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कमरे में हल्की रोशनी है। Shreya मुश्किल से चल रही है। Karan चुपचाप उसे देखता है,...
भारतीय नारीत्व : माँ, पत्नी और महागुरु आधुनिक समानता-वाद स्त्री को पुरुष की नक...
चित्तौड़ का तीसरा साका : अकबर का पैशाचिक रूप, मेवाड़ सदा के लिए आहत(25 फरवरी, 15...
शहद शहद की गुड़िया - प्रकरण 55 ...
काश हम अजनबी होते तो खुश होतेरात के दो बज चुके थे। दिसंबर की सर्द हवाएं खिड़की क...
स्नोसिटी रात का वक्त : नशे में धुत होकर खुश होती धरुविका नहीं जानती थी ! कि वो क...
फिर ज़ेबा ने वहाँ रहते हुये अपने जवानी का जादू चलाना सुरु कर दिया था. उसे उन दहश...
■■ मेंरे जीवन के सुनहरे गर्मी के दिन ■■️ Written by H. K. Bharadwaj_____________...
वाजिद हुसैन सिद्दीक़ी की कहानी घर का छोटा सा कमरा-एक अलमारी, कुछ...
शहर की रंगीन रोशनियाँ भाग – 02 (अनकही आँखों की कहानी) ️ Written by H. K. Bh...
Karan Thakur उम्र (26) – शांत, समझदार, काबिल AI इंजीनियर। Kabir Thakur उम्र (25) – चुलबुला, मासूम, तेज दिमाग वाला AI डेवलपर। Shreya Sharma उम्र (23) – सरल, भोली, सुंदर AI इंज...
बाल्यकाल एवं यौवन सांगा की हत्या के उपरांत मेवाड़ में सत्ता पाने के लिए गृहयुद्ध छिड़ गया। उस काल का संक्षिप्त विवरण इसलिए आवश्यक हो जाता है, क्योंकि इस गृहयुद्ध का प्रताप के जीवन...
15 अक्टूबर 2003 को दिल्ली की अस्पताल में मेरा जम्म हुआ था. उस वक़्त वक़्त तेज बारिश हो रही थी.मुझे देखकर मेरे माता पीता खुश हो गये थे. मैं काफ़ी शरारती थी. नर्स ने मुझे प...
एक घर… जो गहरे अंधेरे में डूबा था। चारों तरफ़ एक भयावह सन्नाटा पसरा हुआ था। सिर्फ़ घड़ी की टिक-टिक… टिक-टिक… उस सन्नाटे को चीर रही थी। घर के एक कोने में एक ग्यारह साल की बच्ची...
खिड़की खुली जरा, जरा परदा सरक गया बहोत ही खबसूरत सा गाना सोनू नीगम का गाया हुआ रेडिओ पर बज रहा था और तभी रोडपर हंगामा हो गया. कोई राह चलता हुआ युवक एक महिला से टकरा गया जो सब्जीमंड...
उत्तर प्रदेश के बदायूँ जनपद के एक छोटे से गाँव में रहने वाला किशोर एक सीधा-सादा, शांत और संस्कारी युवक था।गाँव की मिट्टी की सोंधी खुशबू, खेतों में लहलहाती फसलें, नीम के पेड़ों की छ...
यह कहानी एक काल्पनिक सुपरहीरो से प्रेरित है, लेकिन इसके किरदार और जज़्बात पूरी तरह से मौलिक हैं।" लेखक _समीर खान क़िस्त 1: शिकागो की ठंडी धूप शिकागो की शाम और ऊपर से गिर...
लोग कहते हैं कि जीवन में पैसा ही सब कुछ होता है। यह बात मैं नहीं कहता—मेरे आसपास के सभी लोग कहते हैं। बचपन से ही मैं यह सुनता आया था कि अगर आपके पास पैसा हो, तो जीवन की हर चीज आसान...
नवंबर की हल्की ठंड... और मीठी-सी धूप में... आँगन में बैठी महक अपने गीले बालों को सुखाते हुए कुछ गुनगुना रही थी। तभी अंदर से फोन की आवाज़ आई... ? "ट्रिन ट्रिन... ट्रिन ट...
अक्सर आपके मन में एक सवाल आता होगा कि आख़िर में क्षत्रिय में क्यों पैदा हुआ? या ब्राह्मण परिवार में क्यों पैदा हुआ उसका आख़िर मुझे क्या फ़ायदा? इससे तो अच्छा मैं किसी भी जाति म...
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