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अवंतिका दुकान से बाहर निकल आई, लेकिन उसके कदम वहीं रुक गए। जाने क्यों उसे लगा कि...
अध्याय 16जीवन में उद्देश्य (Purpose) कैसे खोजें जीवन में उद्देश्य या पर्पस (Purp...
ऋगुवेद सूक्ति--(21) की व्याख्या ऋगुवेद--"मा स्रेधत"--7/32/9अर्थ---आलस्य मत करो।...
दोनों बिना एक शब्द बोले इमारत के भीतर प्रवेश कर गए।अधूरी बिल्डिंग के अंदर चारों...
बारिश आई... पर समस्या वही रहीसुहाना मौसम... पर सबके लिए नहीं आदमी भी क्या अजीब ज...
जिंदगी की दूसरा किनारा पार्ट 27और वहीं कुछ समय बाद तकरीबन तकरीबन 7:30 बजे और डॉक...
Chapter 2:-) scene 1 रीना:--) हां उसे मैंने सीधे कैफे में आने को कहा है,प्रतिज्...
एपिसोड 35: समाधि का रहस्य और अंधेरे की अंतिम परीक्षा---शहर की बेचैनीसमाधि से लौट...
जॉय को....बातों में बहलाए हुए वह दौड़कर छत पर पहुंचता है और देखता है कि वह यह...
अधूरी किताब: एक रूहानी दास्तानएपिसोड 34: मौन की रानी“अनन्या...”मंदिर के भीतर से...
दोपहर का समय था।चारों ओर सूखी और पथरीली ज़मीन फैली हुई थी। दूर-दूर तक छोटी-छोटी पहाड़ियाँ दिखाई दे रही थीं। उनके बीच से एक सँकरा कच्चा मार्ग निकल रहा था। उसी मार्ग के किनारे एक बड़...
“शिफ़ा शिफ़ा....”,अनस सहन में खड़ा उसको आवाज़ कम दे रहा था और चि़ल्ला ज़्यादा रहा था।“क्या मुसीबत है, कभी तो चैन से खाना खाने दिया करो। हर वक़्त सर पर नाज़िल रहते हो”वह बड़बड़ाती ह...
दिल्ली से छः सौ किलोमिटर दूर हिमाचल प्रदेश की गोद बसा एक टाउन अवासा इस समय शांत था। अवासा एक छोटा टाउन था लेकिन जितना छोटा था उतना ही समृद्ध भी था। पहाडियो की गोद मे बसा ये शहर कि...
इस तरह एक सदियां बीत गए।। लेकिन नैना वनवास खत्म नहीं हुआ था शायद वो अब जिंदगी को एक नया मोड़ पर समझना चाहती थी। और फिर नैना को अब सब कुछ अच्छा लगने लगा था क्या चल रहा था नैन...
Karan Thakur उम्र (26) – शांत, समझदार, काबिल AI इंजीनियर। Kabir Thakur उम्र (25) – चुलबुला, मासूम, तेज दिमाग वाला AI डेवलपर। Shreya Sharma उम्र (23) – सरल, भोली, सुंदर AI इंज...
डर – आचार्य प्रशांत समीक्षा: समझें, और बढ़ें निडरता की ओर.. आचार्य प्रशांत की पुस्तक डर आधुनिक आध्यात्मिक साहित्य में एक महत्वपूर्ण स्थान रखती है। यह पुस्तक केवल भय के सतह...
रात और दिन... दोनों का इस कमरे में कोई अस्तित्व नहीं था। छोटे से, जर्जर अपार्टमेंट के एक कमरे की हर दीवार किसी पागल इंसान के दिमाग की तरह दिखाई दे रही थी। दीवारों पर सैकड़ों तस्...
समर्पित उन सभी स्त्रियों को जो किसी न किसी बंधन में जकड़ी हुई हैं। प्रस्तावना यह कहानी मेरा पहला सह-लेखन प्रयास है। मेरे और पृथ्वी गोहेल के विचारों को प्रस्तुत करने की एक...
यह एक पूर्णतः काल्पनिक (Fictional) कहानी है। इस कहानी के सभी पात्र, घटनाएँ, स्थान (जहाँ विशेष रूप से वास्तविक स्थान का केवल पृष्ठभूमि के रूप में उल्लेख न हो), संवाद और प्रसंग लेखक...
चाय की एक मशहूर दुकान के सामने, शहर की व्यस्त सड़क पर गाड़ियों का शोर अपने चरम पर था। वहाँ खड़ी एक सफेद सेडान कार के बोनट से पीठ टिकाए कबीर खड़ा था। उसकी सादी सूती शर्ट की आस्तीनें कोह...
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