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जानवी आदित्य की और एक टक नजरो से दैखती रहती है आदित्य जानवी से पूछता है --आदित्य...
नवंबर का महीना था। ठंड से भरी सुबह में ऊपर वाले कमरे की खिड़की खोलते हुए नैना बो...
विक्रम के जेल जाने के बाद मेहरा मेंशन के गलियारों में सन्नाटा तो पसर गया था, पर...
सयानी की शादी जिस दिन तय हुई, उस दिन से ही हवाओं में एक अजीब सी खामोशी थी। जब उस...
सुभम एक कंपनी में काम करता है। हंसमुख, सरल और कर्तव्यनिष्ठा के कारण जाना जा...
रुद्र इस बीच हमेशा vanishing sword technic स्किल और after image अस्ससिन स्किल का...
अधूरी किताब: एक रूहानी दास्तानएपिसोड 8: पहला लेखकमहल काँप रहा था।छत से मिट्टी और...
सुबह अभी पूरी तरह उजली नहीं हुई थी। आसमान हल्का धुंधला था, और गाँव के उस हिस्से...
एपिसोड 9: अंधेरे की परछाईखंडहर की शांतिहवेली के ढहने के बाद सब कुछ शांत हो गया थ...
भूमि सब कुछ इतना आसान नहीं होता बेटा। हमारा समाज आज भी इतना विकसित नहीं है जो घट...
वर्ष 4999 की बाद है, जब मानवता ने अपनी मानवता खो चुका था और मॉडर्न टेक्नोलॉजी की ताकत की नशे में चूर इंसानों ने खुद को भगवान से कमतर नही आक रहे थे और तभी इंसानों की हाथ लगा एक रहस्...
एपिसोड 1: वीरान हवेली की अनकही दस्तक पहाड़ों की ऊँचाइयों पर, घने चीड़ के पेड़ों के बीच छिपी हुई थी— नीलगिरी हवेली। लेकिन अब— यहाँ सिर्फ सन्नाटा था। ऐसा सन्नाटा, जो कानों...
Ghost hunter रात के 2:17 बजे दिल्ली के बाहरी इलाके में एक छोटा-सा ऑफिस बाहर से देखने पर बिल्कुल साधारण, लेकिन अंदर का माहौल अलग ही था। दीवारों पर अजीब-सी मशीनें, वायरिंग, EMF मीटर,...
खामोश हवेली का रहस्य रात के सन्नाटे को चीरती हुई अयान मल्होत्रा की महँगी एसयूवी (SUV) शहर के शोर-शराबे से दूर, उस सुनसान इलाके की ओर बढ़ रही थी जहाँ बरसों पुरानी 'ब्लैकवुड हवे...
प्रिया पाठको,, यह एक सामाजिक कहानी है । जिसे मैंने अपने शब्दों के मोती में पिरोकर माला बनाने की कोशिश की है । अपना स्नेह और आशीर्वाद बनाए रखिएगा ?? ....... .......
भाग 1 शापित हवेली रात के ठीक 3 बजकर 13 मिनट हुए थे। पूरा गाँव गहरी नींद में डूबा हुआ था। बाहर तेज़ हवा चल रही थी। पेड़ों की सूखी शाखाएँ एक-दूसरे से टकराकर अजीब आवाज़ें निक...
रात के ठीक 12 बज रहे थे। सिंहानिया ऑफिस में अफरा–तफरी मची हुई थी। हर तरफ टेंशन… बेचैनी… और एक ही डर—बॉस। किसी ने घड़ी देखते हुए कहा, “आज तो बॉस छोड़ेगे नहीं… literally खा जाए...
शाम का समय था। आसमान में काले बादल छाए हुए थे और हल्की-हल्की बारिश पूरे शहर को भिगो रही थी। रेलवे स्टेशन की पुरानी छत से पानी की बूंदें लगातार टपक रही थीं। प्लेटफॉर्म पर लोगों की भ...
इस घर में प्यार मना है… क्योंकि यहाँ प्यार ने कभी किसी को पूरा नहीं छोड़ा। या शायद… क्योंकि इस घर का मालिक प्यार से नफरत करता है। अध्याय 1— एक अनचाही शादी “संस्कृति… तैयार...
15 अक्टूबर 2003 को दिल्ली की अस्पताल में मेरा जम्म हुआ था. उस वक़्त वक़्त तेज बारिश हो रही थी.मुझे देखकर मेरे माता पीता खुश हो गये थे. मैं काफ़ी शरारती थी. नर्स ने मुझे प...
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