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बारिश आई... पर समस्या वही रहीसुहाना मौसम... पर सबके लिए नहीं आदमी भी क्या अजीब ज...
जिंदगी की दूसरा किनारा पार्ट 27और वहीं कुछ समय बाद तकरीबन तकरीबन 7:30 बजे और डॉक...
Chapter 2:-) scene 1 रीना:--) हां उसे मैंने सीधे कैफे में आने को कहा है,प्रतिज्...
एपिसोड 35: समाधि का रहस्य और अंधेरे की अंतिम परीक्षा---शहर की बेचैनीसमाधि से लौट...
जॉय को....बातों में बहलाए हुए वह दौड़कर छत पर पहुंचता है और देखता है कि वह यह...
अधूरी किताब: एक रूहानी दास्तानएपिसोड 34: मौन की रानी“अनन्या...”मंदिर के भीतर से...
उस रात... आसमान पूरी तरह शांत था। बारिश रुक चुकी थी, लेकिन हवा में अब भी मिट्टी...
अध्याय 20 अनचाहे मेहमानों का आगमनसूर्य अस्त हो चुका था, और उसकी अंतिम किरणें भी...
एपिसोड 2: पहली टक्करसुबह के लगभग नौ बजे थे।लखनऊ की सड़कें रोज़ की तरह चहल-पहल से...
Rod Sullivan का दर्दनाक अतीत (The Backstory)रॉड का बचपन बेहद अकेला और दर्दनाक था...
अध्याय 1: रणविजय शेखावत उसका नाम रणविजय शेखावत है। पूरी दुनिया उसे एक बेरहम, पत्थर दिल और 'कोल्ड प्रिंस' के नाम से जानती है। वह सिर्फ एक हैंडसम बैचलर ही नहीं, बल्कि अंडर...
“मैडम, क्या आप किसी का इंतज़ार कर रही हैं?” सफेद ड्रेस पहने और हाथ में टैब लिए वेटर ने काम्या से विनम्रता से पूछा। “हाँ… अपने बॉयफ्रेंड का इंतजार कर रही हूं.. वो बस आता ही होगा,...
क्या कोई इंसान जानबूझकर अपने हंसते-खेलते जीवन को आग लगा सकता है? शायद नहीं। लेकिन जब वक्त का पहिया उल्टा घूमता है, तो इंसान खुद अपने हाथों से अपनी तबाही का रास्ता चुन लेता है। मेरे...
भाग 1: देवपुर रियासत सन 1926, भारत भूमि पर फिरंगियों का क्रूर शासन अपने चरम पर था। चारों ओर गुलामी की ज़ंजीरें जकड़ी हुई थीं, लेकिन उसी दौर में राजपूताने और जंगलों के बीच ब...
मध्य प्रदेश के रायसेन जिला में अवस्थित भीमबैठका शैलाश्रय (Bhimbetka Rock Shelters) भोपाल से लगभग 45 किमी दूर विंध्य पर्वत माला के दक्षिण में अवस्थित है। यह स्थान बलुआ पत्थर के चट्ट...
संत कबीर जी के इस दोहे को अक्सर लोग गलत समझ लेते हैं। वे सोचते हैं कि कबीर जी हमें डरा रहे हैं या जीवन से निराश कर रहे हैं कि “जब अंत में मिट्टी ही होना है, तो मेहनत क्यों करें?” ल...
बेगूसराय का वो काला दिनस्थान: गर्ल्स इंटर स्कूल एंड कॉलेज, मोहनपुरा (बेगूसराय, उत्तर प्रदेश)समय: शाम के 4:00 बजेसीन 1: सुनसान रास्ता और वो खामोशीमोहनपुरा की सड़क पर सन्नाटा पसरा था...
झूठ बोल कर निकली, ये कहानी शुरू होती है एक झूठ से, प्रतिज्ञा ने अपने घर पर सबको बोला था, कि वो कॉलेज ट्रिप पर जा रही है, लेकिन सच ये था कि, ये कोई आम कॉलेज ट्रिप नहीं थी, ये एक कपल...
यह कहानी बहुत समय पहले की है ... करीब चार सौ - पांच सौ साल पहले की ................ नेपाल के सरहद से सटा भारत में एक छोटा सा गाँव था विष्णुपुर । इसी गाँव के ठीक बीचोबीच बने कु...
ये उपन्यास सत्य पर एक ऐसी प्रेरित कहानी है, जो लिखने मे मुझे काफ़ी तकलीफ झेलनी पड़ी। कारण था, बस एक ही स्थान वही रहे और पात्र बदले जाये फिर सोचा नहीं सब कुछ ही सच हो।...
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