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  • फ़ेक फ़िऑन्से चैलेंज - 2

    महल जैसे मल्होत्रा हाउस का ड्रॉइंग रूम अचानक बिल्कुल शांत हो गया।दरवाज़े पर खड़ी...

  • Objection, Ms. Singhania! - 4

    राजवीर सिंघानिया अभी अपनी स्पीच दे ही रहे थे।हॉल तालियों से गूँज रहा था।उधर, भीड...

  • Mafia King - 5

     -धीरे रात हो गई। रणविजय अपने कमरे में आया। उसकी नज़र बिस्तर पर गहरी नींद में सो...

  • MTNL की घंटी - 26

    महक और देव दोनों सुबह-सुबह रिसोर्ट लौट आए।देव ने आते ही आदरपूर्वक ताया जी के चरण...

  • Muhabbat Ek Sabaq - 13

    कुछ नही हटो साइड में और मुझे जाने दो" !!! वह उसे साइड को धकेलती जाने लगी। "मैंने...

  • दर्द सबको होता है

    पुरुष होना भी सरल कहाँ होता है  पुरुष होना भी सरल कहाँ होता है। दर्द तो पुरुष को...

  • डाकिनी शैतानी आत्मा

    एक बहुत ही सुंदर और शांत गांव था। चारों ओर दूर-दूर तक फैले हरे-भरे खेत, लहलहाती...

  • श्री: संघर्ष एवं प्रेम - पाठ 10

    श्री का भाई उसे लेने आ गया था । दोनों भाई बहन अब अपने घर चले गए । हरि श्री को जा...

  • माँ और बाप - जीवन के दो अमूल्य स्तंभ

    माँ और बाप – जीवन के दो अमूल्य स्तंभसहनशीलता, सुरक्षा और सृष्टि का दिव्य संगमप्र...

  • बर्बाद इश्क प्यार खेल नहीं - एपिसोड 1

    प्यार खेल नहींएपिसोड 1 — वह रात जब सब कुछ बिखर गयामुंबई।एक ऐसा शहर जो कभी सोता न...

कुछ बातें मां बाप के दिल की । By miss k

क्या आपके अपने माता-पिता को कुछ अपशब्द कहने के बाद पछतावा हुआ ?हम अक्सर कई बार अपने माता-पिता को कहते हैं कि उन्हें कुछ पता नहीं है।उन्हें कुछ आता नहीं है।आप नहीं समझ पाओगे।आपगे जम...

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जिस जीवन में तुम थे By SHREYA INDUSHREE

कुछ लोग हमारे जीवन में कभी नहीं आते।वे हमारे घरों की चौखट नहीं लाँघते, हमारी उँगलियों को नहीं छूते, हमारे साथ तस्वीरों में नहीं दिखते।फिर भी, एक दिन जब हम अपनी स्मृतियों की अलमारी...

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शब्द और सत्य By Shivraj Bhokare

1.प्रेम या व्यापार?

जिसे तुम प्रेम कहते हो, ज़रा उसकी तह में जाकर देखो,
क्या वो रूह का मिलन है, या बस एक गहरा समझौता?
तुमने जिसे अपना कहा, क्या उसे सच में जाना है?
या अपनी अध...

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खोटा सिक्का By prem chand hembram

खोटा सिक्काफागुन का महीना था।आम के वृक्षों पर बौर आ चुके थे। पलाश के फूलों से पूरा गाँव मानो अग्नि की लालिमा से रंग उठा था। बेला की सुगंध हवा में घुलकर वातावरण को मधुर बना रही थी।...

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कोन्निचिवा: माय देसी लव By Kajal Soam

गुलाबी शहर की धूप और टोक्यो की यादें
दृश्य 1: जापान (टोक्यो) – निहाल का पेंटहाउस – सुबह का समय
टोक्यो की सुबह हमेशा की तरह मशीनी और तेज़ थी। खिड़की के बाहर चमकती मेट्रो ट्रेनें और...

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अंतर्निहित By Vrajesh Shashikant Dave

आठ वर्ष पूर्व :-

दूसरे दिन प्रात: ब्राह्म मुहूर्त से ही सेलेना की योग साधना प्रारंभ होनेवाली थी। सेलेना को रात्री भर निद्रा नहीं आई। कारण यह नहीं था कि पहाड़ पर सभी सुख सुविधा का...

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बारिश की वो पहली मुलाक़ात By July Writes

जुलाई का महीना था। आसमान कई दिनों से बादलों को थामे बैठा था, जैसे किसी इकरार का इंतज़ार कर रहा हो। और फिर उस दिन… पहली बारिश शुरू हुई।

कॉलेज की छुट्टी के बाद आईशा बस स्टॉप पर खड...

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षड्यंत्र By Ratna Pandey

" इंस्पेक्टर मैं सच कह रही हूँ। उस दिन मेरे घर पार्टी में लगभग 110 लोग आए थे। सभी मेरे दोस्त थे। खाने में चिकन करी, फिश करी और अंडा करी तीनों ही थीं। कुछ लोग चिकन नहीं खाते थे,...

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छुपा हुआ एहसास: एक अनकही कहानी By Pihu Patel

छोटे शहर का लड़का और वो पहली मुलाकात

लखनऊ से करीब दो घंटे की दूरी पर बसा एक छोटा, शांत और हरा-भरा कस्बा—'मलिहाबाद'। जहाँ सुबह-सुबह पक्षियों की चहचहाहट और मिट्टी की सोंधी...

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Divya Drishti: The unseen truth By shrutika dhole

एक साल कैसे निकल गया हमे पता ही नहीं चला। शुरुआत एक दोस्ती से हुई थी... और अब वो दोस्ती एक इम्तिहान से गुजरने वाली थी। पहले साल तक हम घर से अप-डाउन करते रहे। पर दूसरे साल में प्रैक...

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