The Download Link has been successfully sent to your Mobile Number. Please Download the App.
You are welcome to the world of inspiring, thrilling and motivating stories written in your own language by the young and aspiring authors on Matrubharti. You will get a life time experience of falling in love with stories.
नम आँखे पार्ट- २अभिनव की माँ हसते हुए। लड...
"वक्त रेत की तरह हाथों से फिसल जाता है, पर पीछे छोड़ जाता है कुछ सुनहरी यादें। यह...
[ 10. नेहरू का वैश्विक नजरिया, जिसने भारत को नुकसान पहुँचाया ]भूल-106 नेहरू का...
भाग – 12गाँव की मिट्टीआज सृष्टि के पैरों कोपहले जैसी नहीं लगी।न डर था,न...
तेरी मेरी कहानी दादी की जुबानीदादी दादी हाँ बच्चो आओं खेलो और मैंने तुम्हारे लिय...
एपिसोड 5: नई आग के सुरनई सुबह की उम्मीदसूरज की पहली किरणें दरभंगा के स्टेशन इलाक...
शहर की चकाचौंध से दूर एक मध्यमवर्गीय अपार्टमेंट की बालकनी में खड़ी अदिति अपनी कॉ...
भाग 1: बचपन की शुरुआतमेरा नाम आदित्य है। मैं हिमाचल प्रदेश के एक छोटे से कस्बे म...
एपिसोड 3: मौत का स्पर्श और रहस्यमयी बॉक्सकाली आँखों वाले सैनिकों ने सिया और उसके...
कुंम्भन का नाम सुनकर सब घबरा जाता है। और डर से इधर उधर देखने लगता है। एकांश घबरा...
इटली जिसे माफिया का अड़ा कहा जा है वाह पर एक लड़की पूरे काले कपड़े पहने थी और चहरे पर केप ओर मुंह पर मास्क लगा रखा था वो इस टाइम एक बैंक के सामने खड़ी थी और उसे देख रही थी ये थ...
कुछ प्रेम मिलन के लिए नहीं होते,वे इतिहास बदलने के लिए जन्म लेते हैं।पितामगढ़ और रायगढ़, दो शक्तिशाली राज्य, जिनके बीच वर्षों से शत्रुता थी। कभी जिन राजाओं ने एक ही छाया में बचपन ब...
बारिश की हल्की बूँदें खिड़की के शीशे से टकरा रही थीं। हवा में मिट्टी की खुशबू घुली हुई थी, जैसे ज़मीन भी अपनी कहानी सुनाने को बेचैन हो। Prakhra ने अपनी किताब बंद की, खिड़की के पास...
आज थाने में बड़ा शोर था। एक मासूम सी,, लगभग 23 साल की एक औरत थी। "औरत तो क्या बोले वो उम्र से " एक लडकी ही थी। बदन पर पुरानी सी साड़ी और रंग साफ़,,,, मगर हाथ एक मजदूर क...
वेदांत बीस बरस में बहुत तरक्की कर लिया है ।फ़िल्म निर्माता ,निर्देशक और उपन्यासकार लेखक भी है।वह बंगले के लॉन में मैना पक्षी के जोड़े को देखते ही रहा जाता है ।दोनों में इश्क हो रहा थ...
पंद्रह दिन के हनीमून से वापिस घर लौटते हुए अधीर ने बीस दिन पहले सात फेरे लेने वाली पत्नी अवनी से बेड पर लेटे हुए गले में बाहें डालते हुए कहा- "अब तो शादी भी हो गई, हनीमून भी हो...
अब मान भी जाओ राधे ...!! राधा और देव कभी पड़ोसी हुआ करते थे। दोनों के पारिवारिक सबंध भी बहुत अच्छे थे। दोनों के पापा बिजनेसमैन थे।. दोनों साथ में खेलते ,कभी लड़ाई करते तो कभी...
इस तरह एक सदियां बीत गए।। लेकिन नैना वनवास खत्म नहीं हुआ था शायद वो अब जिंदगी को एक नया मोड़ पर समझना चाहती थी। और फिर नैना को अब सब कुछ अच्छा लगने लगा था क्या चल रहा था नैन...
(1) लाइक एंड कॉमेंट्स रात के लगभग साढ़े ग्यारह बजे रामलाल जी का हृदय गति रुकने से देहांत हो गया। उनका बड़ा बेटा शंकरलाल गाँव से सैकड़ों मील दूर एक शहर में अफसर था। छोटे बेटे भोल...
बात उन दिनों की है, एक मकान बना कर रहना, एक मिसाल और योग्यता थी। मकान अगर मंजिले हो, तो कया बात, बहुत अमीर समझे जाने वाला शक्श....." हाहाहा, "हसता हुँ, आपने पर.... ये दोगल...
लॉग इन करें
लॉगिन से आप मातृभारती के "उपयोग के नियम" और "गोपनीयता नीति" से अपनी सहमती प्रकट करते हैं.
वेरिफिकेशन
ऐप डाउनलोड करें
ऐप डाउनलोड करने के लिए लिंक प्राप्त करें
Copyright © 2026, Matrubharti Technologies Pvt. Ltd. All Rights Reserved.
Please enable javascript on your browser