The Download Link has been successfully sent to your Mobile Number. Please Download the App.
You are welcome to the world of inspiring, thrilling and motivating stories written in your own language by the young and aspiring authors on Matrubharti. You will get a life time experience of falling in love with stories.
खेतों में सुबह की सुनहरी धूप फैली थी। ताजी हवा में मिट्टी की सोंधी-सोंधी खुशबू थ...
किरदार परिचय 1. आदित्य उर्फ आदि का परिवार (द रायसिंघानिया एस्टेट) शहर का स...
एपिसोड 38: समाधि का द्वार और अंधेरे की गहराईशहर की बेचैनीसमाधि के नीचे की परछाई...
अध्याय 3 : एक रात, कई सवालसुबह की पहली किरण जैसे ही राजपूताना भवन की ऊँची खिड़कि...
---*Chapter 1: कीचड़ और किस्मत ~ 900 शब्द*जयपुर में सावन की पहली बारिश थी। सड़के...
सुनसान सड़क पर काली एसयूवी तेज़ रफ्तार से दौड़ी चली जा रही थी। रात पूरी तरह उतर...
(दूर से आती पुलिस की सायरन की आवाज़, जो अब नज़दीक आ रही है। तेज़ बारिश शुरू हो ग...
वेदांत 2.0 : प्रकृतिजीवी से यंत्रजीवी तकयदि आज की शिक्षा, सामाजिक व्यवस्था और त...
(शादी का हॉल सज चुका है। लाल जोड़े में सिमरन खड़ी है। उसका चेहरा दुःख और डर से फ...
नमक हरामसंध्या का समय, झीने धुंधलके के कारण वातावरण धूमिल था। देखते ही देखते सड़...
दो दुनियाओं का पहला टकराव मुंबई… यह शहर कभी नहीं सोता। अनगिनत सपनों को अपनी पनाह में लिए, और लाखों जिंदगियों की भाग-दौड़ का गवाह। इसी शहर की हलचल से दूर, एक शांत और पुरानी गली में...
कुकर की दूसरी सीटी बज रही है और मेरे हाथों की रफ़्तार तेज हो गयी है ब्रश करते करते। आनन फानन में मुँह पर पानी के कुछ छींटे मारकर अपने ही दुपट्टे से पोंछकर किचन की ओर भागती मैं, अभी...
सुबह के छह बज रहे थे। शहर अभी पूरी तरह जागा नहीं था, लेकिन अंकित की ज़िंदगी में नींद के लिए जगह कब की खत्म हो चुकी थी। किराए के छोटे से कमरे में रखे एक पुराने से पलंग पर वह...
कहानी शुरू होती है दादरा गाँव से, एक ऐसा प्यारा सा गाँव, जहाँ सुबह की हवा में मिट्टी की खुशबू और शाम को सपनों की आहट होती है।दादरा... यह सिर्फ़ एक गाँव का नाम नहीं था, बल्कि एक अलग...
कुछ प्रेम मिलन के लिए नहीं होते,वे इतिहास बदलने के लिए जन्म लेते हैं।पितामगढ़ और रायगढ़, दो शक्तिशाली राज्य, जिनके बीच वर्षों से शत्रुता थी। कभी जिन राजाओं ने एक ही छाया में बचपन ब...
बारिश की हल्की बूँदें खिड़की के शीशे से टकरा रही थीं। हवा में मिट्टी की खुशबू घुली हुई थी, जैसे ज़मीन भी अपनी कहानी सुनाने को बेचैन हो। Prakhra ने अपनी किताब बंद की, खिड़की के पास...
पंद्रह दिन के हनीमून से वापिस घर लौटते हुए अधीर ने बीस दिन पहले सात फेरे लेने वाली पत्नी अवनी से बेड पर लेटे हुए गले में बाहें डालते हुए कहा- "अब तो शादी भी हो गई, हनीमून भी हो...
विशाल, अथाह समुद्र के बीचों-बीच एक आलीशान-सी क्रूज़ लहरों से जूझ रही थी। चारों ओर सिर्फ़ काला पानी, तेज़ हवा और इंजन की भारी-भरकम आवाज़। उसी क्रूज़ के एक कोने में तुलसी बिखरे बालों...
यह कहानी है धोखे प्यार और बदले की जिसमें मोहब्बत एक दफा नहीं होती। क्योंकि जो एक दफ़ा हो जाए, उसे मोहब्बत नहीं कहते। और अगर किसी कहानी का अंत हो चुका हो, तो इसका यह अर्थ न...
कॉफी से सुरु हुआ प्यार दिल्ली की शाम हमेशा शोर से भरी होती है हॉर्न ट्रॅफिक और भागती भीड़ पर जिया की शामे कुछ शांत थी वो रोज दप्तर से निकलकर उसी छोटे से कैफे मे आती है जहा कॉफी क...
लॉग इन करें
लॉगिन से आप मातृभारती के "उपयोग के नियम" और "गोपनीयता नीति" से अपनी सहमती प्रकट करते हैं.
वेरिफिकेशन
ऐप डाउनलोड करें
ऐप डाउनलोड करने के लिए लिंक प्राप्त करें
Copyright © 2026, Matrubharti Technologies Pvt. Ltd. All Rights Reserved | Powered by Nichetech.
Please enable javascript on your browser