हिंदी Books and Novels are free to read and download

You are welcome to the world of inspiring, thrilling and motivating stories written in your own language by the young and aspiring authors on Matrubharti. You will get a life time experience of falling in love with stories.


श्रेणी
Featured Books

पहला प्यार : अनकहा एहसास By Himanshu Shukla

कहानी शुरू होती है दादरा गाँव से, एक ऐसा प्यारा सा गाँव, जहाँ सुबह की हवा में मिट्टी की खुशबू और शाम को सपनों की आहट होती है।दादरा... यह सिर्फ़ एक गाँव का नाम नहीं था, बल्कि एक अलग...

Read Free

अदृश्य पीया By Sonam Brijwasi

सुनीति ऑफिस से वापस आती है। उसके चेहरे पर थकान और उदासी साफ झलक रही है।
आज ऑफिस में बॉस ने उसे डाँट दिया था। पहली बार उसे अपने आप पर भरोसा टूटा हुआ लगा।
कमरे में आते ही वो ज़मीन पर...

Read Free

दक्षिण का गौरव By Ashish jain

इतिहास केवल तारीखों और युद्धों का लेखा-जोखा नहीं होता, बल्कि यह उन आत्माओं की यात्रा है जिन्होंने समय की धारा को मोड़ने का साहस किया। 'रक्त और प्रतिज्ञा' एक ऐसी ही गाथा है,...

Read Free

यह जिंदगी By anime lover

मैं अपने अतीत को बहुत पहले ही छोड़कर आ चुकी थी मगर मेरा अतीत मेरे सामने दोबारा खड़ा हो चुका है और मेरा आज भी मेरे सामने है मैं समझ नहीं पा रही हूं कि मैं क्या करूं मैं कोई फैसला नह...

Read Free

असुरविद्या By OLD KING

मुंबई की उस रात में उमस नहीं, एक दम घोटने वाली खामोशी थी. उपनगर की एक तंग गली के आखिरी छोर पर स्थित उस जर्जर इमारत का कमरा नंबर सत्रह, किसी जिंदा कब्र जैसा लग रहा था. घडी की सुइयां...

Read Free

में और मेरे अहसास By Dr Darshita Babubhai Shah

में और मेरे अहसास भाग-१ *** ईश्क में तेरे जोगन बन गई lआज राधा जोगन बन गई ll *** गरघर कीदीवार केकर्णहोतेकोई घरखड़ाना होता ll *** काटे नहीं कटता एक पल यहां lकैसे कटेगी एक उम्र भला यहा...

Read Free

नम आँखे By Nandini Agarwal Apne Kalam Sein

मम्मीमम्मी - मम्मी -मम्मी कहाँ हो आप ' अभिनव अवाज देता हुआ घर में आता है। बेटा मैं यहां स्टोर मे हूं। दीवाली की सफाई कर रही हूँ। अभिनव ये क्या है ? बक्शे मे क्या टटॉल रही हो। म...

Read Free

रॉ एजेंट By bhagwat singh naruka

इस कहानी के सभी पात्र काल्पनिक है इसका किसी जीवित, जंतु, मानव संसाधन से कोई लेना देना नही है अगर ऐसा होता है तो ये मात्र एक सयोग होगा ,,, जय हिन्द,
इस कहानी को लिखने का उद्देश्य क...

Read Free

प्रतिघात: दिल्ली की वो शाम By Abantika

"प्रतिघात: दिल्ली की वो शाम"​"सफलता की सीढ़ियाँ चढ़ने के लिए क्या प्यार की बलि देना ज़रूरी है?"​पर समय का पहिया घूमता है और हिसाब बराबर करने के लिए वापस आता है।"न...

Read Free

इंतेक़ाम By Mamta Meena

आसमान में काले बादल छाए हुए थे ऐसा लग रहा था जैसे आज इंदर देव रूष्ट हो और अपना सारा कोप निकालना चाहते हो,बरसात आने की आशंका में सभी लोग अपना काम जल्दी-जल्दी समेट कर अपने घर पहुंचन...

