The Download Link has been successfully sent to your Mobile Number. Please Download the App.
You are welcome to the world of inspiring, thrilling and motivating stories written in your own language by the young and aspiring authors on Matrubharti. You will get a life time experience of falling in love with stories.
कमरे मे आकर सीता आंटी ने श्री को समझाने का निर्णय लिया सीता आंटी ने कहा श्री मु...
अभी तक आपने पढ़ा कि बसंती लगातार रितु की देखभाल करती रही, क्योंकि उसे डर था कि बे...
अधूरी किताब – सीजन 2एपिसोड 15: पहले लेखक का उत्तराधिकारीपूरा शहर अंधेरे में डूब...
भाग २: धुंध की ओट से धूप तक(यह कहानी का दूसरा भाग है । माफी चाहता हु थोड़ी देर हो...
दिव्या एक मध्यमवर्गीय, संपन्न परिवार की लड़की थी। घर में किसी चीज़ की कमी नहीं थ...
शहर के सबसे महंगे और आलीशान होटल की पाँचवीं मंज़िल पर शीशे की बड़ी-बड़ी खिड़कियो...
बर्बाद इश्कएपिसोड 2 — मुंबई के तीन शहज़ादे20 साल बाद।मुंबई बदल गई थी।लेकिन धाराव...
विक्की ने कहा सब तैयार हो जाओ हां कुछ देर बाद ही निकलना है।।ब्रेकफास्ट करने के ल...
पिता न बन पाने का दर्दउसके भीतर के पति पर भारी पड़ चुका था।आसिफ ने धीमी मगर ठंडी...
रात का वो पल एक गहरी खामोशी में खो गया…कमरे में सिर्फ हल्की साँसों की आवाज़ थी…औ...
जुलाई का महीना था। आसमान कई दिनों से बादलों को थामे बैठा था, जैसे किसी इकरार का इंतज़ार कर रहा हो। और फिर उस दिन… पहली बारिश शुरू हुई। कॉलेज की छुट्टी के बाद आईशा बस स्टॉप पर खड...
यह कहानी है मासूम – सी मान्या की.. जो अभी केवल 23 साल की है । जो फिलहाल में एक स्कूल टीचर है। जितनी मासूम.. उतनी ही प्यारी है, लेकिन एक दिन उसकी पूरी दुनिया पलट सी जाती है। जब उसकी...
हर दिन एक ही कॉल, ठीक 12 बजे, और फिर सन्नाटा। और जब भी कोई कॉल उठाए, सिर्फ एक आवाज़ "मुझे क्यों मारा?" ये सिलसिला कुछ सालों तक यूँ ही चला, लेकिन एक दिन कुछ ऐसा हुआ जिसने स...
रात के दो बज चुके थे। दिसंबर की सर्द हवाएं खिड़की के कांच से टकराकर एक सिहरन पैदा कर रही थीं। कमरे के भीतर का सन्नाटा उस बाहरी ठंड से भी ज्यादा सर्द और भारी था। गीता बेड के एक कोने...
रात का अंधेरा बहुत गहरा था…आसमान में बादल ऐसे छाए थे जैसे किसी अनहोनी का इंतज़ार कर रहे हों। एक पुराने खंडहर जैसे महल के अंदर…लाल रोशनी टिमटिमा रही थी। वहीं धीरे-धीरे एक लड़की बाह...
कमरे में एसी चल रहा था, फिर भी संजना की हथेलियां पसीने से तर थीं। फोन को इतनी जोर से पकड़ा हुआ था कि उंगलियों के पोर सफेद पड़ गए थे — जैसे अगर उसने ज़रा भी ढील दी, तो कुछ छूट जाएगा...
रात के ठीक 11:57 बजे थे। मुंबई शहर बारिश में डूबा हुआ था। अनिकेत अपनी कार पार्क करके अपार्टमेंट की ओर बढ़ रहा था। जैसे ही उसने मुख्य दरवाज़ा खोला, उसकी नज़र ज़मीन पर पड़े एक सफ...
रात का गहरा अंधेरा चारों तरफ फैला हुआ था। सड़क लगभग सुनसान थी। दूर-दूर तक कोई दिखाई नहीं दे रहा था। एक काली कार तेज़ रफ्तार से सड़क पर दौड़ी चली जा रही थी। उसकी हेडलाइट...
ये कहानी शुरू होती हैं अस्पताल से....जहां मोहन अपने होने वाले बच्चे के लिए चिंतित हैं। ऑपरेशन रूम से आती दर्द भरी चीखों ने उसे परेशान कर दिया हैं चिंता ने उसके बच्चे पैदा होने की ख...
2087 में, सबसे महंगी चीज़ यादें थीं। और सबसे सस्ती चीज़ भी। मीरा के हाथ काँपते थे — बस थोड़े से, मुश्किल से नज़र आने वाले — जब उसने अपनी हथेली मेमवॉल्ट स्कैनर के ऊपर रखी। शीशे के...
लॉग इन करें
लॉगिन से आप मातृभारती के "उपयोग के नियम" और "गोपनीयता नीति" से अपनी सहमती प्रकट करते हैं.
वेरिफिकेशन
ऐप डाउनलोड करें
ऐप डाउनलोड करने के लिए लिंक प्राप्त करें
Copyright © 2026, Matrubharti Technologies Pvt. Ltd. All Rights Reserved | Powered by Custom Web Development Company India.
Please enable javascript on your browser