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*डॉक्टर और सीईओ - भाग 3: आरोप और भरोसा*सुबह के 9 बजे थे। अनन्या अपने केबिन में ब...
बनारस के अस्सी घाट पर रात जब अपने आखिरी पहर में दाखिल होती थी, तो गंगा का पानी ब...
श्रीकृष्ण की पूरी जीवन-कथाभाग 1 — कंस की भविष्यवाणी और श्रीकृष्ण के जन्म की शुरु...
स्वागत है दोस्तों एपिसोड 9 में! पिछले एपिसोड में हमने देखा कि हमले के बाद विक्रा...
यजुर्वेद सूक्ति(16) की व्याख्या '"मनोयज्ञेन कल्पताम्"यजुर्वेद --11/84हे ईश्व...
दशहरा पर आयोजित सर्वधर्म सभा में रावण-दहन पर मतैक्य न हो सका। सभापति भी यही चाहत...
वह सबसे नाराज़ थी—अपने भाइयों से भी और उस पूरे हालात से भी, जिसने उसे अंदर तक हि...
Part 3 — 1987 की तस्वीर में कौन था आरव?आईना टूट चुका था।कमरे के फर्श पर बिखरे हु...
घूमने का शौक आज भी वैसा ही था। बस फर्क इतना था कि अब जिंदगी में नौकरी और जिम्मेद...
आपके इस हिस्से को कहानी के प्रवाह, भावनाओं और रहस्य को बरकरार रखते हुए साहित्यिक...
समर्पित उन सभी स्त्रियों को जो किसी न किसी बंधन में जकड़ी हुई हैं। प्रस्तावना यह कहानी मेरा पहला सह-लेखन प्रयास है। मेरे और पृथ्वी गोहेल के विचारों को प्रस्तुत करने की एक...
एपिसोड 1: वीरान हवेली की अनकही दस्तक पहाड़ों की ऊँचाइयों पर, घने चीड़ के पेड़ों के बीच छिपी हुई थी— नीलगिरी हवेली। लेकिन अब— यहाँ सिर्फ सन्नाटा था। ऐसा सन्नाटा, जो कानों...
रात के लगभग दो बजे डॉक्टर कपिल के दरवाजे को जोर-जोर से खटखटाने की आवाज़ आई। कपिल और उसकी पत्नी रूपा दोनों ही नींद से जागकर उठ बैठे। रूपा ने कहा, " कपिल, मुझे डर लग रहा है। इतनी...
अंधेरी रात, दिल्ली के आसमान पर काले बादल उमड़े हुए। लाल बिजली चमकती है। धरती पर एक अजनबी उतरा है। जिसका चेहरा इंसानों जैसा है, मगर रगों में खून नहीं आग बहती है। करण धीरे-धीरे एक...
बनारस की सुबह हो और चौराहे पर चाय-पान की दुकान पर पंचायत न हो, ऐसा तो बनारस के इतिहास में कभी हुआ ही नहीं है। सुबह की ताजी ठंडी हवा के बीच जब घाटों पर घंटियाँ बजती हैं, तो पूरा शहर...
घना अंधेरा जंगल. रात का न जाने कौन- सा पहर था. चारों ओर ऐसा सन्नाटा पसरा हुआ था कि अपनी ही साँसों की आवाज किसी अनजान खतरे की आहट लग रही थी. आसमान को काले बादलों ने निगल लिया था और...
भाग 1: देवपुर रियासत सन 1926, भारत भूमि पर फिरंगियों का क्रूर शासन अपने चरम पर था। चारों ओर गुलामी की ज़ंजीरें जकड़ी हुई थीं, लेकिन उसी दौर में राजपूताने और जंगलों के बीच ब...
मध्यमवर्गीय परिवार की 22 वर्षीय माया की हंसती-खेलती जिंदगी अचानक एक भयानक तूफान में घिर गई। उसके पिता की तबीयत अचानक बिगड़ी और अस्पताल के आईसीयू में उन्हें वेंटिलेटर पर डालना पड़ा।...
मैं... अपने ऑफिस का काम जल्द से जल्द निपटाने में व्यस्त था तभी मुझे कुछ हल्की सी चिल्लाने की आवाज सुनाई दी, पर मुझे अपने ऑफिस का काम जल्दी खत्म करना था इसलिए मैंने उस आवाज को नजर...
दोपहर का समय था।चारों ओर सूखी और पथरीली ज़मीन फैली हुई थी। दूर-दूर तक छोटी-छोटी पहाड़ियाँ दिखाई दे रही थीं। उनके बीच से एक सँकरा कच्चा मार्ग निकल रहा था। उसी मार्ग के किनारे एक बड़...
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