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Featured Books

कशमकश By Deepak Ram

अध्याय 1: कलाई पर ठहरती कशमकश

1.1 धुंध और धड़कनें

सुबह के ठीक पाँच बजे थे। उत्तर भारत की सड़कों पर तैरती सर्द सुबह की वो ठंडी, नम हवा ट्रेन की लोहे की खिड़की से छनकर सीधे अजय...

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अयान एक नफ़रत की आग या वजूद की तलाश By Irfan ayan Khan

चारों तरफ एक ऐसी रोशनी थी जो धूप से छनकर, हल्की सी अयान के चेहरे पर पड़ रही थी। अयान रॉय, अपनी कोठी की बालकनी में खड़ा था। हवा में, एक शाही रसूख की महक थी। उसने अपनी शर्ट की आस्तीन...

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Mitalika - Ek Adhuri Prem Kahani By fiza saifi

घना अंधेरा जंगल. रात का न जाने कौन- सा पहर था. चारों ओर ऐसा सन्नाटा पसरा हुआ था कि अपनी ही साँसों की आवाज किसी अनजान खतरे की आहट लग रही थी. आसमान को काले बादलों ने निगल लिया था और...

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गैंगस्टर अर्जुन By Sonu Rj

रात का समय था। 30 साल का गैंगस्टर अर्जुन पाँच साल बाद अपनी पुरानी सिटी लौट रहा था। उसने इन पाँच सालों में बहुत कुछ देखा था—दुश्मनी, भागदौड़ और छुपकर जीना। अब वह अपने घर वापस जाना च...

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तेरहवा द्वार By InkImagination

भाग 1

शापित हवेली

रात के ठीक 3 बजकर 13 मिनट हुए थे।

पूरा गाँव गहरी नींद में डूबा हुआ था। बाहर तेज़ हवा चल रही थी। पेड़ों की सूखी शाखाएँ एक-दूसरे से टकराकर अजीब आवाज़ें निक...

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कुछ बातें मां बाप के दिल की । By miss k

क्या आपके अपने माता-पिता को कुछ अपशब्द कहने के बाद पछतावा हुआ ?हम अक्सर कई बार अपने माता-पिता को कहते हैं कि उन्हें कुछ पता नहीं है।उन्हें कुछ आता नहीं है।आप नहीं समझ पाओगे।आपगे जम...

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जिस जीवन में तुम थे By SHREYA INDUSHREE

कुछ लोग हमारे जीवन में कभी नहीं आते।वे हमारे घरों की चौखट नहीं लाँघते, हमारी उँगलियों को नहीं छूते, हमारे साथ तस्वीरों में नहीं दिखते।फिर भी, एक दिन जब हम अपनी स्मृतियों की अलमारी...

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खोटा सिक्का By prem chand hembram

खोटा सिक्काफागुन का महीना था।आम के वृक्षों पर बौर आ चुके थे। पलाश के फूलों से पूरा गाँव मानो अग्नि की लालिमा से रंग उठा था। बेला की सुगंध हवा में घुलकर वातावरण को मधुर बना रही थी।...

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कोन्निचिवा: माय देसी लव By Kajal Soam

गुलाबी शहर की धूप और टोक्यो की यादें
दृश्य 1: जापान (टोक्यो) – निहाल का पेंटहाउस – सुबह का समय
टोक्यो की सुबह हमेशा की तरह मशीनी और तेज़ थी। खिड़की के बाहर चमकती मेट्रो ट्रेनें और...

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छुपा हुआ एहसास: एक अनकही कहानी By Pihu Patel

छोटे शहर का लड़का और वो पहली मुलाकात

लखनऊ से करीब दो घंटे की दूरी पर बसा एक छोटा, शांत और हरा-भरा कस्बा—'मलिहाबाद'। जहाँ सुबह-सुबह पक्षियों की चहचहाहट और मिट्टी की सोंधी...

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1.1 धुंध और धड़कनें

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चारों तरफ एक ऐसी रोशनी थी जो धूप से छनकर, हल्की सी अयान के चेहरे पर पड़ रही थी। अयान रॉय, अपनी कोठी की बालकनी में खड़ा था। हवा में, एक शाही रसूख की महक थी। उसने अपनी शर्ट की आस्तीन...

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