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विक्की ने कहा आज सारा का दिन है।आज जी भर कर शाॅपिंग कर लें।बहन।सारा ने हंसते हुए...
जैसे-जैसे दिन बीत रहे थे, देवपुर राजमहल में काल का सन्नाटा और गहराता जा रहा था।ए...
रामलाल की पहली वाणी"जयगुरु..."रामलाल के मुँह से निकला यह एक शब्द पूरे प्रांगण मे...
Part 3 — जब दिल ने सही इंसान चुनारोहन के साथ बिताया हर दिन आरोही को यह यकीन दिला...
अधूरी किताब: एक रूहानी दास्तानएपिसोड 56: चाँदनी कुएँ का रहस्यरात का तीसरा पहर था...
रात काफी बीत चुकी थी, लेकिन शक्ति की आँखों में नींद का नाम तक नहीं था।वह अपने कम...
(जंगल में चारों तरफ डेविल्स घिरे हैं। सिमरन अकेली है, इंसान होने के नाते उसका दि...
माँ की आखिरी पुकार एक बेटे की जिद, एक माँ का मंगलसूत्र और एक परिवार की दर्दनाक क...
पहला अध्याय: शहर की चमक और परछाइयाँसूरत की रातें जितनी रंगीन और जीवंत दिखती थीं...
बैटाडिन, शहर के बीचो बीच खड़ा पाँच सितारा होट...
यह एक पूर्णतः काल्पनिक (Fictional) कहानी है। इस कहानी के सभी पात्र, घटनाएँ, स्थान (जहाँ विशेष रूप से वास्तविक स्थान का केवल पृष्ठभूमि के रूप में उल्लेख न हो), संवाद और प्रसंग लेखक...
ઓટલો ગામની એ સવાર આજે પણ મારી આંખો સામે એવી જ ઊભી થાય છે સૂરજ હજી પૂરો ઉગ્યો ન હતો આકાશમાં હળવો લાલ રંગ પથરાયો હતો ઘરના આંગણામાં પડેલી ઠંડી માટી પર મારા નાના પગલા પડતા અને હું દોડત...
इस तरह एक सदियां बीत गए।। लेकिन नैना वनवास खत्म नहीं हुआ था शायद वो अब जिंदगी को एक नया मोड़ पर समझना चाहती थी। और फिर नैना को अब सब कुछ अच्छा लगने लगा था क्या चल रहा था नैन...
भाग 1: देवपुर रियासत सन 1926, भारत भूमि पर फिरंगियों का क्रूर शासन अपने चरम पर था। चारों ओर गुलामी की ज़ंजीरें जकड़ी हुई थीं, लेकिन उसी दौर में राजपूताने और जंगलों के बीच ब...
भारत को आज़ाद हुए अभी कुछ ही वर्ष हुए थे। देश स्वतंत्र हो चुका था, लेकिन गाँवों की गरीबी अभी भी वैसी ही थी, जैसे आज़ादी की किरण पहाड़ों के उस पार कहीं रुक गई हो। पेट की आग, कर्ज क...
तीन दोस्त, एक लड़की और अधूरा प्यार स्कूल से शुरू हुई कहानी: शहर के एक छोटे से लेकिन पुराने स्कूल में उस दिन सुबह बाकी दिनों जैसी ही थी। बच्चे अपनी-अपनी क्लास की तरफ भाग रहे थ...
एपिसोड 1: वीरान हवेली की अनकही दस्तक पहाड़ों की ऊँचाइयों पर, घने चीड़ के पेड़ों के बीच छिपी हुई थी— नीलगिरी हवेली। लेकिन अब— यहाँ सिर्फ सन्नाटा था। ऐसा सन्नाटा, जो कानों...
रात के लगभग दस बज रहे थे। लोधी रोड स्थित CBI Special Crime Division के office से बाहर निकलते हुए शक्ति ने अपनी SUV स्टार्ट की। पिछले छह घंटों से चल रहे operation ने उसे थका दिया था...
अंधेरी रात, दिल्ली के आसमान पर काले बादल उमड़े हुए। लाल बिजली चमकती है। धरती पर एक अजनबी उतरा है। जिसका चेहरा इंसानों जैसा है, मगर रगों में खून नहीं आग बहती है। करण धीरे-धीरे एक...
जन्म से कॉलेज तक मेरा नाम अंकित है। मैं उत्तराखंड के चमोली जिले के एक छोटे से गाँव, त्रिकोट, का रहने वाला हूँ। मेरा जन्म 29 दिसंबर को मेरे मामा के गाँव में हुआ था। मेरे नाम की...
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