyright © 2026, Matrubharti Technologies Pvt. Ltd. All Rights Reserved | Powered by Custom Web Development Company India.
Please enable javascript on your browser