The Download Link has been successfully sent to your Mobile Number. Please Download the App.
You are welcome to the world of inspiring, thrilling and motivating stories written in your own language by the young and aspiring authors on Matrubharti. You will get a life time experience of falling in love with stories.
सगाई के बाद शादी की बात निर्धारित की जाती है। गीता यह सोचते- सोचते मंत्र मुग्ध ह...
सुबह का तारा आज के नए ज़माने के शहरों में ज़्यादातर तालीमयाफ़्ता नौजवान अच्छी नौकरी...
अभीर शहर में एक छोटे से कमरे में किराए पर रहता है। कमरे में पहुंचते हुए अभीर ने...
पुत्र वियोग में तड़पती गांधारी जब कृष्ण को श्राप देने चली तब कृष्ण गांधारी से कहत...
साज़िश का साया और सुबह की हलचलअगली सुबह जब सूरज की पहली किरण खन्ना मेंशन की खिड़...
राधा अपने आप से ऐसे बात कर रही थी जैसे देव सामने बैठकर उत्तर दे रहा हो ।राधा को...
अध्याय - 3 पारस पत्थरविहान के चेहरे पर एक ऐसी मुस्कान उभरी जिसने यक्षिणी को भी प...
29]“आप?” दोनों ने एक साथ पूछा। “हाँ, मैं। इतने दिनों के समय में आप के पास कोई ठो...
पिता का सुनापनपिता… जो घर में होते हुए भी अकेले रह जाते हैं, घर में सब कुछ था, छ...
कुछ देर बाद विक्की आ गया और फिर सबसे मिलकर अभिवादन किया।अरे बेटा कैसा है तू। संज...
दिल्ली का सेंट मैरी कॉलेज। गर्मियों का पहला दिन। नए सेशन का पहला दिन हमेशा हलचल भरा होता है। हॉस्टल में नए चेहरे, कैंटीन में भीड़, और हर किसी में कॉलेज लाइफ़ का रोमांच। आर्यन भ...
पिछले डेढ़ साल से मैंने अनंतगढ़ गांव से दूर आलोक और रतिबेन पाटिल कॉलेज ऑफ बायोलॉजिकल साइंसेज से बायो-मेडिकल साइंस में एमएससी कर रहा था, मैं सेमेस्टर 4 मे बायोसेंसर विषय पर डेझर्टेश...
आर्यन की जिंदगी हमेशा साधारण रही थी। दिल्ली के उत्तर-पूर्वी इलाके में एक छोटा सा अपार्टमेंट, एक मामूली नौकरी, और एक एकाकी जीवन। लेकिन उसके भीतर हमेशा एक खालीपन था, जिसे कोई भी चीज़...
शहर से दूर, पुराने गाँव के कोने में एक हवेली थी, जिसे लोग “काली हवेली” कहते थे। वहाँ कभी किसी ज़मींदार का परिवार रहता था, लेकिन दशकों से वह वीरान थी। टूटी खिड़कियाँ, दरकती दीवारें...
शादी को कुछ ही दिन हुए थे,, मीरा और आरव अपनी जिंदगी के नये सफर को लेकर बहुत खुश थे,, इस मुंबई शहर की भाग दौड़ भरी जिंदगी से दूर वो कही शुकुन भरी जिंदगी बिताना चाहते थे... लंबे स...
रात के 12 बज चुके थे, एक टेबल लैंप जल रहा था और रिया अभी भी पढ़ाई में व्यस्त थी; क्योंकि कल से उसके बीकॉम के फाइनल ईयर के एग्जाम्स शुरू होने वाले थे, रिया की मां सुनीता और छोटा भाई...
" इच्छा... तुम... नहीं नहीं तुम मेरी इच्छा नहीं हो सकती... " जोरो से हॅसते हुए आवाज गूंजती है.... " सही पहचाना में तेरी इच्छा नहीं हूँ मै.. वो हूँ जो तू सोच भी नही...
एक एसी हारर कहानी जो पल पल रोमांच और रहस्य से भरी है, जिसे पढ़ते समय पाठक को लगता है वह किसी रहस्यमय दुनिया में आ गया है कुछ पाने के लिए कुछ करना पड़ता है और सब कुछ पाने के लिए...
एक आम आदमी की सुबह सुबह के सात बजे थे। अलार्म की चीख ने जय मेहता की नींद तोड़ दी। आँखें मलते हुए वह उठा, और हमेशा की तरह, पहले बाथरूम में जाने से पहले उसने अपनी जेब टटोली। "बी...
रात के तीसरे पहर का समय था। चंद्रमा बादलों की ओट में छुपा था, और पूरा गांव किसी अज्ञात डर की सिहरन में सिमटा पड़ा था। हवा में एक अजीब सी घुटन थी मानो किसी ने अभी-अभी खून बहाया हो।...
लॉग इन करें
लॉगिन से आप मातृभारती के "उपयोग के नियम" और "गोपनीयता नीति" से अपनी सहमती प्रकट करते हैं.
वेरिफिकेशन
ऐप डाउनलोड करें
ऐप डाउनलोड करने के लिए लिंक प्राप्त करें
Copyright © 2026, Matrubharti Technologies Pvt. Ltd. All Rights Reserved.
Please enable javascript on your browser