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संस्मरण :_ अपने अपने नामवर ----------------------------------------- "तुम्...
अपने सारे मन में चल रहे विचारों को साइड रखते हुए मान्या सोफे पर बैठ जाती है... र...
रणविजय ने अंकिता को बिस्तर पर धक्का दिया और गुस्से से उसकी ओर बढ़ा। उसने उसका जब...
शहद की गुड़िया - प्रकरण -61 " दादू! अर्जु...
पुस्तक चर्चाप्रबोध जी पर विभिन्न एंगल से साहित्यिक सामाजिक शोध बोध चर्चा : विवेक...
आर्यमन की उलझन और पिघलती बर्फआर्यमन का आंतरिक संघर्षपूरे दिन कानपुर की गलियों मे...
धर्मराज की सभाप्रथम अध्याय : यमलोक की आपातकालीन सभापृथ्वी पर पाप, भ्रष्टाचार, छल...
अनिकेत के हाथ काँप रहे थे।मोबाइल की स्क्रीन पर अब भी वही संदेश चमक रहा था—"पीछे...
अशोक का परिवर्तन – युद्ध से करुणा तक”भारत की धरती हमेशा से वीरता, ज्ञान और त्या...
जिंदगी की दूसरा किनारा पार्ट 24और वही मालिका मुस्कुराते हुए अपने बलखाती हुए कदमो...
कलावती हॉस्पिटल के लेबर रूम में प्रसव पीड़ा को चुपचाप सहन कर रही थी रेशमा… ना कोई चीख, ना चित्कार… बस चेहरे पर एक अजीब सी शांति थी। पीला पड़ा चेहरा और सफेद होती आँखें किसी और ही...
उत्तर प्रदेश के छोटे से गांव मेहनूपुर की मिट्टी की खुशबू कहानीकहानी की शुरुआत: मेहनूपुर की गलियांमेहनूपुर एक ऐसा गांव है जहां सूरज की पहली किरण के साथ ही हल की आवाजें गूँजने लगती ह...
क्या आपके अपने माता-पिता को कुछ अपशब्द कहने के बाद पछतावा हुआ ?हम अक्सर कई बार अपने माता-पिता को कहते हैं कि उन्हें कुछ पता नहीं है।उन्हें कुछ आता नहीं है।आप नहीं समझ पाओगे।आपगे जम...
रात, जिसने शहर की नींद छीन ली रात के दो बजकर सत्रह मिनट। अर्जुनपुर शहर सो रहा था। सड़कें लगभग खाली थीं। कहीं-कहीं स्ट्रीट लाइट की पीली रोशनी बारिश से भीगी सड़क पर पड़ रही...
कानपुर की कड़कड़ाती ठंड में जब सूरज की पहली किरण गंगा के घाटों को छूती है, तब शहर के बीचों-बीच खड़ी 'गोयंका हवेली' अपनी भव्यता के साथ जागती है। यह सिर्फ एक घर नहीं, बल्क...
में और मेरे अहसास भाग-१ *** ईश्क में तेरे जोगन बन गई lआज राधा जोगन बन गई ll *** गरघर कीदीवार केकर्णहोतेकोई घरखड़ाना होता ll *** काटे नहीं कटता एक पल यहां lकैसे कटेगी एक उम्र भला यहा...
यह कहानी एक काल्पनिक सुपरहीरो से प्रेरित है, लेकिन इसके किरदार और जज़्बात पूरी तरह से मौलिक हैं।" लेखक _समीर खान क़िस्त 1: शिकागो की ठंडी धूप शिकागो की शाम और ऊपर से गिर...
अध्याय 1: रणविजय शेखावत उसका नाम रणविजय शेखावत है। पूरी दुनिया उसे एक बेरहम, पत्थर दिल और 'कोल्ड प्रिंस' के नाम से जानती है। वह सिर्फ एक हैंडसम बैचलर ही नहीं, बल्कि अंडर...
नवंबर की हल्की ठंड... और मीठी-सी धूप में... आँगन में बैठी महक अपने गीले बालों को सुखाते हुए कुछ गुनगुना रही थी। तभी अंदर से फोन की आवाज़ आई... ? "ट्रिन ट्रिन... ट्रिन ट...
दुनिया में दो तरह की डरावनी कहानियाँ होती हैं।एक, जिन्हें लोग खुद बना लेते हैं...और दूसरी, जिनके बारे में लोग इसलिए बात करना छोड़ देते हैं क्योंकि वे सच होती हैं।आरोही शर्मा ने कभ...
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