The Download Link has been successfully sent to your Mobile Number. Please Download the App.
You are welcome to the world of inspiring, thrilling and motivating stories written in your own language by the young and aspiring authors on Matrubharti. You will get a life time experience of falling in love with stories.
जानवी हैरानी से --जानवी: - और वो 50 लाख.... जो तुमने मेरे रिहाई के लिए दिए थे ?व...
Part 5: वो एहसास, जिसे नाम मिल गयारात गहरी हो चुकी थी।आसमान पर चाँद था, मगर उसकी...
आरव घर में बहुत स्ट्रीक होकर रहता था दादी को छोड़ कर सभी घर वाले उससे डरते थे आर...
---तीसरे पहर का सपना प्रस्तावनातीसरा पहर — दिन का वह समय जब सूरज अपनी तपिश खोने...
मुजरिमकमल चोपड़ाशोर-शराबा तो ऐसे मचा था जैसे कोई जीता-जागता आतंक गाँव में घुस...
काया एक शातिर दिमाग औरत थी। वह भूपेंद्र के चेहरे पर छाई हवाइयों और उसकी उखड़ी सा...
एपिसोड 28: शांति की आखिरी परीक्षा बंगले का लॉन अब पूरी तरह शांत हो चुका था। शादी...
ऋगुवेद सूक्ति-- (62) की व्याख्या "न मृष्यसे"ऋगुवेद --1/116/2हार मत मानो। सामना क...
सत्-चरित्र: सृष्टि का मूल अस्तित्वक्या आपने कभी गंभीरता से विचार किया है कि किसी...
शानवी ने जल्दी-जल्दी अपना बैग पैक किया। कपड़े…ज़रूरी सामान…और कुछ यादें…लेकिन एक...
(साउंड इफेक्ट: एक पुरानी घड़ी की 'टिक-टिक' की आवाज जो धीरे-धीरे दिल की धड़कन जैसी तेज होती है। बाहर मूसलाधार बारिश और बादलों के गरजने की गूँज।) नैरेटर: समय का पहिया अक्सर...
देवक़ेड़ा का रहस्य छत्तीसगढ़ के भिलाई शहर की चकाचौंध से लगभग 200 किलोमीटर दूर, जहाँ मोबाइल के सिग्नल साथ छोड़ देते हैं और सड़कों की जगह ऊबड़-खाबड़ पगडंडियाँ ले लेती हैं, वहाँ बसा...
" इंस्पेक्टर मैं सच कह रही हूँ। उस दिन मेरे घर पार्टी में लगभग 110 लोग आए थे। सभी मेरे दोस्त थे। खाने में चिकन करी, फिश करी और अंडा करी तीनों ही थीं। कुछ लोग चिकन नहीं खाते थे,...
अंधेरी रात, दिल्ली के आसमान पर काले बादल उमड़े हुए। लाल बिजली चमकती है। धरती पर एक अजनबी उतरा है। जिसका चेहरा इंसानों जैसा है, मगर रगों में खून नहीं आग बहती है। करण धीरे-धीरे एक...
15 अक्टूबर 2003 को दिल्ली की अस्पताल में मेरा जन्म हुआ था. उस वक़्त वक़्त तेज बारिश हो रही थी. मेरा चेहरा देखकर मेरे माता पिता खुशी से पागल हो गये थे. मैं काफ़ी शरारती थी...
मेरे ख्वाबो मे जो आए,,,, आ के मुझे छेड़ जाए,,,,, उससे कहो मेरे.... सामने तो आए,,, मेरे ख्वाबो मे जो आए ,,,,ऐ,,,,ऐ,,,, तभी माँ ने अंदर से आवाज लगाई,...
अध्याय 1: रणविजय शेखावत उसका नाम रणविजय शेखावत है। पूरी दुनिया उसे एक बेरहम, पत्थर दिल और 'कोल्ड प्रिंस' के नाम से जानती है। वह सिर्फ एक हैंडसम बैचलर ही नहीं, बल्कि अंडर...
कोलकाता: गुनाह का काला जश्न कोलकाता की वह रात आम रातों जैसी नहीं थी। 'द वेलवेट अंडरग्राउंड' नाइट क्लब के बाहर महंगी गाड़ियों का काफिला लगा था, और अंदर—शहर की चकाचौंध अ...
यह कहानी बहुत समय पहले की है ... करीब चार सौ - पांच सौ साल पहले की ................ नेपाल के सरहद से सटा भारत में एक छोटा सा गाँव था विष्णुपुर । इसी गाँव के ठीक बीचोबीच बने कु...
सुबह का समय था…हल्की-हल्की ठंडी हवा चल रही थी…मंदिर की घंटियों की मधुर आवाज़ पूरे माहौल को पवित्र बना रही थी…राधा-कृष्ण के मंदिर में आज कुछ खास शांति थी…उसी मंदिर के दरवाज़े पर एक...
लॉग इन करें
लॉगिन से आप मातृभारती के "उपयोग के नियम" और "गोपनीयता नीति" से अपनी सहमती प्रकट करते हैं.
वेरिफिकेशन
ऐप डाउनलोड करें
ऐप डाउनलोड करने के लिए लिंक प्राप्त करें
Copyright © 2026, Matrubharti Technologies Pvt. Ltd. All Rights Reserved | Powered by Nichetech.
Please enable javascript on your browser