Read Free

पहला प्यार : अनकहा एहसास By Himanshu Shukla

कहानी शुरू होती है दादरा गाँव से, एक ऐसा प्यारा सा गाँव, जहाँ सुबह की हवा में मिट्टी की खुशबू और शाम को सपनों की आहट होती है।दादरा... यह सिर्फ़ एक गाँव का नाम नहीं था, बल्कि एक अलग...

Read Free

अदृश्य पीया By Sonam Brijwasi

सुनीति ऑफिस से वापस आती है। उसके चेहरे पर थकान और उदासी साफ झलक रही है।
आज ऑफिस में बॉस ने उसे डाँट दिया था। पहली बार उसे अपने आप पर भरोसा टूटा हुआ लगा।
कमरे में आते ही वो ज़मीन पर...

Read Free

दक्षिण का गौरव By Ashish jain

इतिहास केवल तारीखों और युद्धों का लेखा-जोखा नहीं होता, बल्कि यह उन आत्माओं की यात्रा है जिन्होंने समय की धारा को मोड़ने का साहस किया। 'रक्त और प्रतिज्ञा' एक ऐसी ही गाथा है,...

Read Free

यह जिंदगी By anime lover

मैं अपने अतीत को बहुत पहले ही छोड़कर आ चुकी थी मगर मेरा अतीत मेरे सामने दोबारा खड़ा हो चुका है और मेरा आज भी मेरे सामने है मैं समझ नहीं पा रही हूं कि मैं क्या करूं मैं कोई फैसला नह...

Read Free

असुरविद्या By OLD KING

मुंबई की उस रात में उमस नहीं, एक दम घोटने वाली खामोशी थी. उपनगर की एक तंग गली के आखिरी छोर पर स्थित उस जर्जर इमारत का कमरा नंबर सत्रह, किसी जिंदा कब्र जैसा लग रहा था. घडी की सुइयां...

Read Free

में और मेरे अहसास By Dr Darshita Babubhai Shah

में और मेरे अहसास भाग-१ *** ईश्क में तेरे जोगन बन गई lआज राधा जोगन बन गई ll *** गरघर कीदीवार केकर्णहोतेकोई घरखड़ाना होता ll *** काटे नहीं कटता एक पल यहां lकैसे कटेगी एक उम्र भला यहा...

Read Free

नम आँखे By Nandini Agarwal Apne Kalam Sein

मम्मीमम्मी - मम्मी -मम्मी कहाँ हो आप ' अभिनव अवाज देता हुआ घर में आता है। बेटा मैं यहां स्टोर मे हूं। दीवाली की सफाई कर रही हूँ। अभिनव ये क्या है ? बक्शे मे क्या टटॉल रही हो। म...

Read Free

रॉ एजेंट By bhagwat singh naruka

इस कहानी के सभी पात्र काल्पनिक है इसका किसी जीवित, जंतु, मानव संसाधन से कोई लेना देना नही है अगर ऐसा होता है तो ये मात्र एक सयोग होगा ,,, जय हिन्द,
इस कहानी को लिखने का उद्देश्य क...

Read Free

प्रतिघात: दिल्ली की वो शाम By Abantika

"प्रतिघात: दिल्ली की वो शाम"​"सफलता की सीढ़ियाँ चढ़ने के लिए क्या प्यार की बलि देना ज़रूरी है?"​पर समय का पहिया घूमता है और हिसाब बराबर करने के लिए वापस आता है।"न...

Read Free

इंतेक़ाम By Mamta Meena

आसमान में काले बादल छाए हुए थे ऐसा लग रहा था जैसे आज इंदर देव रूष्ट हो और अपना सारा कोप निकालना चाहते हो,बरसात आने की आशंका में सभी लोग अपना काम जल्दी-जल्दी समेट कर अपने घर पहुंचन...

Read Free